संचालनालय द्वारा राशि में नहीं की जाती कटौती, सिविल सर्जन द्वारा देयकों का परीक्षण कर अनुमोदित राशि ही की जाती है मंजूर

 चिकित्सा परिचर्या नियम, 2013 के अनुसार ही चिकित्सा प्रतिपूर्ति की राशि स्वीकृत की जा रही

रायपुर ।. 

असल बात न्यूज़।।

. संचालनालय, स्वास्थ्य सेवाएं द्वारा छत्तीसगढ़ शासन के चिकित्सा परिचर्या नियम, 2013 के अनुसार ही शासकीय अधिकारियों-कर्मचारियों को चिकित्सा प्रतिपूर्ति की राशि स्वीकृत की जा रही है। संबंधित जिले के सिविल सर्जन द्वारा देयकों का परीक्षण कर अनुमोदित की गई राशि के ही भुगतान की मंजूरी संचालनालय द्वारा दी जाती है। इसमें किसी प्रकार की कटौती नहीं की जाती।

राज्य शासन के चिकित्सा परिचर्या नियम, 2013 के अनुसार शासकीय अधिकारियों एवं कर्मचारियों के चिकित्सा देयक परीक्षण एवं पारित करने के लिए संचालनालय, स्वास्थ्य सेवाएं को प्राप्त होते हैं। इनका सूक्ष्म परीक्षण करने के बाद संबंधित जिले के सिविल सर्जन द्वारा प्रति हस्ताक्षरित राशि के आधार पर ही चिकित्सा प्रतिपूर्ति की राशि पारित की जाती है। सिविल सर्जन द्वारा देयकों का परीक्षण कर सी.जी.एच.एस. (Central Government Health Scheme) दर पर निर्धारण कर पारित योग्य जो राशि दर्शाई जाती है, उसे ही पारित किया जाता है। संचालनालय, स्वास्थ्य सेवाएं द्वारा देयक की राशि में कटौती नहीं की जाती है। 


संचालनालय, स्वास्थ्य सेवाएं को विभिन्न विभागों एवं कार्यालयों द्वारा प्राप्त होने वाले देयकों को शीघ्र-अतिशीघ्र निराकृत कर भुगतान के लिए संबंधित कार्यालयों को वापस भेज दिए जाते हैं। राज्य के अंदर एवं राज्य के बाहर गैर-मान्यता प्राप्त निजी चिकित्सालय में उपचार संबंधी देयकों की कार्योत्तर स्वीकृति की कार्यवाही संचालक, चिकित्सा शिक्षा के माध्यम से की जाती है। राज्य के अंदर गैर-मान्यता प्राप्त चिकित्सालयों में उपचार कराए गए कोरोना के प्रकरणों की कार्योत्तर स्वीकृति की कार्यवाही संचालक, चिकित्सा शिक्षा द्वारा की जा रही है। 


चिकित्सा प्रतिपूर्ति की राशि स्वीकृत करने के लिए ओपीडी एवं आईपीडी के प्रकरणों में अलग-अलग प्रक्रियाएं अपनाई जाती है। इसके लिए पत्नी के आश्रित होने का प्रमाण-पत्र नहीं मांगा जाता है। बच्चों की क्रम संख्या एवं जन्म तारीख की जानकारी चिकित्सा परिचर्या नियम, 2013 में प्रावधानित है। संचालनालय की एम.आर. (Medical Reimbursement) शाखा में वर्तमान में कोई भी चिकित्सा देयक लंबित नहीं है। सभी चिकित्सा प्रतिपूर्ति देयक या तो पारित किए जा चुके हैं या प्रक्रियाधीन हैं।