गौठान योजना से महिला समूहों के लिए खुला आर्थिक आमदनी का द्वार

 

दुर्ग ।

असल बात न्यूज।।

 शासन की अति महत्वकांक्षी योजना गौठान से महिला समूहों के लिए आर्थिक आमदनी का द्वार खुला है। इससे जुड़कर महिला समूह अपने निवास स्थान में रोजगार मूलक गतिविधियों का संचालन करने में कामयाबी अर्जित की है। अवसर मिलने और आय सुनिश्चित होने पर समूह की बहनों की जिंदगी में एक तरह से बहार आयी है। महिलाओं ने गौठान से जुड़कर सफलता की राह को परिभाषित कर दिखाया है। स्व-सहायता समूह की महिलाओं ने यह कारनामा कर दिखाया एकजुटता का परिचय देकर। अब महिला समूहों के लिए गौठान से निकलने वाली गोबर ने रोजगार के साथ सफलता की राह दिखाया है। 

महिला समूह विविध गतिविधियों में उत्साह के साथ भागीदारी कर रही है। नवीन अवधारणा के साथ नये-नये उत्पादन कर रही है। अनेक गतिविधियों का संचालन होने से समूहो के बाजार में चुनौतियां भी कम हुई है। गौठान समूह से जुड़ी 1978 महिलाओं को रोजगार मिल रहा है। वित्तीय वर्ष में समूहों की महिलाओं ने 1 करोड़ 54 लाख 99 हजार रूपए का लाभ अर्जित किया है। ग्रामीण महिलाओेें को पांरम्परिक रूप से ग्रामीण उद्यमियता को विकसित करने का अच्छा विकल्प मिला है। ग्रामीण महिलाओं ने इन संसाधनों का बखुबी उपयोग किया है। अब सभी गौठानों में ऐसे समूह को देखा जा सकता है। 

कोरोना काल जहां सभी प्रकार की गतिविधियां का संचालन बंद था। रोजगार के अवसर कम हो रहेे थे। तब भी इस विपदा में महिला समूहों का हौसला बना रहा है। रोजगार की संभावना ने समूह की बहनों को संबल देने का काम किया। गोधन न्याय योजना के सफल क्रियान्वयन होने से रोजगार द्वार खुला रहा। समूहों के पहल और सार्थक प्रयास से मिली कामयाबी ने हौसलों पर विराम लगने नही दिया। आज कामयाबी की मुहान पर बैठी महिलाओं के लिए गोधन न्याय योजना सफलता का कल्पवृक्ष साबित हुआ है।