पुरानी पहचान पर निरंतर कायम, बृजमोहन अग्रवाल

 निश्चित तौर पर सत्ता में नहीं रहने पर कई तरह की अड़चने आती हैं। कठिनाइयों का सामना करना पड़ता है। संसाधनों की कमी का सामना करना पड़ता है। सिग्नेचरी अथॉरिटी नहीं होने से कई बातें अनसुनी भी हो जाती हैं। ऐसे समय में सबको साथ लेकर चलने, जरूरत में सबकी मदद करने , सब की खुशियों में शामिल होकर अपने कार्यकर्ताओं का उत्साह वर्धन करना भी आसान नहीं  रह जाता। विधायक और पूर्व मंत्री बृजमोहन अग्रवाल ने संभवत ऐसी दिक्कतों की कभी परवाह नहीं की । उनके हाथ आज भी जरूरतमंद लोगों की मदद के लिए वैसे ही तैयार रहते हैं, आगे बढ़ जाते हैं जैसा कि वे जब सत्ता में थे तब मदद किया करते थे।

रायपुर।

असल बात न्यूज़।।

0 विशेष संवाददाता

सत्ता में नहीं रह जाने पर कई राजनेताओं जनप्रतिनिधियों को आम लोगों से दूर भागते मुंह छिपाते, कार्यकर्ताओं से भी दूर होते देखा जाता है। ऐसा सिर्फ एक, दो जगह नहीं होता हर जगह ऐसे ही हालात नजर आते हैं। चाहे व केंद्र की राजनीति हो अथवा प्रदेश की। जिन्हे सत्ता से दूर कर दिया गया होता है उनकी भी शिकायत रहती है कि  चुनाव में हार गए तो लोगों की मदद करने वे ही क्यों आगे आए। सत्ता से दूर हो जाने के बाद राजनीति से जुड़े लोगों को  आम लोगों , यहां तक की कार्यकर्ताओं से भी लगातार संपर्क बनाए रखना काफी कठिन हो जाता है क्योंकि यह काफी खर्चीला भी होता है।

पूर्व मंत्री तथा रायपुर दक्षिण के विधायक जब सत्ता में थे तो उनके जन् दर्शन कार्यक्रम में भारी भीड़ लगती थी। इसमें कमजोर वर्ग के जरूरतमंद लोगों की भी बड़ी संख्या होती है। श्री अग्रवाल ने इन जरूरतमंदों को कभी निराश नहीं किया।  अपने स्तर पर जैसा कि बताया जाता है उन्होंने हमेशा हर संभव मदद करने की कोशिश की है। इसका एक असर यह हुआ कि उनके जनदर्शन कार्यक्रम में लोगों की भीड़ लगातार बढ़ती गई। यह समझा जा सकता है कि जब वे सत्ता में थे तो लोगों की मदद करना स्वभाविक तौर पर आसान था। अभी वे विधायक हैं लेकिन उनकी पार्टी सत्ता में नहीं है। बाहर हाल अभी भी उनके जनदर्शन से शायद ही किसी को निराश होकर जाते देखा गया होगा।

जनदर्शन कार्यक्रम में लोग तरह तरह की मदद के लिए, जरूरत लेकर पहुंचते हैं। किसी को इलाज के लिए सहायता चाहिए तो किसी को बच्चों की पढ़ाई के लिए। यह माना जाता है कि श्री अग्रवाल की धार्मिक आस्था भी बहुत मजबूत रही है। वे हमेशा प्रत्येक धार्मिक कार्यों में भी बढ़ चढ़कर हिस्सा लेते रहे हैं। छत्तीसगढ़ में राजीव कुंभ के शुभारंभ में भी उनका बड़ा योगदान रहा है।

अभी दीपावली का त्यौहार है। भारतीयों का यह सबसे बड़ा त्यौहार है। यह त्यौहार लोगों के घर खुशियां लेकर आता है। बच्चे पटाखे फोड़ते हैं मिठाइयां बांटी जाती हैं। विधायक श्री अग्रवाल हिंदुओं के इस पवित्र त्यौहार के अवसर पर लोगों की खुशियों की खुशियां बढ़ाने त्यौहार में रौनक लाने के लिए कार्यकर्ताओं, जरूरतमंद लोगों, मिठाईयां तथा पटाखे उपलब्ध करा रहे हैं। इस पुनीत कार्य में वे  लगभग प्रत्येक वर्ष सहज ही तत्पर रहते हैं। संभवत उनसे इस दौरान हजारों लोगों को सहयोग मिल जाता है। त्योहार के अवसर पर यह छोटा लेकिन जरूरत के अनुसार बहुमूल्य सहयोग प्राप्त हो जाने से त्योहार पर लोगों की  खुशियां, उत्साह  कई गुना बढ़ जाता है। मिठाई और पटाखे लेकर लोग, उन्हें भी आशीर्वाद देते हुए आगे बढ़ जाते हैं।

 उनके ऐसे मदद करने का सिलसिला कब से चल रहा है यह तो नहीं मालूम, लेकिन अभी तो निरंतर जारी है। अपने जनप्रतिनिधि से सहयोग मिलने से लोगों के चेहरे पर  खुशियां आ ही जाती है। यह त्यौहार का असर है तो पूरे परिवार की खुशियां बढ़ रही है। लोगों के चेहरे पर ऐसी खुशियां और चमक, सहयोग करने वाले जनप्रतिनिधि के दिल को जरूर राहत और संतोष प्रदान करती होंगी। अकूत संपत्ति, भारी धन तो कईयों के पास होता है लेकिन ऐसा सहयोग करने के लिए वास्तव में बड़ा दिल भी चाहिए।




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