दुर्ग जिले में भी हाईटेक क्रिकेट सटोरिए सक्रिय , पुलिस ने किया पर्दाफाश,साइबर सेल एंव चौकी स्मति नगर पुलिस की टीम संयुक्त कार्यवाही


दुर्ग। असल बात न्यूज।

 इस जिले में भी हाईटेक साइबर सटोरिये सक्रिय हो गए हैं। ये सटोरिये क्रिकेट के मैच में भी पैसा लगवा रहे हैं।स्वामी पुलिस में ऐसे सटोरियों का पर्दाफाश किया है।क्रिकेट सटोरियों पर दुर्ग पुलिस की है कड़ी कार्यवाही। बताया जाता है कि ये सटोरिये इंडिया बनाम इंग्लैंड होने वाले मैच के दौरान आईडी देकर क्रिकेट सट्टा खिला रहे थे।इस मामले में जितने भी ऑनलाइन के माध्यम से पैसों का लेनदेन हुआ है उनके सभी अकाउंट की जानकारी प्राप्त कर अग्रिम कार्यवाही की जा रही है। 


पुलिस से प्राप्त जानकारी अनुसार पकड़े गए आरोपी स्मृति नगर क्षेत्र में हाईटेक तरीके से CARRY777 सफ्टवेयर के जरिए ऑनलाइन आईडी भेज कर खिलाते थे क्रिकेट सट्टा। इन लोगों के द्वारा टेलीग्राम चैनल के माध्यम से 14000 लोगों को जोड़कर, पैसा लेकर आई डी मुहैया कराई जाती थी।


              जिले में अवैध कारोबार एवं क्रिकेट मैच एवं ओलंपिक में होने वाली सट्टा पर अंकुश लगाने हेतु पुलिस अधीक्षक दुर्ग श्री प्रशांत अग्रवाल के द्वारा निर्देशित किया गया है। जिसके तारतम्य में  मुखबिर से सूचना मिली थी कि स्मृति नगर क्षेत्र के साकेत नगर में एक किराए का कमरा लेकर क्रिकेट सट्टा खिलाया जा रहा है। सूचना पर अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक शहर श्री संजय कुमार धु्रव निर्देशन में साइबर सेल एंव चौकी स्मृति नगर पुलिस की टीम के द्वारा स्मृति नगर क्षेत्र में रेड कार्यवाही की गई, जिस पर तीन आरोपियों अश्विनी कुमार पांडे, तेजस पांडे और अतुल पटेल को गिरफ्तार किया गया है। आरोपियों के पास से एक लैपटाप, दो रजिस्टर , 4 नग मोबाइल, जिओ फाईवाई एवं पेटीएम एप पर 2,38,000 रुपए तथा क्रिकेट सट्टे में 8,68 258 रू का लेखा जोखा मिला है। जिसको 63 यूपीआई एकाउट में जितेंद्र पंडित उर्फ काली के बताये अनुसार ट्रांसफर किया गया है। आरोपियों पर चार (क) जुआ एक्ट में विधिवत गिरफ्तार कर अपराध पंजीबद्ध कर कार्यवाही किया गया। प्रारंभिक पूछताछ में आरोपियों द्वारा सुपेला निवासी *जितेंद्र पंडित उर्फ काली* के द्वारा दिए गए रकम को अपने एंकाउट में लेकर उसके द्वारा बताये गये यूपीआई एंकाउटो में ट्रांजैक्शन भी किया गया है, जिसके संबंध में जांच की जा रही है। 

           क्रिकेट सट्टा/सट्टा एवं जुआ खेलने/खिलाने वालों के विरुद्ध दुर्ग पुलिस का यह अभियान लगातार जारी रहेगा।