यश ड्रीम रीयल स्टेट कंपनी के दो फरार आरोपी सात साल बाद पकडाये लगभग 22 करोड रुपये की धोखाधडी का मामला

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पकडे गये आरोपियो ने कंपनी के 17.0 एकड जमीन को कर लिया था अपने नाम

पूर्व मे पकडे गये थे सात आरोपी

दुर्ग, भिलाई।असल बात न्यूज़।

बहुचर्चित यश ड्रीम रीयल स्टेट कंपनी लिमिटेड नेहरु नगर के मामले मे दो फरार आरोपियो को सुपेला पुलिस ने रायपुर से गिरफ्तार करने मे सफलता प्राप्त की है।ये आरोपी कई तरह के लुभावने वादे , झांसे देकर, आर बी आई के नियमो का नमन करते हुए अधिक ब्याज देने, कम समय मे रकम दोगुना करने, तरह तरह के लुभावने इनामी स्कीम रख लोगो से धोखाधडी कर पैसा अर्जित किया व लोगो की गाड़ी मेहनत की कमाई को हडप कर अपनी निजी संपत्ति तैयार कर लिया ।

पुलिस अधीक्षक श्री प्रशांत अग्रवाल के निर्देश पर एवं अति पुलिस अधीक्षक श्री संजय ध्रुव एवं नगर पुलिस अधीक्षक भिलाई नगर श्री आर के जोशी के मार्गदर्शन मे चिटफण्ड कंपनियो के फरार आरोपियो के धरपकड एवं कंपनियो के जप्त संपत्ति की कुर्की आदि की प्रक्रिया पूर्ण कर ठगी के शिकार निवेशको को उनकी रकम दिलवाने के अभियान के तहत   बहुचर्चित यश ड्रीम रीयल स्टेट कंपनी लिमिटेड नेहरु नगर के मामले मे दो फरार आरोपियो को सुपेला पुलिस ने रायपुर से गिरफ्तार करने मे सफलता प्राप्त की है। संबंधित चर्चित मामले मे कंपनी के बोर्ड ऑफ डायरेक्टर्स के सात सदस्यो को वर्ष 2015 मे गिरफ्तार कर लिया गया था। तीन आरोपियो की गिरफ्तारी शेष थी जिसमे से दो आरिपियो को पकड़ने मे सफलता प्राप्त की गयी है। वर्ष 2015 मे प्रार्थी हेमंत कुमार साहू सा. नगपुरा की रिपोर्ट पर थाना सुपेला जिला दुर्ग मे अपराध क्र. 596/2015 धारा 420,409, 120बी, 34 भादवि , इनामी चीट फण्ड की धारा 3,4,5,6 छ.ग. निक्षेपको के हितो का संरक्षण अधि. की धारा 10 एवं आर बी आई एक्ट की धारा 4,5 पंजीबद्ध किया गया था।

प्रार्थी जैसे कई सैकडो लोग यसग्रुप ऑफ कंपनी, यश ड्रीम रियल स्टेट कंपनी लिमिटेड नेहरु नगर प्रियदर्शनी परिसर भिलाई मे अधिक मात्रा मे रकम निवेश किये थे। तथा उसे छल करते हुए कंपनी के डायरेक्टर अमित श्रीवास्तव , नितिन श्रीवास्तव , नीता श्रीवास्तव , रिभा श्रीवास्तव , दीपक सिगारे , सिन्धु सिंगारे तथा पूजा टंडन जो कि यश ग्रुप ऑफ कंपनी के डायरेक्टर थे। इनके विरुद्ध प्रथम दृष्टया बडे पैमाने पर धोखाधडी का अपराध घटित करना पाये जाने से अपराध पंजीबद्ध कर विवेचना की गयी। तब पाया गया कि कंपनी के डायरेक्टर  श्रीवास्तव पहले सहारा इंडिया कंपनी में काम कर चुका था तथा सहारा रंडिया के डायरेक्टर सुब्रत शाह का नजदीकी  रहा था,जो सहारा इंडिया कंपनी को छोडकर स्वतः अमित श्रीवास्तव के अलावा अपने भाई नितिन श्रीवास्तव तथा दोनो भाइयो की पत्नि नीता एवं रिया श्रीवास्तव तथा दीपक सिंगारे , सिन्धु सिंगारे तथ पूजा टंडन के साथ मिलकर 4 जून 2008 को ग्वालियर से रजिट्रेशन कराने के बाद प्रियदर्शनी परिसर भिलाई मे स्थाई कार्यालय स्थापित कर आम जनता को तरह तरह के लुभावने झांसे देकर प्रलोभित स्कीम तैयार कर लोगो से धोखाधडी करते हुए स्वतः द्वारा तैयार बांड पेपर देकर लगभग 2695 ( दो हजार छ सौ पंचांबे ) लोगो से कुल 6417 ( छ. हजार चार सौ सत्रह) एकाऊंट मे 21,86,34,016/- रु. ( इक्कीस करोड छियासी लाख चौतीस हजार सोलह रुपये ) निवेश कराये तथा उक्त निवेश को इनामी चिट फण्ड तथा इनामी स्कीम योजना बताकर भारी रकम छल करते हुए कंपनी ने धोखाधडी कर अर्जित किये उक्त चिट फण्ड एवं धोखाधडी की रकम से कंपनी के डायरेक्टरो ने संपत्ति को संपरिवर्तित करते हुए रकम को रियल स्टेट मे ब्यय कर जमीन, मकान मे निवेश किया तथा उक्त संपत्ति को निजी बनाते हुए कुछ संपत्ति अन्य फर्जी कंपनी के नाम पर स्थानांतरित कर दिया। कंपनी का ज्यादा हिस्सा एक , "मां शारदा डेवलपर्स" नाम का पृथक फर्म बनाकर अपने साले अनुराग श्रीवास्तव साली अमृता श्रीवास्तव तथा राहुल दुबे के नाम से तैयार कर संपत्ति को स्थानांतरण कर दिया गया। अपराध पंजीबद्ध होने बाद कंपनी के डायरेक्टर तथा अन्य सभी लोग भिलाई तथा छत्तीसगढ़ प्रांत से बाहर फरार हो गए काफी प्रयास के बाद आरोपी डायरेक्टर अमित श्रीवास्तव , नितिन श्रीवास्तव , नीता श्रीवास्तव , रिभा श्रीवास्तव , दीपक सिंगारे , सिन्धु सिंगारे एवं पूजा टंडन पकडे गये। जिनसे विस्तृत पूछताछ एवं बारीकी से

विवेचना किये जाने पर पाया गया की एक सुनियोजित षडयंत्र रचकर कंपनी तैयार की गयी तथा योजनाबद्ध तरह से संचालित कंपनी का फैलाव 4 राज्यो मे किया गया सभी जगह भारी मात्रा मे रकम निवेश कराये गये । कई तरह के लुभावने बादे , झांसे तथा आर बी आई के नियमो से परे हटकर अधिक ब्याज देने कम समय मे रकम दोगुना करने, तरह तरह के लुभावने इनामी स्कीम रख लोगो से धोखाधडी कर पैसा अर्जित करते रहे। व लोगो की गाड़ी मेहनत की कमाई को हडप कर अपनी निजी संपत्ति तैयार कर लिये ।

 शिकायतो के आधार पर सेबी के ब ढ़ते दबाव के चलते डायरेक्टरो ने अर्जित संपत्ति को हडपने के लिए अपने ही कंपनी के छोटे दैनिक वेतन भोगी कर्मचारियो के नाम से एक फर्म महाकालेश्वर बना कर अपने द्वारा अवैध रुप से कमाई रकम को बचाने का प्रयास किया। प्रकरण मे कंपनी के पास कुल संपत्ति का आंकलन किया गया जो लगभग 26.713 एकड जमीन , बैंक मे लगभग छः लाख रुपये मकान एवं कार की संपत्ति यश ड्रीम रियल स्टेट कंपनी लिमिटेड मे तथा उसके डायरेक्टरो के नाम पर पाये गये। इसके अलावा यश ड्रीम रियल स्टेट कंपनी की संपत्ति मे से मां शारदा डेवलपर्स फर्म मे अपने रिस्तेदार, अपने पत्नि के भाई अनुराग श्रीवास्तव तथा पत्नि की बहन अमृता श्रीवास्तब के नाम पर 17.099 एकड जमीन कूटकृत करते हुए निजी संपत्ति तैयार किया। उक्त फर्म के डायरेक्टर राहुल दुबे तथा फर्म के सदस्य अनुराग श्रीवास्तव , अमृता श्रीवास्तव के द्वारा यश ड्रीम रीयल सीट के 17.0 एकड जमीन को अपने नाम कराने मे सहयोग करते हुए धोखाधडी किया गया था।

शेष तीनो आरोपियो की तालाश लगातार की जा रही थी जो पूर्व मे गिरफ्तार आरोपियो के गिरफ्तार होने पश्चात लगातार फरार चल रहे थे। वरिष्ठ अधिकारियो के निर्देश पर थाना स्तर पर एक पृथक टीम बनाकर थाना प्रभारी सुरेश ध्रुव के द्वारा फरार आरोपीयो के धर पकड के प्रयास  तेज कर दिये गये थे । अथक प्रयास के बाद अनुराग श्रीवास्तव पिता गौतम प्रसाद श्रीवास्तव उम्र 38 वर्ष एवं उसकी सगी बहन अमृता श्रीवास्तव पिता गौतम प्रसाद श्रीवास्तव  उम्र 30 वर्ष साकिनान कुसुम विला तेली बांधा रायपुर को गिरफ्तार कर लिया गया है। उनसे कंपनी से संबंधित दस्तावेजो की जप्ती भी की गयी है। इस महत्वपूर्ण कार्यवाही मे थाना प्रभारी सुरेश ध्रुव , उप निरी. लखेश गंगेश ,आर.विकास तिवारी का विषेष योगदान रहा।