प्राथमिक कृषि साख समितियों के चुनाव के लिए शुरू हो गया है घमासान

 

दुर्ग।

असल बात न्यूज़।।

हालांकि, प्राथमिक कृषि सहकारी साख समितियों के चुनाव पार्टीगत आधार पर नहीं होंगे, अर्थात यह चुनाव लड़ने वाले उम्मीदवारों को राजनीतिक पार्टियों का चुनाव चिन्ह नहीं मिलेगा लेकिन क्षेत्र के प्रमुख राजनीतिक दलों को मालूम है कि कि यह चुनाव स्थानीय स्तर पर कितना अधिक महत्वपूर्ण है तथा इस चुनाव में जीत , हार का संगठन के साथ कई मामलों पर कितना अधिक  प्रभाव पड़ता है। इसके चलते यह महत्वपूर्ण चुनाव  राजनीतिक दलों के लिए काफी प्रतिष्ठा पूर्ण बनता जा रहा है। इस चुनाव में क्षेत्र के  किसान चुनाव लड़ेंगे और वे ही वोट करेंगे और राजनीतिक दलों को मालूम है कि यहां के सभी चुनाव में किसानों की कितनी महत्वपूर्ण भूमिका है, इसके चलते राजनीतिक दलों के द्वारा सोसाइटियो में अपने प्रतिनिधियों की जीत के लिए कड़ी मेहनत की जा रही है और चुनाव के प्रत्येक कार्यक्रम पर बारीक  नजर रखी जा रही है। यहां यह चुनाव दो चरणों में होने जा रहा है और अगले सप्ताह  नामांकन भरने की प्रक्रिया  होगी।

 दुर्ग जिले में अभी  दो महत्वपूर्ण चुनाव होने हैं। एक चुनाव तो प्राथमिक कृषि सहकारी साख समितियों के सदस्यों प्रतिनिधियों को होने जा रहा है इसके चुनाव कार्यक्रम की घोषणा कर दी गई है। दूसरा चुनाव स्थानीय निकाय का चुनाव होगा जोकि नगर निगम भिलाई, नगर निगम रिसाली, नगर निगम भिलाई 3 चरोदा, और नगर पालिका जामुल में होना है जिसके  चुनाव कार्यक्रमों की घोषणा नहीं हुई है। लेकिन इसके चुनाव कार्यक्रमों के भी शीघ्र ही घोषणा हो जाने की संभावना है। स्थानीय निकाय के चुनाव शहरी क्षेत्र में होंगे जबकि प्राथमिक सहकारी सोसायटियो का चुनाव ग्रामीण इलाके में हो रहा है। माना जा रहा है कि इन दोनों चुनाव में सत्ताधारी राजनीतिक पार्टी कांग्रेस और मुख्य विपक्षी दल भाजपा अपना अपना परचम लहराने कोई कसर नहीं छोड़ने वाले हैं।

वैसे अभी प्राथमिक कृषि सहकारी साख समितियों का चुनाव सिर्फ उन सोसाइटी में होने जा रहा है जो कि नई बनी है। दुर्ग जिले के पाटन विकासखंड में पहले अठाईस सोसायटी थी। बाद में 6 नई सोसाइटी बनाई गई है । अभी इन्हीं छह नई सोसाइटी में चुनाव होने जा रहा है। इसमें फेकारी, गाड़ाडीह, सोनपुर, पाटन, सांकरा, घुघुआ, सावनी और झींट सोसाइटी शामिल है। पूरे दुर्ग जिले में प्रथम चरण में - कोड़िया (दुर्ग), कोलिहापुरी, करंजा भिलाई, मचांदुर, भेड़सर, डोड़की, घोटवानी, रौंदा, रहटादाह, बरहापुर, खिलोराकला, पाहरा, मुरमुंदा, बिरेझर, बोरीगारका, पंदर, डंगनिया, घुघवा, सावनी और दूसरे चरण में आलबरस, नवागांव, राजपुर, माटरा, नंदौरी, फेकारी, गाड़ाडीह, सोनपुर जमराव, रिसामा, चंदखुरी, पाटन, सांकरा, झींट, टेमरी, पेन्ड्रावन, लिटिया, कन्हारपुरी, देवरी सोसाइटी के सदस्यों का  चुनाव होने जा रहा है। हम सबको मालूम है कि अभी राजनीतिक तौर पर दुर्ग जिले का महत्व कितना अधिक बढ़ गया है। या चुनाव जिला सहकारी केंद्रीय बैंक के प्रतिनिधियों किसी को भी प्रभावित करेगा। बताया जाता कि आने वाले जुलाई महीने तक दुर्ग जिले में सभी सोसाइटियो के चुनाव कराए जा सकते हैं। तब अभी जो सदस्य सोसाइटी में निर्वाचित होंगे उनकी काफी महत्वपूर्ण रहेगी। अभी चुनाव के लिए आरक्षण की प्रक्रिया  का काम पूरा कर लिया गया है।

ग्रामीण स्तर के इस चुनाव को लेकर कांग्रेस और भाजपा में जमकर तैयारियां चल रही हैं। दोनों पार्टियों के द्वारा एक, एक सदस्य को टटोला जा रहा है। अपनी अपनी पार्टी के सदस्यों को पार्टी के समर्थित उम्मीदवारों को ही वोट देने को कहा जाने लगा है, आना कभी नामांकन की प्रक्रिया कुछ दिन बाद होगी।

इधर, प्राप्त जानकारी के अनुसार भारतीय जनता पार्टी ने पाटन विधानसभा क्षेत्र के अंतर्गत होने जा रहे 11 सहकारी समितियों के चुनाव संचालन के लिए चुनाव संचालकों की घोषणा कर दी है। बड़ी जिम्मेदारियां दी गई हैं तथा कार्यकर्ताओं को सोसायटी ओं के चुनाव में उन्हें पूरा सहयोग करने को कहा गया है। कांग्रेस भी इस मामले में कहीं पीछे नहीं है। कांग्रेस  की अंदरूनी तैयारियां काफी पहले से चल रही है।  कांग्रेस के लिए यह चुनाव कई वजहों से और अधिक महत्वपूर्ण बन गया है।