चिक्की खाकर अस्वस्थ हुए बच्चे पूरी तरह स्वस्थ, अनुपात से अधिक मात्रा में खिला देने की वजह से हुआ था पेटदर्द

 

*-पेटदर्द की सूचना मिलने पर प्राथमिक जांच के लिए अस्पताल ले जाया गया, प्रारंभिक जांच और ऑब्जरवेशन के बाद पूरी तरह स्वस्थ पाए जाने पर भेज गया घर

दुर्ग ।

असल बात न्यूज़।।

 कोलिहापुरी स्कूल में चिक्की खिलाये जाने के बाद पेटदर्द की शिकायत करने वाले सभी 28 बच्चे स्वस्थ हैं। इन्हें जिला अस्पताल में प्रारंभिक जांच तथा कुछ समय ऑब्जरवेशन में रखने के बाद डिस्चार्ज कर दिया गया।इस घटना की खबर फैलने के बाद पूरे जिले में हड़कंप मर गया था और शासन प्रशासन अलर्ट में आ गए थे। अभी कोरोना के तीसरी लहर में बच्चों के ही अधिक संक्रमित होने की आशंका व्यक्त की जा रही है और जब बच्चे बीमार होने लगे तो तरह-तरह की शंकाओं को बल मिलना स्वाभाविक था और वहां अफरा-तफरी का सा माहौल निर्मित हो गया था।

 पेटदर्द की शिकायत मिलते ही इन्हें एम्बुलेंस से अस्पताल पहुंचाया गया था। उल्लेखनीय है कि शासकीय प्राथमिक शाला कोलिया पुरी ,संकुल केंद्र पुलगांव, विकासखंड दुर्ग के 169 दर्ज संख्या में उपस्थित 137 विद्यार्थियों को सोया चिक्की 11 बजे वितरित की गई थी। सोया चिक्की खाने के बाद कक्षा तीसरी एवं चौथी के विद्यार्थियों को पेट दर्द की शिकायत हुई।स्कूल स्टाफ द्वारा स्वास्थ्य विभाग को सूचना दी गई एवं कक्षा तीसरी और चौथी के 28  विद्यार्थियों  23 लड़कियां एवं 05 लड़के एंबुलेंस के माध्यम से जिला अस्पताल पहुंचाया गया जहां प्रारंभिक जांच कर 18 बच्चों को घर भेज दिया गया एवं 08 छात्राओं को अस्पताल में ऑब्जर्वेशन में रखा गया। सभी बच्चे स्वस्थ एवं सामान्य स्थिति में घर पहुंच चुके हैं।

 विकास खंड शिक्षा अधिकारी से मिली जानकारी के अनुसार शालाओं के शिक्षकों द्वारा शासन द्वारा निर्धारित मात्रा से अधिक मात्रा में चिक्की देने की बात कही गई, प्राथमिक शाला हेतु प्रति छात्र को सप्ताह में दो दिवस 20 ग्राम सोया चिक्की प्रदाय करने का निर्देश है, जबकि प्राप्त प्रतिवेदन के अनुसार बच्चों को इससे कुछ ज्यादा चिक्की वितरित की गई थी चूंकि चिक्की की आपूर्ति बीज निगम से होती है अतएव बीज निगम रायपुर  एवं संबंधित लेब द्वारा शाला मे वितरित सोया चिक्की का सैंपल प्राप्त किया गया है एवं उचित जांच कर रिपोर्ट प्रस्तुत करने के निर्देश दिए गए हैं। जिला शिक्षा अधिकारी श्री प्रवास सिंह बघेल ने बताया कि संबंधित प्रधानपाठक एवं अन्य स्टाफ के ऊपर नियमानुसार कार्यवाही की जाएगी।