स्कूल, महाविद्यालय खुले, बच्चों का किया गया उत्साह पूर्वक स्वागत

 

  रायपुर,दुर्ग,भिलाई।असल बात न्यूज़।

आज से स्कूल महाविद्यालय खुल गए हैं।कोरोना संकट के चलते  बहुत दिनों के बाद शैक्षणिक संस्थाएं संस्थाएं खुली है। लंबे समय के बाद स्कूलों, महाविद्यालयो में  सन्नाटा आज खत्म हुआ है और चहल पहल शुरू हुई है। कोरोना संक्रमण के फैलाव को देखते हुए स्कूल कॉलेजों को बंद कर दिया गया था। अब संकट कुछ कम हुआ है तो स्कूल, कॉलेज फिर से खुले हैं। बताया जा रहा है कि ऐसे में कई स्कूलों में स्कूल पहुंचने पर बच्चों का भव्य स्वागत भी किया गया।

 पूरे छत्तीसगढ़ सहित महासमुंद में सरकारी और निजी स्कूलों में आज सावन के दूसरे सोमवार 2 अगस्त से स्कूलों में बच्चों की चहल-पहल शुरू हो गई है। कई स्कूलों में बच्चे सुबह से पहुंच गए तथा स्कूल पहुंचे कि उन्होंने 1 दिन पहले से तैयारी कर ली थी। स्कूलों में बच्चों की पहले की तरह ऑफलाइन कक्षा ये लगनी शुरू हो गई है। शासन के द्वारा निर्णय लिया गया    है कि  जिन बच्चों को सर्दीखांसी होगी उन्हें स्कूलों में प्रवेश नहीं मिलेगा। इस आदेश को देखते हुए स्कूलों में बच्चों के स्वास्थ्य का परीक्षण भी किया गया। इसके लिए ज्यादातर  स्कूलों में स्वास्थ्य परीक्षण की व्यवस्था की गई थी।       

         शासन प्रशासन के द्वारा यह भी  निर्देश जारी किया गया कि स्कूलों और महाविद्यालय में अभी बच्चों की उपस्थिति अनिवार्य नहीं है इसलिए अभिभावकों की मर्जी से बच्चेस्कूलआएंगे। बताया जाता है कि बहुत जगह अभिभावकों ने अपने बच्चों को स्कूल भेजना अभी उचित नहीं समझा है और वे बच्चे स्कूल नहीं गए। एक स्कूल संचालन समिति के डायरेक्टर ने बताया कि बच्चों को रोटेशन के अनुसार स्कूल बुलाया गया है। 50 फीसद क्षमता में ही बच्चों को कक्षाओं के भीतर बिठाया जा रहा है।पूरे प्रदेश में सभी  सरकारी हाई और हायर सेकेंडरी और  निजी स्कूलों में कक्षा 10वीं और 12वीं के बच्चों क्लास लगनी सुबह हो गई है।

 दूसरी तरफ से राज्य शासन के निर्णय के अनुसार आनलाइन पढ़ाई यथावत संचालित रहेगी। पहले दिन कक्षा 10वीं और 12वीं के लगभग 12000 बच्चों को स्कूलों में बैठया गया है

     जनप्रतिनिधियों, प्रशासनिक अधिकारियों तथा समाज     सेवा से जुड़े लोगों ने बच्चों के स्कूल खुलनेऔर नये शिक्षा सत्र के लिए अपनी शुभकामनाएं दी है।  शिक्षकों से कहा अच्छी शिक्षा और शिक्षित बच्चों के लिए सुरक्षित भविष्य का अच्छा वातावरण बनाने को कहा गया है। काफ़ी लम्बी अवधि बाद स्कूलों में सन्नाटा टूटेगा। इस दौरान शासन के द्वारा जारी covid19 की guideline के दिशा-निर्देशों का शतप्रतिशत पालन करने तथा बच्चों के स्वास्थ्य की सुरक्षा का पूरा ध्यान रखने को कहा गया है। 

   यह महत्वपूर्ण जानकारी मिली है कि अभिभावकों ने अपने बच्चों को कोरोना से बचाव के लिए टीका लगाने के लिए बहुत अधिक जागरूकता दिखाई है और 18 वर्ष से अधिक उम्र के अधिकांश बच्चों ने टीका लगवा लिया है जिसके चलते महाविद्यालयो में कोरोना के संक्रमण के फैलाव का खतरा काफी कम हो जाने की संभावना है।यह भी बताया जा रहा है कि अधिकांश शिक्षकों को कोविड वेक्सिन लग चुकी है। प्रशासन के द्वारा  दावा किया गया है कि स्कूलों को बच्चों के स्कूल प्रवेश के पहले पूरे स्कूल को सेनेटाइज किया गया है कि स्कूलों में । साफ़ सफ़ाई का विशेष तौर पर ध्यान दिया गया है। स्कूल खुलने पर बच्चों का टेम्परेचर चेक करने के बाद कक्षा में सोशल डिस्टेंस के साथ पढ़ाई की व्यवस्था कराई गई है 

 काफ़ी दिनों के बाद स्कूल खुलने से कक्षा दसवीं -बारवी के छात्र-छात्रा ओ में हर जगह काफी उत्साह तथा प्रसन्नता देखने को मिल रही है।    स्कूल शिक्षा विभाग के अंतर्गत सभी निजी एवं शासकीय विद्यालयों में कक्षा 1 से 5वीं एवं कक्षा 8 वी की कक्षायें प्रारंभ करने के संबंध में ग्रामीण क्षेत्रों के लिए संबंधित ग्राम पंचायत तथा स्कूल की पालक समिति की अनुशंसा के अनुसार शुरू  किया गया है।          वही शहरी क्षेत्रों के लिए संबंधित वार्ड पार्षद एवं स्कूल की पालक समिति की अनुशंसा के अनुसार  कक्षायें शुरू की गई। जहाँ संबंधित वार्ड पार्षद,पालक समिति की अनुशंसा नही होगी वहाँ के स्कूल नही खुलें है। विद्यार्थियों को कक्षाओं में 1 दिवस के अंतर पर बुलाया जा रहा है।  अर्थात् प्रतिदिन केवल आधी संख्या में ही विद्यार्थी बुलाये जा रहे हैं।