स्वरूपानंद महाविद्यालय में रसायन विभाग द्वारा “दैनिक जीवन में रसायन विषय पर अतिथि व्याख्यान” का आयोजन

 

भिलाई।

असल बात न्यूज।।

स्वामी श्री स्वरूपानंद सरस्वती महाविद्यालय हुडको में रसायन विभाग एवं आइ. क्यू. एसी. के संयुक्त तत्वाधान में दैनिक जीवन में रसायन विषय पर अतिथि व्याख्यान का आयोजन किया गया जिसमें वक्ता के रूप में डॉ. सरबजोत कौर मक्कड़, सहायक प्राध्यापक रसायन शास्त्र विभाग शासकीय नागार्जुन स्नातकोत्तर महाविद्यालय रायपुर थे I कार्यक्रम के उद्देश्यों पर प्रकाश डालते हुए  रजनी मुदलियार विभागाध्यक्ष रसायन ने कहा की आज के बदलते हुए परिवेश में हमारे पाठ्यक्रम से संबंधित रसायन दैनिक जीवन से भी महत्वपूर्ण रूप से संबंधित हैं अतः विषय के प्रति जागरूकता उत्पन्न करने के उद्देश्य से कार्यक्रम का आयोजन किया गया I 

अपने उद्बोधन में डॉक्टर सरबजोत कौर ने बताया कि कॉफी या चाय में कैफीन उपस्थित होता है जो हमारे शरीर में उपस्थित अमीनो अम्ल एडिनोसिन की मात्रा बढ़ाता है एडिनोसिन की मात्रा बढ़ने से हमारे शरीर में डोपामाइन हार्मोन की मात्रा बढ़ जाती है तथा हमें प्रसन्नता का अनुभव होता है I डॉ सरबजोत बताया कि सूर्य की हानिकारक अल्ट्रावायलेट विकिरणों से त्वचा को होने वाले नुकसान से बचाने के लिए सनस्क्रीन के उपयोग के महत्व को समझाया उन्होंने बताया कि एसपीएफ 15 तथा एसपीएफ 30 वाली सनस्क्रीन लोशन सूर्य की किरणों से क्रमशः 93 % तथा 97% सुरक्षा प्रदान करते हैं तथा सनस्क्रीन में रसायन जिंक ऑक्साइड व टाइटेनियम डाइऑक्साइड तथा ओक्टील मेथाक्सी सिन्नामेट व ऑक्सीबेंजोन नामक रसायन उपस्थित होते हैं जो सूर्य की हानिकारक किरणों को परावर्तित कर देते हैं तथा सनबर्न होने से बचाते हैं अतः हमें सनस्क्रीन का उपयोग दैनिक जीवन में करना चाहिए I 

महाविद्यालय के सीओओ डॉ दीपक शर्मा प्राचार्य डॉक्टर हंसा शुक्ला एवं उप प्राचार्य डॉक्टर हज़रा हुसैन ने कार्यक्रम की सराहना करते हुए कहा कि इस तरह के आयोजन बच्चों के सामान्य ज्ञान को बढ़ाने के लिए आवश्यक है इस तरह के आयोजन करने के लिए रसायन विभाग की सराहना एवं बधाई दी I कार्यक्रम में मंच संचालन डॉ रजनी मुदलियार विभागाध्यक्ष रसायन शास्त्र व धन्यवाद ज्ञापन सहायक प्राध्यपक डॉ मिथिलेश रसायन विभाग ने दिया|

आइक्यूएसी प्रभारी निहारिका देवांगन तथा श्रीमती सुनीता शर्मा विभागाध्यक्ष जूलॉजी विभाग तथा सहायक प्राध्यपक श्रीमती मोनिका मेश्राम रसायन विभाग ने कार्यक्रम को सफल बनाने में विशेष योगदान दिया|