विश्व साक्षरता दिवस के अवसर पर स्वरुपानंद महाविद्यालय के प्राध्यापकों एवं विद्यार्थियों ने कम से कम एक निरक्षर को साक्षर बनाने का लिया संकल्प

 

भिलाई। असल बात न्यूज।।

स्वरूपानंद महाविद्यालय के गंzथालय एवं पुस्तकालय सलाहकार समिति के संयुक्त तत्वावधान में ‘‘साक्षरता का महत्व’’ विषय पर परिचर्चा का आयोजन किया गया। साथ ही साथ महाविद्यालय के चतुर्थ वर्ग कर्मचारियों को साक्षरता का महत्व बताया गया।  कार्यक्रम के उद्देश्यों पर प्रकाश डालते हुए श्रीमती मीना मिश्रा विभागाध्यक्ष गणित ने कहा कि किसी भी देश का विकास वहॉं के साक्षर नागरिकों द्वारा ही संभव है। साक्षरता न केवल लोगो को बेहतर जीवन जीने में मदद करता है बल्कि गरीबी उन्मूलन, जनसंख्या को नियंत्रित करने,  बाल मृत्यु दर को कम करने आदि में मदद करता है। साथ ही श्रीमती मीना मिश्रा विभागाध्यक्ष गणित ने चतुर्थ वर्ग के कर्मचारियों को संबोधित करते हुए कहा कि यदि आप स्वयं साक्षर होंगे तभी आप आपके परिवार को साक्षर बना सकते है और अपने बच्चों को आगे बढ़ने के लिए प्रेरित कर सकते है।

महाविद्यालय के मुख्य कार्यकारी अधिकारी डॉ दीपक शर्मा ने गंzथालय सलाहकार समिति को कार्यक्रम के आयोजन के लिए बधाई देते हुए शिक्षा जीवन का आधार है विश्व साक्षरता  दिवस मनाने का उद्देश्य शिक्षा के प्रति लोगो को जागरूक करना और लोगो का ध्यान शिक्षा के प्रति जागरूक करना है।

महाविद्यालय की प्राचार्य डॉ श्रीमती हंसा शुक्ला ने कार्यक्रम के महत्व पर प्रकाश  डालते हुए कहा कि साक्षर व्यक्ति खुद के बौध्दिक विकास के साथ-साथ देश के सामाजिक और आर्थिक विकास में भी अपना योगदान देता है। केवल साक्षर व्यक्ति ही सभ्य समाज का निर्माण कर सकता है। प्राचार्य ने महाविद्यालय के चतुर्थ वर्ग कर्मचारियों को संबोधित करते हुए कहा कि आप मे से कोई यदि पढ़ना चाहता है rks महाविद्यालय द्वारा निःशुल्क कोचिंग प्रदान किया जायेगा साथ ही  आपके बच्चों को शिक्षा प्राप्त करने हेतु सहायता की जाएगी।

महाविद्यालय के प्राचार्य एवं प्राध्यापक तथा विद्यार्थियों ने कम से कम एक निरक्षर व्यक्ति को साक्षर बनाने का संकल्प लिया एवं भारत को संपूर्ण साक्षर देश बनाने में अपना योगदान दे सके। परिचर्चा में बीबीए एवं बीकॉम के विद्यार्थियों ने सफलतापूर्वक भाग लिया और विचार व्यक्त करते हुये बी.कॉम. प्रथम वर्ष के छात्र रोहित सोनी ने कहा मैं आप-पास के बस्ती में जाकर लोगों को साक्षरता के महत्व को बताते हुए साक्षर होने के लिए प्रेरित करुंगा। तान्या सुब्बा ने अपने आस-पास के बस्ती के विद्यार्थियों को निःशुल्क पढ़ाने का संकल्प लिया अन्य विद्यार्थियों ने भी अपने विचार व्यक्त किये। ग्रंथपाल कुमारी नीलिमा साहू ने विद्यार्थियों को रोज एक घण्टा पुस्तकालय मे पुस्तक पढ़ने के लिए प्रेरित किया गया। कार्यक्रम को सफल बनाने में श्रीमती निषा पाठक सहायक प्राध्यापक  गणित एवं सुश्री पूजा सोढ़ा  सहायक प्राध्यापक वाणिज्य का महत्वपूर्ण योगदान रहा।