Live । राज्य के दक्षिणी जिलों में चक्रवात के चलते रह-रहकर बारिश शुरू, धान की फसल को नुकसान पहुंचने की आशंका , कई ट्रेनें रद्द

         बस्तर संभाग।

  • 0 अशोक त्रिपाठी अपनी टीम के साथ बस्तर के विभिन्न इलाकों में

छत्तीसगढ़ राज्य के दूसरे इलाकों की तरह यहां के दक्षिणी क्षेत्र के जिले में मानसून की बारिश जुलाई अगस्त महीने में काफी कम हुई है जिससे कि धान की फसल काफी पिछड़ गई है और और चक्रवाती तूफान गुलाब की बारिश से धान की फसल के खराब होने का खतरा और बढ़ गया है। लोगों का मन आशंकित है। किसानों को लग रहा है कि यह बारिश धान की फसल को बड़े पैमाने पर नुकसान पहुंचा सकती है।फिलहाल यहां के कई इलाकों में रह-रहकर बारिश शुरू हो गई है।बड़ी बड़ी बूंदों के साथ बारिश हो रही है लेकिन अभी बारिश बीच विजय थम जा रही है जिससे लोगों को कुछ राहत है लेकिन डर है कि यह बारिश कभी भी तूफानी रूप ले सकती है।

मौसम विभाग ने चक्रवाती तूफान से राज्य के दक्षिणी इलाकों में भारी से भारी वर्षा होने की चेतावनी दी है। बे ऑफ बंगाल से उठे चक्रवाती तूफान का उत्तरी आंध्र प्रदेश और दक्षिणी उड़ीसा के इलाकों में असर दिखने लगा है और यहां के कई हिस्सों में भारी बारिश शुरू हो गई है। छत्तीसगढ़ के भी दक्षिणी इलाकों में आज सुबह से धूप नहीं निकली है। तेज हवा नहीं चल रही है लेकिन रह-रहकर बारिश शुरू हो गई है। काले काले बादलों से आसमान पूरी तरह छा गया है।

यहां के किसानों ने हम से चर्चा करते हुए बताया है कि बस्तर क्षेत्र में ज्यादातर इलाकों में इस सीजन में वर्षा कम हुई है। बाद में कुछ बारिश हुई तो उससे फसल के सुधरने की संभावना बनी है लेकिन अब भारी से भारी वर्षा की चेतावनी दी जा रही है। भारी वर्षा होती है तो फसल के खराब होने की पूरी आशंका है। क्योंकि जो जल्दी पकने वाली फसल है वह करीब-करीब तैयार हो रही है। इन पौधे में बाली आ गई है बारिश होती है तो उसके गिरने की आशंका है।

प्राप्त जानकारी के अनुसार बंगाल की खाड़ी में बने चक्रवाती तूफान 'गुलाब' का देश के विभिन्न हिस्सों में प्रारंभिक असर दिखने लगा है। अगले 12 घंटों में उत्तरी आंध्र प्रदेश और दक्षिण ओडिशा तट के बीच पहुंचने की उम्मीद है।लेकिन यहां पहुंचने के पहले ही यह अपना असर दिखाने लगा है।, भारतीय नौसेना चक्रवाती तूफान की आवाजाही पर करीब से नजर रखे हुए है। मुख्यालय, पूर्वी नौसेना कमान और ओडिशा क्षेत्र के प्रभारी नौसेना अधिकारियों ने चक्रवात के प्रभावों का मुकाबला करने के लिए तैयारी गतिविधियों को अंजाम दिया है और आवश्यकतानुसार सहायता प्रदान करने के लिए राज्य प्रशासन के साथ लगातार संपर्क में है।

तैयारियों के हिस्से के रूप में, बाढ़ राहत दल और गोताखोरी दल ओडिशा में तैनात हैं और तत्काल सहायता प्रदान करने के लिए विशाखापत्तनम में तैयार हैं। सबसे अधिक प्रभावित क्षेत्रों में सहायता प्रदान करने के लिए मानवीय सहायता और आपदा राहत (एचएडीआर) सामग्री और चिकित्सा टीमों के साथ नौसेना के दो जहाज समुद्र में हैं। सबसे अधिक प्रभावित क्षेत्रों का हवाई सर्वेक्षण करने, हताहतों को निकालने और आवश्यकतानुसार राहत सामग्री को हवा में गिराने के लिए नौसेना के विमानों को नौसेना वायु स्टेशनों, विशाखापत्तनम में आईएनएस देगा और चेन्नई के पास आईएनएस राजाली में तैयार रखा गया है।


 भारत के उड़ीसा एवं विशाखापटनम के बीच में चक्रवाती तूफान "गुलाब" को ध्यान में रखते हुए रेल प्रशासन के द्धारा अनेक गाड़ियों  रद्द कर दी गई है एवं कुछ ट्रेनें परिवर्तित मार्ग से रवाना की जा रही है ! इसी प्रकार दक्षिण पूर्व मध्य रेलवे में आने वाली दो गाड़ियों को आज रद्द की गई एवम एक गाड़ी को परिवर्तित मार्ग से रवाना की गई -

जिसकी जानकारी इस प्रकार है -

01) आज दिनांक 26 सितम्बर, 2021 विशाखापटनम एवम कोरबा से चलने वाली 08518 /08517 विशाखापटनम  - कोरबा _ विशाखापटनम स्पेशल ट्रेन रद्द रहेगी !

02) आज दिनांक 26 सितम्बर, 2021 विशाखापटनम एवम रायपुर से चलने वाली 08927 /08928 विशाखापटनम  - रायपुर _ विशाखापटनम स्पेशल ट्रेन रद्द रहेगी !

परिवर्तित मार्ग से चलने वाली  गाड़ी _

01) आज दिनांक 26 सितम्बर, 2021 पूरी से चलने वाली 08401 पूरी _ ओखा स्पेशल ट्रेन परिवर्तित मार्ग खुर्दा रोड, अंगुल, संबलपुर, टिटलागढ़, लखोली, बल्हारशाह होकर रवाना की गई !   !