अधिकारियों कर्मचारियों की 14 सूत्रीय अन्य मांगों का परीक्षण करने समिति गठित, प्रमुख सचिव श्री मनोज पिंगुवा हैं समिति के अध्यक्ष

 मुख्यमंत्री के आश्वासन के अनुरूप आदेश जारी, 

05 प्रतिशत् मंहगाई भत्ता के बाद श्री पिंगुवा की अध्यक्षता समिति का गठन                                                          

रायपुर।

असल बात न्यूज।।

छत्तीसगढ़ में राज्य सरकार अधिकारियों कर्मचारियों को 5% महंगाई भत्ता देने के बाद अब  अन्य 14 सूत्रीय अन्य मांगों पर विचार करने जा रही है।इसके लिए प्रमुख सचिव मनोज पिंगुआ की अध्यक्षता में एक समिति गठित कर दी गई है।यह समिति अधिकारियों कर्मचारियों की अन्य मांगों का परीक्षण करेगी तथा उस पर अपनी रिपोर्ट देगी।राज्य सरकार के इस निर्णय से अधिकारियों कर्मचारियों में खुशी की लहर देखी जा रही है।

छग.कर्मचारी अधिकारी फेडरेशन के संयोजक कमल वर्मा एवं प्रमुख प्रवक्ता विजय कुमार झा, ने बताया है कि  फेडरेशन के प्रतिनिधि मण्डल की मुख्यमंत्री श्री भूपेश बधेल से हुई सार्थक चर्चा के अनुरूप छत्तीसगढ़ शासन वित्त विभाग ने 05 प्रतिशत् मंहगाई भत्ता 01 जुलाई 2021 से नगद भुगतान करने संबंधी आदेश प्रसारित कर दिया गया था, अब कर्मचारियों की 14 सूत्रीय विभिन्न मांगों के लिए श्री मनोज कुमार पिंगुवा प्रमुख सचिव की अध्यक्षता में कमेटी का गठन भी करने संबंधी आदेश भी जारी कर दिया गया है। फेडरेशन ने अन्य समितियों के अनुभव को ध्यान में रखते हुए मुख्यमंत्री से समय सीमा में विसंगतियों के निराकरण की मांग की थी। नोटशीट में 03 माह की समय सीमा में निराकरण का उल्लेख है। Federation ने आदेश के अनुसार 03 माह में प्रस्तुत अभ्यावेदनों के निराकरण की अपेक्षा पिंगुआ समिति से की है।  

         प्रमुख सचिव की अध्यक्षता में कर्मचारियों की समस्याओं के निराकरण हेतु सुश्री अलरगेलगंगई डी.सचिव व डाॅ. कमलप्रीत सिंह सचिव को समिति का सदस्या बनाया गया है। फेडरेशन ने मुख्यमंत्री के समक्ष इस बात को प्रमुखता से प्रस्तुत की है, कि अविभाजित मध्यप्रदेश में डी.एन.तिवारी कमेटी, श्रीमती इंदिरा मिश्रा कमेटी, श्री एम.के.राउत कमेटी, ब्रम्हस्वरूप समिति व अंत में राज्य प्रशासनिक सुधार आयोग का गठन किया गया। विगत 35 वर्षो में किसी कमेटी ने कर्मचारियों की समस्याओं से रूबरू होकर अपना प्रतिवेदन प्रस्तुत नहीं किया। जिस कमेटी ने प्रतिवेदन भी प्रस्तुत किया उसे शासान ने मान्य नहीं किया। इसी का परिणाम है कि लिपिक संवर्ग, शिक्षक, स्वास्थ्य संयोजक, नर्स, पटवारी, राजस्व निरीक्षक, महिला पर्यवेक्षक, सहायक शिक्षक आदि के वेतन विसंगति दूर नहीं हुआ। इसलिए इस समिति को 03 माह में निराकरण करने हेतु निर्देशित किया गया है। किंतु जारी आदेश में इसका उल्लेख नहीं किये जाने से कर्मचारियों में भ्रम की स्थिति निर्मित हो गई है। इसलिए सामान्य प्रशासन विभाग समिति को समय सीमा में निर्णय करने व कर्मचारियों की अपनी वेतन विसंगति सहित अन्य समस्याओं जैसे शेष लंबित 11 प्रतिशत् मंहगाई भत्ता, 7 वां वेतनमान् के बकाया एरियर्स की 4 किश्तों का भुगतान, सभी विभागों में पदोन्नति, क्रमोन्नति व समयमान् वेतनमान निर्धारित करने, सहायक पशु चिकित्सा अधिकारी, सहायक शिक्षकों को तृतीय समयमान् वेतनमान् स्वीकृत करने, कोरोना संक्रमण से मृत शासकीय सेवकों को 50 लाख अनुदान राशि भुगतान करने, अनियमित कर्मचारियों को नियमित करने, स्कूल सफाई कर्मचारियों को अंशकालिक से पूर्णकालिक करने, छटनी किए गए अनियमित कर्मचारियों को बहाल कर तत्काल ठेका प्रथा व प्लेसमेंट व्यवस्था बंद करने, 4 स्तरीय पदोन्नत् वेतनमान् प्रदान करने, 7 वें वेतनमान् की अनुशंसा के अनुरूप छत्तीसगढ़ में कार्यरत् केन्द्रीय कर्मचारियों की भाॅंति 10 प्रतिशत् गृहभाड़ा भत्ता प्रदान करने, राज्य में पुरानी पेंशन योजना लागू करने, कार्यभारित एवं आकस्मिकता निधि के कर्मचारियों को समकक्ष रिक्त पदों पर समायोजित करने, पटवारियों को पदोन्नति प्रदान कर लेपटाॅप के साथ कम्प्यूटर की समस्त सुविधा प्रदान करने, पेंशनरों को त्वरित पेंशन भुगतान करने राज्य निर्माण से निरंतर राज्य पुर्नगठन अधिनियम की धारा 49 को विलोपित कर पेंशनर्स सेल का गठन करने संबंधी सुझाव प्रस्ताव व तर्क एक माह की समय सीमा में कमेटी के समक्ष प्रस्तुत करने की अपील फेडरेशन के प्रवक्ता बी.पी.शर्मा, संजय सिंग, राजेश चटर्जी, डाॅ. लक्ष्मण भारती, आर.केे.रिछारिया, बिन्देश्वर राम रौतिया,ै ओंकार सिंह, यशवंत वर्मा, सतीश मिश्रा, पंकज पाण्डेय, चन्द्रशेखर तिवारी, सत्येन्द्र देवाॅगन, राम सागर कोसले, प्रशांत दुबें, मूलचंद शर्मा, मनीष ठाकुर, श्रीमती याचना शुक्ला, हरिमोहन सिंह, राकेश शर्मा, दिलीप झा, अश्वनी वर्मा, नीरजप्रताप सिंह, प्रवीण ढ़ीड़वंशी, विवके दुबे, कौशल अग्रवाल, जी.एस.यादव, तुलसी राम साहू, एम.एलउ.चन्द्राकर,केदार जैन, लैलून आदि नेताओं ने की है।