यौन उत्पीड़न पर सेंट थॉमस महविद्यालय में व्याख्यान का आयोजन

  भिलाई।

असल बात न्यूज़।।

महिला सुरक्षा एवं महिला उत्पीड़न से बचाव के लिए जन जागरूकता लाने सेंट थॉमस महविद्यालय की यौन उत्पीड़न सुरक्षा समिति के द्वारा महिलाओं के प्रति अपराधों की रोकथाम के लिए गठित विशाखा गाइडलाइन कानून पर एक दिवसीय व्याख्यान का आयोजन किया गया| इस कार्यक्रम के मुख्य अतिथि जिला न्यायालय दुर्ग के अपराध अधिवक्ता श्री अजित पॉल थे|

 यह कार्यक्रम हिस ग्रेस डॉ. जोसेफ मार डायनोशियस मेट्रोपोलिटन एवं मैनेजर बिशप  सेंट थॉमस महाविद्यालय, भिलाई एवं सेंट थॉमस महाविद्यालय के प्रशासक रेवरेंट फादर डॉ जोशी वर्गीस की अध्यक्षता में हुआ| सर्वप्रथम सेंट थॉमस महाविद्यालय, भिलाई  के प्राचार्य डॉ एम जी  रोईमोन ने कहा कि वर्ष 2015 में सेंट थॉमस महविद्यालय ने महिला सुरक्षा एवं महिला उत्पीड़न से बचाव के लिए महविद्यालय में महिला एवं यौन उत्पीड़न सुरक्षा समिति बनाई| इसी के साथ उन्होंने प्रति वर्ष इस तरह के जागरूकता कार्यक्रम आयोजित करने के लिए समिति के सदस्यों की सराहना की| उन्होंने कहा कि यूजीसी एवं सर्वोच्च न्यायालय के दिशानिर्देशों के अनुसार सभी महाविद्यालयों को अपने क्षेत्र में महिलाओं की सुरक्षा सुनिश्चित करनी है|

 मुख्य अतिथि श्री  पॉल ने कार्यक्रम को संबोधित करते हुए कहा विशाखा गाइडलाइन कानून एवं उसके वर्तमान संशोधनों की जानकारी दी| उन्होंने छात्राओं को यह भी बताया कि कार्यक्षेत्र में उनके क्या अधिकार हैं जिसके अंतर्गत वे मौखिक, गलत इशारे एवं साइबर अपराधों के विरुद्ध अपनी शिकायत दर्ज करा सकती हैं| उन्होंने कहा कि सभी संस्थाओं के लिए अपने क्षेत्र में महिलाओं की सुरक्षा के लिए समिति बनाना एवं एक सुरक्षित वातावरण बनाना अनिवार्य है| साथ ही उन्होंने कहा की आज जिस तरह से हमारा कार्यक्षेत्र बदल रहा है एवं इसमें महिलाओं की भागीदारी निरंतर बढ़ रही है जो समाज के लिए एक अच्छा संकेत है और हमें महिलाओं का सम्मान करना चाहिए| 

कार्यक्रम की संयोजक डॉ अपर्णा घोष एवं सहसंयोजक डॉ चंदा वर्मा, समिति के  अन्य सदस्य एवं सभी कर्मचारियों एवं छात्रों ने इस कार्यक्रम में भाग लिया| डॉ मरियम जेकब द्वारा अतिथि को स्मृति चिन्ह प्रदान किया गया| सम्पूर्ण कार्यक्रम का संचालन समिति की सदस्य डॉ शीजा वर्की ने किया एवं धन्यवाद ज्ञापन डॉ अपर्णा घोष ने दिया|