छत्तीसगढ़ में भी किसान आंदोलन को फैलाने की कोशिश, यहां कितना सफल हो सकेगा यह आंदोलन ?

0 विशेष संवाददाता

  • रायपुर, दुर्ग।
  • असल बात न्यूज़।।


किसान आंदोलन को देशव्यापी बनाने की कोशिश की जा रही है और इसे छत्तीसगढ़ में भी फैलाने की कोशिश की जा रही है। इसके लिए यहां भी आगामी 28 सितंबर को किसानों की महापंचायत बुलाई गई है। छत्तीसगढ़, देश के कृषि प्रधान राज्यों  में से एक राज्य  है जहां की 70% से अधिक आबादी का मुख्य काम खेती किसानी ही है। ऐसे में किसान आंदोलन से जुड़े लोग जरूर चाहेंगे कि ऐसे राज्य में किसान महापंचायत को बड़ी सफलता मिले।

अभी तक की जानकारी के अनुसार किसानों की यह महा पंचायत आगामी 28 सितंबर को राज्य में राजिम में आयोजित करने की योजना है। इसमें देश भर से किसान नेता जुटेंगे। महापंचायत में संयुक्त किसान मोर्चा के प्रवक्ता राकेश टिकैत, Dr darshan Pal Singh, योगेंद्र यादव, मेधा पाटकर और डॉक्टर सुनील के भी शामिल होने के लिए आने की खबर है। आंदोलनो की खबर रखने वाले जागरूक लोगों को मालूम है कि उसमें से तमाम लोग पहले भी छत्तीसगढ़ में किसी न किसी आंदोलन में शामिल होने के लिए आ चुके हैं और यह लोग अक्सर कई आंदोलनों में शामिल होते रहते हैं।   महान स्वतंत्रता संग्राम सेनानी भगत सिंह जी की 28 सितंबर को 225 वी जयंती है।और उसी दिन छत्तीसगढ़ के मजदूर नेता शंकर गुहा नियोगी का शहादत दिवस भी है। कहां जा रहा है कि इसीलिए उस दिन यहां महापंचायत करना तय किया गया है।

छत्तीसगढ़ राज्य में किसान इस समय खेती किसानी में व्यस्त हैं। वहीं ज्यादातर इलाकों में अल्प वर्षा से किसानों को दिक्कतों का भी सामना करना पड़ रहा है। दूसरी तरफ छत्तीसगढ़ राज्य में राज्य सरकार के द्वारा किसानों के हित और गांव को समृद्ध बनाने के लिए  के लिए इतनी सारी योजना शुरू की गई है कि आम किसानों को किसी भी आंदोलन से अभी जोड़ना आसान नहीं है। मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने बार-बार इस संकल्प को दोहराया है कि उनकी प्राथमिकता गांव ग्रामीण की अर्थव्यवस्था को मजबूत बनाने की है। आम लोगों को भी महसूस हुआ है कि छत्तीसगढ़ राज्य में अभी ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूत बनाने के नए सिरे से कई सारे प्रयास शुरू हुए हैं।

फिलहाल केंद्र सरकार के कृषि के तीन  कानून के खिलाफ पिछले 10 महीने से दिल्ली के सिंधु बॉर्डर पर चल रहे आंदोलन को छत्तीसगढ़ में भी फैलाने की कोशिश की जा रही है। राजिम से गरियाबंद, महासमुंद, धमतरी और रायपुर जुड़े हुए हैं जो कि यहां के प्रमुख कृषि प्रधान जिले हैं। यहां से वनांचल के क्षेत्रों  का भी जुड़ाव है। ऐसे में यह मानकर कि इस महापंचायत में किसानों की बड़ी उपस्थिति दर्ज होगी यहां आंदोलन  करने की तैयारी की जा रही है। आयोजकों को उम्मीद है कि इस महापंचायत में 10,000 से अधिक की  भीड़ जुटेगी। जानकारों का मानना है कि यहां किसान आंदोलन को मजदूर नेता शंकर गुहा नियोगी के नेतृत्व में पूर्व में चले मजदूर आंदोलन के जैसा  निरंतरता का रूप भी दिया जा सकता है।