पंचायत एवं ग्रामीण विकास मंत्री श्री टी.एस. सिंहदेव ने ग्रामीण स्वरोजगार प्रशिक्षण केंद्रों की वार्षिक गतिविधि रिपोर्ट का किया विमोचन

 

रायपुर ।

असल बात न्यूज़।।

. पंचायत एवं ग्रामीण विकास मंत्री श्री टी.एस. सिंहदेव ने आज सिविल लाइन स्थित अपने निवास कार्यालय में प्रदेश में संचालित ग्रामीण स्वरोजगार प्रशिक्षण केंद्रों (RSETI) की वार्षिक गतिविधि रिपोर्ट-2020-21 का विमोचन किया। भारत सरकार के कौशल विकास मंत्रालय के दिशा-निर्देशों के अनुरूप स्वतंत्र एजेंसी नेशनल एकेडमी ऑफ रूडसेटी, बेंगलुरू द्वारा यह रिपोर्ट तैयार की गई है। 

पंचायत एवं ग्रामीण विकास मंत्री श्री सिंहदेव ने प्रदेश में संचालित ग्रामीण स्वरोजगार प्रशिक्षण केंद्रों की वार्षिक गतिविधि रिपोर्ट का विमोचन करते हुए कहा कि ग्रामीण युवाओं के समग्र विकास एवं रोजगार के लिए नई-नई रोजगारपरक योजनाएं बनाना तथा जमीनी स्तर पर उनका प्रभावी क्रियान्वयन सरकार की प्राथमिकता में है। उन्होंने बताया कि छत्तीसगढ़ राज्य ग्रामीण आजीविका मिशन के अंतर्गत प्रदेश के 18 जिलों में संचालित ग्रामीण स्वरोजगार प्रशिक्षण केंद्रों में युवाओं को अनेक रोजगारमूलक गतिविधियों का निःशुल्क आवासीय प्रशिक्षण देकर स्वावलंबी बनाया जा रहा है। वित्तीय वर्ष 2020-21 में प्रदेश भर में 302 प्रशिक्षण सत्रों का आयोजन कर 7003 युवाओं को उनकी रूचि के अनुसार बैंक मित्र, सामान्य उद्यमिता विकास, मशरूम उत्पादन, पापड़ निर्माण, आचार निर्माण, मसाला निर्माण, अगरबत्ती निर्माण, मोमबत्ती निर्माण, वर्मी कंपोस्ट निर्माण, सिलाई तथा डेयरी फॉर्मिंग इत्यादि का स्वरोजगार आधारित प्रशिक्षण प्रदान किया गया है। इन केंद्रों में प्रशिक्षित लोगों में 95 प्रतिशत महिलाएं हैं। सामाजिक समावेश के आधार पर अनुसूचित जनजाति के 36 प्रतिशत, अनुसूचित जाति के 15 प्रतिशत, अन्य पिछड़ा वर्ग के 46 प्रतिशत और सामान्य वर्ग के चार प्रतिशत हितग्राहियों को इन केंद्रों के माध्यम से प्रशिक्षित किया गया है।

श्री सिंहदेव ने वार्षिक गतिविधि रिपोर्ट-2020-21 के प्रकाशन के लिए सभी ग्रामीण स्वरोजगार प्रशिक्षण केंद्रों के निदेशकों, प्रशिक्षकों, मूल्यांकनकर्ताओं और प्रशिक्षुओं को बधाई और शुभकामनाएं दी हैं। उन्होंने रिपोर्ट के विमोचन के दौरान मौजूद असेसमेंट एवं सर्टिफिकेशन शाखा के सहायक नियंत्रक श्री अरूण कुमार सोनी को आगे भी प्रशिक्षण की गुणवत्ता सुनिश्चित करते हुए जरूरतमंद ग्रामीण युवाओं के लिए उनकी रूचि की विधाओं में प्रशिक्षण कार्यक्रम आयोजित करने के निर्देश दिए।