कोंडागांव कांड में सभी 10 आरोपियों को न्यायिक रिमांड पर भेजा गया जेल, पुलिस अधिकारियों पर ही हमले से आम लोग सकते में, विपक्ष को मिला बड़ा मुद्दा, राजनीतिक माहौल सरगर्म, कई नेताओं के कोंडा गांव पहुंचने की तैयारी

 रायपुर,जगदलपुर।

असल बात न्यूज।।

राज्य के कोंडागांव जिले में राजनीतिक दलों से जुड़े युवकों के द्वारा गरबा मेला में पुलिस अधिकारियों और जवानों पर हमला करने के मामले में 10 लोगों को गिरफ्तार कर 15 दिनों की न्यायिक रिमांड पर जेल भेज दिया गया है। पुलिस के द्वारा इस मामले में कड़ी कार्रवाई की जा रही है । इधर राजनीतिक दलों से जुड़े युवकों के द्वारा पुलिस पर इस तरह से हमला करने से राजनीतिक गलियारे में भी बड़ा घमासान शुरू होता नजर आ रहा है। विपक्ष के लिए  यह बड़ा मुद्दा मिल गया है और इससे सरकार को चारों तरफ से घेरने की तैयारी शुरू की जा रही है। पता चला है कि  इस मामले में विरोध  प्रदर्शन के लिए कुछ बड़े नेता कोंडा गांव भी पहुंच सकते हैं।उधर जिन आरोपियों ने यह हमला क्या है बताया जा रहा है कि उनमें से कुछ पर पहले से भी विभिन्न अपराध दर्ज हैं जिनमें कार्रवाई  चल रही है।

स्थानीय पुलिस से मिली जानकारी के अनुसार हमला करने वाले सभी आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया गया है। आरोपी युवकों के खिलाफ गैर जमानती य धाराओं के तहत अपराध दर्ज किया गया है। आरोपियों को 15 दिन की न्यायिक रिमांड पर जेल भेज दिया गया है। घायलों का अस्पताल में इलाज कराया गया है। पुलिस प्रशासन ने आम लोगों से शांति बनाए रखने की अपील की है।

पुलिस तथा अन्य सूत्रों से प्राप्त जानकारी के अनुसार कोंडागांव में यह घटना विकास नगर स्थित स्टेडियम में  गरबा में विवाद व हंगामा कर रहे युवाओ को रोकने की कार्रवाई के दौरान हुई। कुछ युवक वहां उत्पात मचा रहे थे तो (DSP) एसडीओपी  हंगामा कर रहे युवकों को नियंत्रित करने तथा कानून व्यवस्था बनाए रखने के लिए वहां पहुंचे थे।इसी दौरान आरोपी युवकों ने एसडीओपी की जमकर पिटाई कर दी। बताया था कि आरोपी सभी युवक उस दौरान   नशे में।  आरोपी युवकों में मुख्य आरोपी का नाम सिद्धार्थ श्रीवास्तव बताया जाता है जोकि कांग्रेस के एक जिम्मेदार पदाधिकारी  का पुत्र है। 

स्थानीय पुलिस को  यहां करीब 12 बजे रात को  हंगामे की सूचना मिली। इस सूचना पर एसडीओपी निमितेश सिंग परिहार मौके पर पहुँचे और हंगामा को शांत कराने की कोशिश की।  तभी  एक युवक ने उनसे  विवाद करते हुए मारपीट शुरू कर दी। बताया जाता है विवाद होता देख एसडीओपी का वाहन चालक बीच बचाव करने पहुंचा तो आरोपी ने उसका मोबाईल छीनकर जमीन पर पटक दिया। साथ ही बीच बचाव करने आये डीएसपी नक्सल ऑपरेशन सतीश भार्गव के साथ भी नशे में धुत्त आरोपियों ने हुज्जत की। 

पुलिस ने मामले में  सिद्धार्थ श्रीवास्तव, आदित्य माने, गौरव संचेती, अंकित शर्मा, शुभम साहा, नितिन कटियारा, निखिल चौहान, नितिन घोष, कृष्ण कुमार और गौतम गायकवाड़ इन 10 युवाओं के खिलाफ धारा 147,149,186,353,294,506,323,307 IPC, SC/ST एक्ट धारा 3(1)(द)(ध),3(2)(वी क) के तहत अपराध कायम कर सभी 10 आरोपियो को गिरफ्तार कर लिया है। 

राजनीतिक दल से जुड़े लोगों के द्वारा पुलिस के साथ मारपीट की घटना से राज्य सरकार की भी चिंता बढ़ सकती है। कवर्धा के घटना के बाद राज्य सरकार पूरे प्रदेश में कानून व्यवस्था बनाए रखने तथा शांति बहाल करने के लिए बेहद गंभीर और संजीदा है। ऐसे में सत्ताधारी दल से जुड़े लोग कतई नहीं चाहते होंगे कि इस तरह की कोई घटना हो जिससे सरकार पर कोई आंच आए। लेकिन यहां राजनीतिक दल से जुड़े युवकों ने पुलिस के अधिकारियों और जवानों पर ही हमला कर दिया है।इधर विपक्ष इस मौके से सरकार पर हमला बोलने की तैयारी में है।

यहां यह भी उल्लेखनीय है कि कोंडागांव जिले के कई क्षेत्र संवेदनशील नक्सल प्रभावित क्षेत्र हैं।यहां पुलिस और सुरक्षा बलों के जवानों को यहां ड्यूटी के दौरान कितने तमाम दबाव और दिक्कतों  से भी जूझना पड़ता है, यह आसानी से समझा जा सकता है। ऐसे में राजनीतिक दल से जुड़े बिगड़ैल युवक भी उन पर हमला करने लगेंगे तो इससे इनकार नहीं क्या सकता कि उनका मनोबल  टूटने की स्थिति  पैदा होने  लगेगी। इसलिए इस पूरे मामले को राज्य में काफी गंभीरता से लिया जा रहा है।