देश में खड़ा हो रहा है नया बिजली आपूर्ति विवाद,विवाद पैदा करने सक्रिय हैं तमाम ताकते

 

राज्यों को सीजीएस की आवंटित बिजली का उपयोग केवल अपने उपभोक्ताओं की बिजली की आवश्यकता को पूरा करने के लिए उपयोग करने  कहा गया

नई दिल्ली, छत्तीसगढ़।
असल बात न्यूज़।।
0  विशेष संवाददाता

देश में अब नया बिजली  आपूर्ति विवाद खड़ा होता नजर आ रहा है। ऐसी खबर आ रही है कुछ राज्य अपने उपभोक्ताओं को बिजली की आपूर्ति नहीं कर रहे हैं और लोड शेडिंग लगा रहे हैं। साथ ही पावर एक्सचेंज में भी ऊंचे दाम पर बिजली बेच रहे हैं।अभी बिजली की जरूरतें और खपत लगातार बढ़ती जा रही है। ऐसे में देश के बड़े बिजली उत्पादक राज्यों का रूप काफी महत्वपूर्ण साबित हो सकता है जिसमें छत्तीसगढ़ में शामिल है। या कहा जा रहा है कि राज्यों को अपने उपभोक्ताओं को सर्वप्रथम बिजली उपलब्ध करानी चाहिए इसके बाद बिजली बेची जानी चाहिए।

पिछले कुछ महीनों से कुछ राज्यों से बिजली की कटौती बढ़ने की खबरें आ रही हैं। उपभोक्ताओं को बिजली नहीं मिल रही है जबकि उन्हें 24, 7 घंटे बिजली उपलब्ध कराने की नीति बनाई गई है। असल में उद्योगों की जरूरत है बढ़ गई हैं उनके द्वारा अधिक बिजली की मांग की जा रही है इसलिए कई राज्यों में महंगे दरों पर उद्योगों को बिजली बेची जा रही है। उद्योगों को यह बिजली उपभोक्ताओं को दी जाने वाली बिजली की में से कटौती कर दी जा रही है। ऐसे में उपभोक्ताओं को बिजली कटौती से जूझना पड़ रहा है। सरकार के द्वारा ऐसी विसंगतियों को देखते हुए कहा गया है कि  कोई राज्य यह पाया जाता है कि वे अपने उपभोक्ताओं की सेवा नहीं कर रहे हैं और बिजली एक्सचेंजों में उच्च दर पर बिजली बेच रहे हैं, तो ऐसे राज्यों की आवंटित बिजली वापस ले ली जाएगी और अन्य जरूरतमंद राज्यों को आवंटित कर दी जाएगी।

केंद्र सरकार के विद्युत मंत्रालय के ध्यान में लाया गया है कि कुछ राज्य अपने उपभोक्ताओं को बिजली की आपूर्ति नहीं कर रहे हैं और लोड शेडिंग लगा रहे हैं। साथ ही पावर एक्सचेंज में भी ऊंचे दाम पर बिजली बेच रहे हैं।

बिजली के आवंटन के दिशा-निर्देशों के अनुसार, केंद्रीय उत्पादन स्टेशनों (सीजीएस) से 15% बिजली को "अनआबंटित बिजली" के तहत रखा जाता है, जिसे केंद्र सरकार द्वारा उपभोक्ताओं की बिजली की आवश्यकता को पूरा करने के लिए जरूरतमंद राज्यों को आवंटित किया जाता है।

उपभोक्ताओं को बिजली की आपूर्ति करने की जिम्मेदारी वितरण कंपनियों की है और उन्हें पहले अपने उपभोक्ताओं की सेवा करनी चाहिए जिन्हें 24x7 बिजली प्राप्त करने का अधिकार है। इस प्रकार, वितरण कंपनियों को बिजली एक्सचेंज में बिजली नहीं बेचनी चाहिए और अपने स्वयं के उपभोक्ताओं को बिजली कटौती से परेशान नहीं रखना चाहिए।

इसलिए राज्यों से राज्य के उपभोक्ताओं को बिजली की आपूर्ति के लिए आवंटित बिजली का उपयोग करने का अनुरोध किया गया है। अधिशेष बिजली के मामले में, राज्यों से अनुरोध किया गया है कि वे भारत सरकार को सूचित करें ताकि यह शक्ति अन्य जरूरतमंद राज्यों को पुन: आवंटित की जा सके।

यदि कोई राज्य यह पाया जाता है कि वे अपने उपभोक्ताओं की सेवा नहीं कर रहे हैं और बिजली एक्सचेंजों में उच्च दर पर बिजली बेच रहे हैं, तो ऐसे राज्यों की आवंटित बिजली वापस ले ली जाएगी और अन्य जरूरतमंद राज्यों को आवंटित कर दी जाएगी।