भारी बारिश से जिले में जनजीवन प्रभावित ,राहत एवं बचाव कार्य में जुटा हुआ है प्रशासनिक अमला,नदी, नदी तटबंध, पुल एवं बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों में जाने से मना किया गया

 

रायपुर, धमतरी, गौरेला पेंड्रा मरवाही ।

असल बात न्यूज़।।

 छत्तीसगढ़ राज्य के ज्यादातर हिस्सों में आज भी सुबह  से  तेज बारिश होती रही। वनांचल इलाकों में तेज बारिश होने की खबर है। गौरेला पेंड्रा मरवाही जिले में भारी बारिश के कारण जनजीवन प्रभावित हुआ है। बीती रात और आज सुबह हुई बारिश से यहां जिले के नदी नाले उफान पर है।रायपुर जिले के अभनपुर विकासखंड के ग्राम लखना-कोलियारी में महानदी के बाढ़ में फंसे 8 कृषि श्रमिकों को जिला प्रशासन और एस.डी.आर.एफ की टीम के द्वारा कल रात रेसक्यू करके बचाया गया। अभनपुर में पानी उतरने के बाद आबादी वाले क्षेत्रों में ब्लीचिंग पाउडर का छिड़काव किया जा रहा है।गोबरा नवापारा में आम नागरिकों को  नदी, नदी तटबंध, पुल एवं बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों में जाने से मना किया गया। नदी, पुल में फोटोग्राफी, विडियोग्राफी, सेल्फी लेने एवं तैराकी करने से मना किया गया है। 

गरियाबंद जिले में बीते दिनों हुई भारी बारिश के कारण प्रभावित लोगों को जिला प्रशासन द्वारा त्वरित राहत देते हुए उनके रहने और भोजन की व्यवस्था की गई। जिसे लोगों ने राहत की सांस ली। एक तरफ अतिवृष्टि के कारण जहां बाढ़ की स्थिति बनी हुई थी। वहीं नदी और तटीय इलाकों में कई लोग फंसे हुए थे। जिला प्रशासन द्वारा टीम गठित कर 6 जगह पर फंसे 18 लोगों को सफलतापूर्वक रेस्क्यू किया गया है।

कलेक्टर श्री निलेशकुमार क्षीरसागर के मार्गदर्शन में बाढ़ से प्रभावित लोगों के लिए स्थानीय पंचायतों एवं गरियाबंद के मंगल भवन में रहने और भोजन की त्वरित व्यवस्था की गई। स्थानीय मंगल भवन में राहत कैम्प में रहने आयी गरियाबंद की गायत्री बाई डोंगरे अपनी माॅ, भाई और बेटी के साथ है। उन्होंने बताया कि अत्यधिक बारिश से उनका मकान गिर गया है। यहां आकर वह सुरक्षित महसूस कर रही है। इसी तरह वार्ड-11 की दुलेशिया बाई अपनी नातिन के साथ रहने आयी हैं। यहां जिला प्रशासन द्वारा की गई व्यवस्था वह संतुष्ट दिखाई दी। कुमारी साहनी और 85 साल की प्रेमबति भी इस राहत कैम्प में आकर सुरक्षित है। उन्होंने यहां भोजन, नाश्ता और अन्य व्यवस्थाओं को सराहा है। कलेक्टर ने स्वयं इस कैम्प का अवलोकन कर प्रभावितों से बातचीत की है। उन्हें विश्वास दिलाया है कि जिला प्रशासन इस आसन्न संकट में उनके साथ खड़ी है। गरियाबंद नगरीय निकाय अंतर्गत मंगल भवन में 35 परिवार के 135 सदस्यों के रहने एवं भोजन की व्यवस्था की गई है। पाण्डुका के सरपंच श्री दुजेश्वर ठाकुर द्वारा यात्रा के दौरान फसे यात्रियों के लिए भोजन और ठहरने की व्यवस्था की गई। कई ग्रामीण क्षेत्रों में भी प्रभावित लोगों को पंचायत में ठहराकर भोजन दिया गया।

कलेक्टर श्री क्षीरसागर के निर्देश पर राहत और बचाव दल रात्रि में भी इन इलाकों में डटे रहे। इस भीषण बाढ़ से जनहानि रोकने में सफलता मिली लेकिन 2 पशुधन की हानि हुई है। साथ ही 403 मकान क्षतिग्रस्त हुए है, वही 322 हेक्टेयर क्षेत्र में फसल क्षति हुई है। सबसे ज्यादा गरियाबंद तहसील में 192 हेक्टेयर, राजिम ने 80 हेक्टेयर और छुरा में 50 हेक्टेयर फसल क्षति का आंकलन किया गया। जिला प्रशासन द्वारा शासन के दिशा-निर्देश अनुसार सहायता देने की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है।

15 सितम्बर को गरियाबंद तहसील में 83.1 मि.मी.वर्षा, राजिम तहसील में 14 मि.मी., छुरा में 9.5 मि.मी. वर्षा, मैनपुर में 35.2 मि.मी. और देवभोग तहसील में 2.6 मि.मी. वर्षा दर्ज की गई। आज अल्पबारिश के कारण जिले में जनजीवन सामान्य है एवं जिला मुख्यालय का सम्पर्क पुनः जुड़ गया है।

महासमुंद  जिले में खदान के बीच फंसे ग्रामीण को तेज बारिश के बीच देर रात चले रेस्क्यू ऑपरेशन कर सकुशल निकाल लिया गया है।

महासमुंद क्षेत्र में रविवार से रुक-रुक कर हो रही तेज बारिश के चलते बीती रात तहसीलदार महासमुंद को सूचना प्राप्त हुई कि ग्राम मुढ़ेना के पत्थर खदान में एक ग्रामीण पानी से भरे खदान के बीच फंसा हुआ हैतहसीलदार ने तत्काल सक्रियता दिखाते हुए घटना की सूचना कलेक्टर और अनुविभागीय अधिकारी (रामहासमुंद को दी।

    कलेक्टर श्री डोमन सिंह ने तुरंत एसडीएम श्री भागवत प्रसाद जायसवाल को बचाव के लिए निर्देशित किया और अन्य संबंधित विभागों से समन्वय स्थापित किया। एसडीएमएसडीओपी,तहसीलदार और नायब तहसीलदार और थाना प्रभारी महासमुंद की टीम तुरंत घटना स्थल पर।  पहुँची। पहुंच कर पाया कि मुढ़ेना स्थित बड़े पत्थर खदान के बीच टापू में बने झोपडी में एक व्यक्ति हंसराज निषाद फंसा हुआ है। टापू के दोनों तरफ से खदान से तेज बहाव के साथ पानी निकल रहा था।

 ग्रामीणों के साथ पूछताछ करने पर पता चला कि इतने तेज़ बहाव के साथ बचाव किए जाने के लिए एक्सपर्ट टीम का सहयोग जरूरी है। इसी बीच खदान के किनारे बिजली 11 केवी का विद्युत प्रवाहित तार सहित ट्रांसफार्मर खदान में पाया जाने पर तत्काल विद्युत विभाग को सूचना दिया गयाविद्युत विभाग द्वारा सक्रियता दिखाते हुए लाइन बंद की। इसके बाद एसडीएम ने बेमचा स्थित होम गार्ड की टीम से सम्पर्क स्थापित करके मोटर नाव के साथ बचाव दल को बुलवाया। उस समय रात करीब 12.30 बजे मध्य को बचाव दल घटना स्थल पर पहुचासुबह का इंतज़ार  कर टीम आधी रात को तेज़ बारिश के बीच रेस्क्यू टीम उसको निकालने आगे बढ़ गयी।

स्थानीय ग्रामीण अमले और हंसराज के पुत्र के साथ स्व स्फूर्त लोगो खदान के दूसरी तरफ से बचाव हेतु रवाना हुए और बहते तेज़ धार और बारिश के बीच रात करीब 2.30 बजे भारी मशक्कत के बाद हंसराज को खदान से बाहर सुरक्षित निकाला जा सका एवं सुरक्षित घर पहुच गया।

आसपास के इकट्ठा ग्रामीणों को एसडीएम एसडीओपी और तहसीलदार द्वारा भविष्य में ऐसी घटना टाले जाने के लिए सतर्क रहने समझाइश दी गई,

   पूरे घटना के दौरान कलेक्टर सभी लोगों से सतत संपर्क में रहते हुए और विभागों के मध्य समन्वय स्थापित करते हुए बचाव ऑपरेशन का सफल नेतृत्व किया। एसडीएम,एसडीओपीतहसीलदार,नायब तहसीलदार,थाना प्रभारी और होम गार्ड ने सूझ बुझ के साथ बचाव ऑपरेशन का उल्लेखनीय क्रियान्वयन किया। इसमे विशेष रूप से स्थानीय ग्रामीण  फसे व्यक्ति के पुत्र मीनू निषाद का योगदान भी सराहनीय    रहा।

 भू अभिलेख शाखा से प्राप्त जानकारी के अनुसार आज पेंड्रारोड तहसील में 183.3 मिमी, पेंड्रा तहसील में 103.2 मिमी और मरवाही तहसील में 130 मिमी बारिश दर्ज की गई है। जिस कारण कलेक्टर सुश्री नम्रता गांधी के दिशा निर्देशन में सभी जनपद पंचायत मुख्य कार्यपालन अधिकारी और प्रशासनिक अधिकारियों द्वारा प्रभावित इलाकों का दौरा कर वस्तुस्थिति का जायजा लिया गया।  मुख्य कार्यपालन अधिकारी जनपद पंचायत मरवाही से प्राप्त जानकारी के अनुसार धनपुर के एक परिवार की मुखिया श्यामवती पति छक्केलाल को परिवार सहित राजीव गांधी सेवा केंद्र धनपुर में स्थानांतरित किया गया। इसी प्रकार ग्राम पंचायत मसूरीखार के समन सिंह का घर क्षतिग्रस्त होने के कारण उन्हें प्राथमिक स्कूल सूरंगटोला मे स्थानांतरित किया गया। इसी प्रकार जिले के अन्य सभी क्षेत्रों में वर्षा से प्रभावित लोगों के लिए जिला प्रशासन और पुलिस प्रशासन द्वारा मुस्तैदी से राहत एवं बचाव का कार्य किया जा रहा है।

जिला प्रशासन और एस.डी.आर.एफ की टीम ने ग्राम लखना-कोलियारी में महानदी के बाढ़ में फंसे 8 कृषि श्रमिकों को रेसक्यू करके बचाया

 जिला प्रशासन और एस.डी.आर.एफ की टीम ने कल रात रायपुर जिले के अभनपुर विकासखंड के ग्राम लखना-कोलियारी में महानदी के बाढ़ में फंसे 8 कृषि श्रमिकों को रेसक्यू करके बचाया गया।

उल्लेखनीय है कि अभनपुर विकासखंड के ग्राम लखना-कोलियारी में कल शाम कृषि श्रमिकांे के बाढ़ में फंसे होने की जानकारी मिलने पर कलेक्टर श्री सौरभ कुमार के निर्देश में अनुविभागीय अधिकारी श्री निर्भय साहू, डिप्टी कलेक्टर एवं प्रभारी तहसीलदार गोबरा नवापारा मुकेश कुमार कोठारी तथा श्री संजय मिश्रा कमांडेंट एस.डी.आर.एफ अपने टीम के साथ वहां तत्काल पहुंचे तथा रात के अंधेरे में रेस्क्यू करते हुए सभी श्रमिकों को सुरक्षित बाहर निकाला।

एस.डी.आर.एफ की इस 15 सदस्यीय टीम में कमांडेट श्री संजय मिश्रा सहित श्री नीलकंठ, श्री विष्णु धु्रव, श्री भोजराज, श्री नारायण, श्री घनश्याम, श्री चंद्रशेखर, श्री जागेश्वर धीवर, श्री भीखम साहू, श्री देवकरण नेताम, श्री नीरज सोनी, श्री खेमराज चन्द्राकर, श्री हेमंत सिन्हा, झाडूराम, सूर्यकांत साहू, शामिल थे। उन्होंने 1 घंटे के भीतर रायपुर से मौके पर बचाव संसाधन एवं बोट सहित उपस्थित होकर रेस्क्यू ऑपरेशन प्रारंभ किया। रेस्क्यू ऑपरेशन में लगभग 2 घंटे का समय लगा। 

उल्लेखनीय है कि लखना कोलियारी के मध्य भारी वर्षा के कारण महानदी में बाढ़ आने से टापू की स्थिति निर्मित हो गई थी, जिसमे कृषि श्रमिक जो अपने खेत में काम करने गये हुए थे जो कि घर वापसी के समय बाढ़ में फंस चुके थे। बीच बाढ़ में कुल 8 कृषि श्रमिक श्रीमती प्रेमबती, दुर्गा, टिकेश्वरी, उमेश, हलधर, मंशाराम, सालिक, टिकेश्वर सभी निवासी ग्राम चंपारण तथा मनराखन निवासी ग्राम लखना बाढ़ के बीच बने हुए टापू में फंसे हुए थे। एस.डी.आर.एफ की टीम द्वारा बाढ़ के तेज प्रवाह एवं दक्षतापूर्ण साहसिक प्रयास करते हुए सकुशल व सुरक्षित बाहर निकाला गया। ग्राम कोलियारी निवासी श्री पोखराज द्वारा एस.डी.आर.एफ की रेस्क्यू टीम के साथ बोट मे बैठकर फंसे हुए स्थल तक आने-जाने में विशेष सहयोग प्रदान किया गया। ग्रामवासियांे द्वारा इस कार्य के लिए शासन-प्रशासन को धन्यवाद ज्ञापित किया गया है।

गोबरा-नवापारा में नदी का जलस्तर कम होने के बाद आज ब्लीचिंग पाउडर का छिड़काव किया गया

कलेक्टर श्री सौरभ कुमार ने जिले में अतिवृष्टि या बाढ़ की स्थिति को देखते हुए प्रभावित क्षेत्रों में तत्काल राहत कार्य करने के निर्देश दिए हैं । 

अनुविभागीय अधिकारी अभनपुर श्री निर्भय साहू ने बताया कि क्षेत्र में नदी का जलस्तर कम होने के बाद जिन घरों मे पानी घुसा था आज वहां ब्लीचिंग पाउडर का छिड़काव किया जा रहा है। जिन गलियों में पानी भरा था उन गलियों को आटो टिप्पर के माध्यम सेनेटाइज किया जा रहा है। 

उन्होंने बताया कि भारी बारिश की संभावना को देखते हुए एवं सिकासेर बांध से पानी छोड़े जाने के कारण आम नागरिकों को होने वाली संभावित जानमाल की हानि से बचाव तथा बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों को खाली कराए जाने हेतु सघन मुनादी कराया गया है। 

नगर पालिका परिषद गोबरा-नवापारा के मुख्य नगर पालिका अधिकारी श्री राजेन्द्र पात्रे ने बताया कि नगर पालिका परिषद गोबरा नवापारा द्वारा एडवाइजरी जारी कर आम नागरिकों को अनावश्यक रूप से नदी, नदी तटबंध, पुल एवं बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों में जाने से मना किया गया। नदी, पुल में फोटोग्राफी, विडियोग्राफी, सेल्फी लेने एवं तैराकी करने से मना किया गया है। वार्ड क्र.17 में व्यवस्थापन की संभावित स्थिति को देखते संगवारी भवन को आरक्षित किया गया है। इन सभी स्थलों में नगर पालिका द्वारा बिजली, पानी एवं अन्य आवश्यक व्यवस्था किया गया है।

कलेक्टोरेट में बाढ़ नियंत्रण कक्ष 24 घंटे कार्यरत फोन नं 0771-2413233 के माध्यम से दी जा सकती है जरूरी सूचना या जानकारी 

रायपुर जिले में जिला कलेक्टोरेट के रूम नं- 6 में बाढ़ नियंत्रण कक्ष 24 घंटे कार्यरत है। इसका फोन नं- 0771-2413233 है। 

डिप्टी कलेक्टर एवं बाढ़ नियंत्रण कक्ष की प्रभारी अधिकारी श्रीमती पूनम शर्मा ने बताया कि दक्षिण-पश्चिम मानसून वर्षा, अतिवृष्टि एवं बाढ़ से बचाव एवं राहत व्यवस्था की दृष्टि से कोई भी नागरिक इस कक्ष के माध्यम से जरूरी जानकारी या सूचना इस कक्ष में दे सकते है। यहां तीन शिफ्टों में 6 कर्मचारियों की ड्यूटी लगाई गई है।