सेंट थॉमस महाविद्यालय के एनसीसी एवं आइक्यूएसी विभाग द्वारा दस दिवसीय आपदा प्रबंधन विषय पर आयोजित सर्टिफिकेट कार्यक्रम का समापन समारोह

 

भिलाई। असल बात न्यूज।

सेंट थॉमस महाविद्यालय में एनसीसी एवं आइक्यूएसी विभाग द्वारा 10 दिवसीय 'आपदा प्रबंधन सर्टिफिकेट कार्यक्रम' संपन्न हुआ । समापन समारोह के मुख्य अतिथि हेमचंद यादव विश्वविद्यालय दुर्ग अधिष्ठाता छात्र कल्याण डॉ प्रशांत श्रीवास्तव  थे । उन्होंने सर्टिफिकेट कोर्स की सराहना करते हुए कहा कि  प्रतिभागियों के लिए लाभदायक कोर्स है और सभी को शुभकामनाएं दी।

 मैनेजर बिशप हिस ग्रेस डॉ जोसेफ मार डायोनिशियस, महाविद्यालय के प्रशासक वेरी रेवरेंट फादर डॉ जोशी वर्गीस एव प्राचार्य डॉ एम जी रोइमोन, अकादमिक अधिष्ठाता डॉ विनीता थॉमस एवं आइक्यूएसी समन्वयक डॉ देबजानी मुखर्जी ने प्रतिभागियों का उत्साहवर्धन किया तथा सभी के उज्जवल भविष्य की कामना की। कार्यक्रम के दौरान हुए द्वितीय सत्र  प्राथमिक उपचार विषय पर  कंसल्टेंट फिजिशियन, डॉ. सुधीर गंगे द्वारा लिया गया। उन्होंने सीपीआर की प्रक्रिया को विस्तार पूर्वक बताते हुए और त्वरित प्राथमिक चिकित्सा प्रदान करने एवं  विभिन्न स्थितियों से निपटने के विभिन्न तरीकों के बारे में प्रतिभागियों को अवगत कराया। तृतीय सत्र में भूस्खलन, चक्रवात और सुनामी विषय पर प्रो डॉ. श्रीनिवास देशमुख, भूविज्ञान विभाग, शासकीय वी.वाई.टी. पीजी ऑटोनॉमस कॉलेज, दुर्ग, द्वारा विषय से संबंधित महत्वपूर्ण जानकारी दी गई। उन्होंने आपदाओं के कारण,  होने वाली हानियों पर प्रकाश डालते हुए और इनसे बचने के उपाय प्रतिभागियों को बताए। 

चौथा एवं आठवे सत्र 'आपदा प्रबंधन कार्यालय' तथा जेंडर इन डिजास्टर मैनेजमेंट विषय पर अतिथि वक्ता , यूनिसेफ इंडिया के आपातकालीन अधिकारी,  विशाल वासवानी द्वारा संबोधित किया गया। उन्होंने बड़े ही उत्साह के साथ प्रतिभागियों को ऑफिस मैनेजमेंट विषय से अवगत करवाया। उन्होंने यह भी बताया कि किस प्रकार विद्यालयों एवं महाविद्यालयों में सेफ्टी वार्डन बनाकर आपदाओं पर नियंत्रण रखा जा सकता है। पांचवां सत्र के मुख्य अतिथि वक्ता  कविलाश टंडन , एएसपी ट्रैफिक, भिलाई  द्वारा ट्रैफिक एवं सड़क के नियमों एवं सड़कों पर होने वाली दुर्घटनाओं के बचाव संबंधी महत्वपूर्ण जानकारियां विद्यार्थियों को दी गई।  गुरजीत सिंग ने सड़क सुरक्षा और यातायात नियमों के विषय पर प्रेजेंटेशन प्रस्तुत किया और दर्शकों से हमेशा नियमों का पालन करने का संकल्प लेने को कहा। इस 10 दिवसीय कार्यक्रम के दौरान छठे सत्र में हेमचंद यादव विश्वविद्यालय दुर्ग के अधिष्ठाता छात्र कल्याण डॉ प्रशांत श्रीवास्तव द्वारा आपदा प्रबंधन पर आधारभूत जानकारी देते हुए किस प्रकार संकटों का सामना किया जा सकता है पर प्रकाश डाला। सातवें सत्र को एन आई टी रायपुर के प्रो डॉ नीरज विश्वकर्मा द्वारा लिया गया। उन्होंने विस्तारपूर्वक ज्वालामुखी फटने, सूखा पड़ने तथा भूकंप की घटना होने के कारण व विभिन्न आपदाओं के निवारण के विषय में जानकारी दी। नवे सत्र में श्री एसडी विश्वकर्मा, डिस्टिक कमांडेंट डिस्ट्रिक्ट फायर ऑफिसर भिलाई, स्वतंत्र कुमार भिलाई एवं रवि सोनी भिलाई द्वारा अग्निशमन संबंधित महत्वपूर्ण जानकारियां दी गई। अंतिम सत्र में व्याख्यान साइबर सेल प्रभारी गौरव तिवारी द्वारा  साइबर अपराध से कैसे बचा जा सकता है पर विशेष जानकारियां सांझा की गई।

इस कार्यक्रम का लाभ लेने के लिए प्रतिदिन डेढ़ सौ से भी अधिक प्रतिभागी शामिल हुए। एस यू ओ तानिया चक्रबर्ती, कैडेट अंकिता चौधरी , योगेश पटेल एवम् कैडेट योशिता साहू ने शानदार प्रस्तुति पावर पॉइंट के माध्यम से प्रतिभागियों को दी। जे यू ओ आरती कुमारी एवं उज्जवल कुमार गर्ग ने क्विज का आयोजन करके प्रतिभागियों की क्षमता को परखा। एएनओ डॉ सुरेखा जवादे के मार्गदर्शन एवं संचालन में कार्यक्रम सुचारू रूप से चला और एएनओ डॉ लक्ष्मण प्रसाद  द्वारा धन्यवाद ज्ञापन किया गया। तकनीकी सहयोग जे‌ मजू द्वारा रहा।