रबी की फसल के साथ खुले में पड़े धान के लिए नुकसानदायक साबित हो सकती है लगातार हो रही बारिश

 छत्तीसगढ़।

असल बात न्यूज़।।  

छत्तीसगढ़ राज्य में लगभग सभी स्थानों पर रह-रह कर भारी बारिश हो रही है। कहीं-कहीं ओले भी पड़ रहे हैं। पहाड़ी इलाकों में ओले पड़ रहे हैं। अभी राज्य में धान की खरीदी चल रही है, दूसरी तरफ रबी फसल की बुवाई भी हुई है।  खरीदी के बाद मंडियों में बड़े पैमाने पर धान खुले में पड़े हैं। शासन प्रशासन के लिए इस समय बारिश से यह चुनौती पैदा होती नजर आ रही है कि ऐसे कठिन समय में धान को सुरक्षित कैसे रखा जा सकेगा। दूसरी तरफ रबी की फसलों को असमय बारिश से नुकसान पहुंचने का खतरा नजर आ रहा है। 

छत्तीसगढ़ राज्य में कल रात 9:00 बजे से शुरू हुई बारिश अभी भी रह रह कर लगातार जारी है। ऐसी बारिश शुरू होने से राज्य में इस दिसंबर महीने के में सावन भादो का एहसास हो रहा है। चक्रवाती हवाओं के दबाव की वजह से मौसम बदलने यह बारिश होने की जानकारी मिली है। मौसम विशेषज्ञों ने चेतावनी दी है कि अभी आगे 3 दिन तक ऐसा ही मौसम बना रह सकता है। यह भी सही है कि धूप निकलने के बाद पूरे प्रदेश में कड़ाके की ठंड पड़ेगी। दूसरी तरफ ओमिक्रान वैरीअंट के संक्रमण का फैलाव भी बढ़ता जा रहा है। स्वास्थ्य विशेषज्ञ इस पर भी नजर रखे हुए हैं कि मौसम बदल रहा है तो उसका, corona के संक्रमण के फैलाव पर कैसा असर पड़ सकता है।



इधर मुख्यमंत्री श्री भूपेश बघेल ने जिला कलेक्टरों को असमायिक वर्षा और ओलावृष्टि से फसलों को और घरों को हुए नुकसान को देखते हुए इसका  त्वरित आकलन करने के निर्देश दिए हैं।। 

वर्षा और ओला वृष्टि से संग्रहण केन्द्रों में रखे धान को बचाने के लिए केप कव्हर लगाए जाएं तथा पानी निकासी की व्यवस्था सुनिश्चित की जाए।

मुख्यमंत्री श्री बघेल ने सभी जिलों में कोविड टेस्टिंग बढ़ाने को भी कहा है।

उन्होंने निर्देश देते हुए  कहा है कि अस्पतालों में किसी भी आकस्मिक स्थिति से निपटने के लिए सभी आवश्यक तैयारियां सुनिश्चित की जाएं।