स्वरूपानंद महाविद्यालय में एक दिवसीय कार्यशाला का आयोजन किया गया|

 

भिलाई।

असल बात न्यूज़।।


महाविद्यालय के प्रबंधन विभाग एवं आईबीएस बिजनेस स्कूल के संयुक्त तत्वाधान में एक दिवसीय स्टूडेंट डेवलपमेंट प्रोग्राम उद्यमिता विकास एवं स्टार्टअप विषय पर कार्यशाला का आयोजन किया गया गया|

कार्यक्रम में मुख्य वक्ता के रूप में प्रोफ़ेसर  सुजियाव्रत बुरागोयन सदस्य, वाधवानी फाउंडेशन सहायक प्लेसमेंट संयोजक  एवं  स्टार्टअप  मेंटर  उपस्थित हुए| कार्यक्रम की शुरुआत में संजय असत्कर ने मुख्य वक्ता का विस्तृत रूप से परिचय कराया| 

कार्यक्रम की संयोजिका खुशबू पाठक, विभागाध्यक्ष प्रबंधन विभाग ने मुख्य अतिथि का स्वागत कर कार्यक्रम के उद्देश्य के बारे में अवगत कराया उन्होंने कहा कि आजकल हर युवा स्वयं का रोजगार स्थापित कर सकता है परंतु इसके लिए उसे सही मार्गदर्शन की आवश्यकता होती है| मुख्य वक्ता ने पावर पॉइंट प्रेजेंटेशन के माध्यम से छात्रों को विस्तृत रूप से इस विषय पर जानकारी देते हुए बताया की उद्यमिता एक प्रकार का स्किल एवं सेट ऑफ बिहेवियर है जैसे किसी भी कार्य की शुरूआत करना, नवाचार ,बेहतर  संवाद एवं संचार, क्रियात्मकता, कस्टमर को  भरोसा दिलाना, प्रॉब्लम का नया और बेहतर सॉल्यूशन बनाना, जैसे विभिन्न स्किल सेट के बारे मे कुछ उदाहरण जैसे- बायोकोन्ं की प्रमुख किरण मजूमदार सा , विप्रो के अज़ीम प्रेमजी, इन्फोसिस के नारायण मुर्ति, ओयो रूम्स के प्रमुख रितेश अग्रवाल के बारे मे बताया की ये सब एक दिन मे बिज़नेसमेन नही बने इन्होने सही समय पर सही अवसर को पहचाना और नये और बेहतर तरीके से प्रॉब्लम के नये सॉल्यूशन बताये और कस्टमर तक अपने प्रोडक्ट्स को पहुचाया

 उन्होंने टेस्ला कंपनी जो इलेक्ट्रॉनिक कार बनाती है और पूरे विश्व में सप्लाई करती है उसके बारे में एक बहुत ही रोचक वीडियो दिखाया कि कैसे वहां नई तकनीक मशीन लर्निंग और आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस की सहायता से रोबोट, कार मैन्युफैक्चरिंग करने का काम बखूबी करते हैं साथ ही यह कंपनी आज की जरूरत को ध्यान में रखते हुए हर सप्ताह दस हज़ार  कार का उत्पादन करती है इस वीडियो के माध्यम से बच्चों ने टेस्ला के मैन्युफैक्चरिंग प्लांट का वर्चुअल विजिट किया|

उन्होंने आगे बताया की इक्कीसवी सदी में एक  एंटरप्रेन्योर  मे  बिज़नेस मैनेजमेंट स्किल्स, टेक्निकल  स्किल्स, एवं उद्यमिता स्किल्स का होना बहुत आवश्यक है

बिज़नेस को बेहतर बनाने के लिये मार्केट, कस्टमर की जरूरतें, बिज़नेस  एनवायरमेंट ,कॉम्पिटिटर, सप्लायर ,न्यू टेक्नोलॉजी का गहन विश्लेषण करना हर एक कंपनी के लिये जरुरी है जैसे उदाहरण के रुप मे देखा जाये तो  नोकिया कंपनी ने सन 2005 मे कीपैड वाले मोबाइल फोन बाज़ार मे लाये परंतु समय के साथ साथ टेक्नोलॉजी मे चेंज आया और लोग स्मार्ट फोन जैसे बेहतर विकल्प की ओर मूव करने लगे उन्होने कहा की किसी भी बच्चे के पास अगर कोई बेहतर बिज़नेस आइडिया है तो उसे जरुर शेयर करे और इस दिशा मे अगर कोई मार्गदर्शन चाहिये तो उनसे सम्पर्क करें|

महाविद्यालय के सीओओ डॉ दीपक शर्मा ने कहा वर्तमान परिपेक्ष्य में जो बदलाव हो रहे है इस कार्यक्रम के माध्यम से छात्रों को रोचक जानकारी प्राप्त हुई जिससे उन्हें आगे बढ़ने में मदद मिलेगी|

महाविद्यालय की प्राचार्या डॉ हँसा शुक्ला ने इस कार्यक्रम को छात्रों के बेहतर भविष्य के लिये एक सुनहरा अवसर बताया और उन्हे शुभकामनाये दी|


कार्यक्रम के अन्त मे खुशबू पाठक ने धन्यवाद ज्ञापन प्रस्तूत करते हुऐ मुख्य वक्ता का महाविद्यालय परिवार की ओर  से आभार प्रकट किया और भविष्य मे   इस तरह के आयोजन  छात्रों के सम्पूर्ण विकास के लिये कराया जायेगा जिससे वे स्वयं का बिज़नेस शुरु कर सके और समाज को  बेहतर कल दे सके|