कोरोना संकट से उपजा अवसाद अभी भी ले रहा है जान, छत्तीसगढ़ में एक विधायक और दो पूर्व विधायकों का 2 महीने में अंतराल में निधन

देशभर के स्वास्थ्य विशेषज्ञों ने इसकी चेतावनी हमें काफी पहले से ही दे दी थी कि कोविड-19 के संक्रमण के दुष्प्रभाव लंबे समय तक दिखते रहेंगे। जो  संक्रमित हुए हैं उनके  शरीर पर covid-19 virus का दुष्प्रभाव लंबे समय तक बना रह सकता है और हमें इससे जूझना पड़ेगा। इस दौरान पीड़ित को बड़े मानसिक तनाव का भी सामना करना पड़ सकता है। छत्तीसगढ़ में भी इस तरह के मामले लगातार सामने आ रहे हैं। ऐसी कई खबरें सामने आई है जिसमें पता चला है कि यहां कई लोगों ने कोविड-19 से पैदा मानसिक तनाव की वजह से मौत को गले लगा। अचानक हार्ट अटैक से भी बड़े नुकसान का सामना करना पड़ा है।

रायपुर, दुर्ग।

असल बात न्यूज।।

छत्तीसगढ़ राज्य में सिर्फ 2 महीने के अंतराल में एक  विधायक और दो पूर्व विधायको का निधन हो गया है। यह अत्यंत सामान्य मामला नहीं है। इस मामले को राज्य में स्वास्थ्य सुविधाओं की कमी से भी जोड़कर देखा जा रहा है तो  ये चिंताजनक मामले कहीं न कहीं कोरोना संकट की दूसरी लहर से भी जुड़े हुए प्रतीत हो रहे हैं। स्वास्थ्य विशेषज्ञों ने शरुआत से ही चेतावनी दी थी कि कोरोना के संक्रमण का प्रभाव लंबे समय तक लोगों के शरीर में बना रह सकता है तथा इससे उबर पाने के लिए मानसिक तौर पर मजबूत रहना होगा। जिन विधायक राजिंदर पाल सिंह भाटिया ने कोरोना से संक्रमित हो जाने तथा उसकी परेशानियों से लंबे समय तक उबर नहीं पाने के चलते आत्महत्या कर ली। बताया जाता है कि वह भी लंबे समय से मानसिक अवसाद से गिरे हुए थे।

छत्तीसगढ़ राज्य अपने ऊर्जावान जनप्रतिनिधियों के अकस्मात निधन को देख रहा है। कई सवाल भी उठ रहे हैं जिनका जवाब शायद ही किसी के पास हो।राजिंदर पाल सिंह भाटिया अत्यंत जीवट, जुझारू व्यक्ति थे। कोरोना ने उन्हें ऐसे परेशान किया, जिससे उन्हें शायद लगने लगा कि वे इस से बच नहीं सकेंगे। अत्यंत दुख की बात है कि इन कठिन परिस्थितियों से लड़ते हुए उन्होंने स्वयं  हार मान ली और स्वयं मौत को गले लगा लिया।अब युवा ऊर्जावान विधायक देवराज सिंह का आकस्मिक स्वर्गवास हो गया है। उनका हृदयाघात से निधन हुआ है। कोरोना के बाद जिस तरह की परिस्थितियां पैदा हुई हैं उसमें मानसिक तनाव बढ़ने, हृदय को नुकसान पहुंचने, श्वसन  तंत्र के कमजोर होने की बहुत अधिक आशंका व्यक्त की गई है।

इस बीच में राज्य के पूर्व युवा विधायक युद्धवीर सिंह जूदेव की भी मौत हो गई जिसने सभी को हिला कर रख दिया। हमें मिली जानकारी के अनुसार विधायक देव व्रत सिंह भी  कोरोना से संक्रमित खेत था उसके बाद से उन्हें शारीरिक समस्याओं का भी सामना करना पड़ रहा था। ऐसे संघर्षों के  बीच हमने एक युवा विधायक खो दिया।

   श्री सिंह का कम उम्र में निधन प्रदेश की राजनीति को अपूरणीय क्षति है। श्री देवव्रत सिंह खैरागढ़ विधानसभा से चार बार विधायक और एक बार राजनांदगांव लोकसभा क्षेत्र से सांसद रहे हैं। 


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