सेंट थॉमस महाविद्यालय में प्रोफेशनल बिज़नेस स्किल्स विषय पर सर्टिफिकेट कार्यक्रम का उदघाटन

 

भिलाई।

असल बात न्यूज।।

सेंट थॉमस महाविद्यालय के प्रबंधन विभाग द्वारा कलिंगा विश्वविद्यालय के संयुक्त तत्वावधान में प्रोफेशनल बिज़नेस स्किल्स विषय पर सर्टिफिकेट कार्यक्रम आयोजित किया गया है| इसके उद्घाटन समारोह में कलिंगा विश्वविद्यालय के कुलपति डॉ आर. श्रीधर मुख्य अतिथि  थे|

कार्यक्रम में सर्वप्रथम प्रबंधन विभाग की विभागाध्यक्ष डॉ. सुसन आर. अब्राहम ने सर्टिफिकेट कार्यक्रम की रुपरेखा प्रस्तुत करते हुए कहा कि सेंट थॉमस महाविद्यालय सदैव ही  बदलते उद्योग जगत में छात्रों के सर्वागीण विकास के लिए समर्पित है| महाविद्यालय के प्राचार्य डॉ एम. जी. रोईमोन ने सभी अतिथियों का स्वागत करते हुए प्रबंधन विभाग को इस कार्यक्रम के सफल आयोजन के लिए अपनी शुभकामनायें दी| महाविद्यालय के मैनेजर बिशप हिस ग्रेस डॉ जोसेफ मार डायनोशियस एवं प्रशासक रेवरेंट फादर डॉ जोशी वर्गीस ने प्रबंधन विभाग के प्रयासों की सराहना की|

 मुख्य अतिथि डॉ आर. श्रीधर ने मुख्य रूप से कोरोना महामारी की परिस्थिति की चर्चा करते हुए कहा कि भारत सरकार की प्रत्यक्ष विदेश निति के अनुसार विभिन्न देशों के लोग भारत में आकर कंपनियों की स्थापना कर रहे हैं| इस प्रकार अब एक युवा को केवल भारतीय कम्पनी के अनुसार ही नहीं वैश्विक स्तर पर कंपनी में चयन की तैयारी करनी है और इसके लिए अंग्रेजी भाषा संचार का सर्वोत्तम माध्यम है| अतः इसके अनुसार एक युवा को संचार कला, रिज़्यूमे, इंटरव्यू कला एवं ग्राहक के साथ तालमेल बैठाने संबंधी जानकारी प्राप्त करना आवश्यक है एवं इसके लिए बिज़नेस स्किल्स ज़रूरी है| कार्यक्रम के मुख्य वक्ता श्री शंकराचार्य कैंपस के निदेशक डॉ पी. बी. देशमुख ने कहा कि स्किल विकास केवल व्यापार से ही संबंधित नहीं है अपितु व्यावसायिक एवं राष्ट्रीय विकास के लिए भी आवश्यक है| आज के समय में व्यावसायिक कार्यक्रमों के स्वरूप में महत्वपूर्ण परिवर्तन हुआ है| उन्होंने जीवनकलाओ जैसे समय प्रबंधन, एकाग्रता, एवं सही व्यवहार रखने पर ज़ोर दिया| किसी भी कला को सीखने के लिए पहले उसे समझना आवश्यक है एवं उसके पश्चात् निरतंर अभ्यास करना चाहिए| सभी प्रतिभागियों ने कार्यक्रम के दौरान अभूतपूर्व ज्ञान प्राप्त किया एवं प्रश्न पूछकर अपनी शंकाओं का समाधान किया|

 कार्यक्रम का सफल संचालन प्रबंधन विभाग के सहायक प्राध्यापक महेंद्र इखार एवं आकाश ताम्रकार के द्वारा किया गया एवं धन्यवाद ज्ञापन महेंद्र इखार के द्वारा किया गया|