जिस कछुए की तस्करी कर रहे थे, बाजार में उसकी कीमत लाखों में

 

रायपुर, महासमुंद। असल बात न्यूज़।

0  विशेष संवाददाता

महासमुंद जिले में पिछले दिनों तस्करी करने के दौरान वन विभाग की टीम के द्वारा जो कछुआ पकड़ा गया है, वह कोई सामान्य कछुआ नहीं है वरन् बाजार में उसकी कीमत लाखों में जाती है। ऐसे कछुआ को रखने से भारी धन वर्षा होने की मान्यता है। लोगों का विश्वास है कि घर में ऐसे कछुए के रहने से सुख, संपदा, वैभव और समृद्धि बढ़ती है। अधिक लाभ, पैसा कमाने की इच्छा रखने वाले लोग इस तरह के कछुए अपने घरो में पालना चाहते हैं। और पसंद आने पर यह कछुआ लाखों रुपए में खरीद लेते हैं। पिछले दिनों तो ऐसे ही कछुए का 50 लाख तक में सौदा होने की जानकारी मिली है।

यह मान्यता है कि कुछ विशेष प्रकार के कछुए पालने से घर में समृद्धि आती है। लक्ष्मी हमेशा बनी रहती हैं। जिला वन अधिकारी रायपुर  विसवेश कुमार बताते हैं कि वह कछुआ बहुत सौभाग्यशाली माना जाता है। ऐसा विश्वास किया जाता है कि यह वैभव सुख समृद्धि को पढ़ाने वाला होता है। यह soft shell प्रकार का एनिमल है। यह नदियों में पाया जाता है। समुद्र में पाए जाने वाले कछुए की पीठ पर खुरदुरी होती है। उसकी पीठ बहुत कोमल और चिकनी होती है। इसमें अलग ही shining  होती है जो कि लोगों को आकर्षित करते हैं। और यह जब धन, सुख, संपदा, वैभव को बढ़ाने वाला हो तो शुभ अवसर पर इसकी मांग बढ़ जाती है। कई शौकीन और जानकार लोग तो लाखों रुपए देकर भी इसे खरीद लेते हैं।

जिन युवकों से वन विभाग की टीम ने उक्त कछुए को पकड़ा वे युवक उसे लाखों रुपए में बेचने की फिराक में थे। इसके लिए उन लोगों ने कुछ जगह सौदेबाजी भी की थी। वन विभाग की टीम ने इस मामले का फिल्मी स्टाइल में पर्दाफाश किया। मुखबिर से सूचना मिलने के बाद कि उन लोगों के पास कछुआ है उन्हें पकड़ने की योजना बनाई गई और जाल बिछाया गया।

पहले उन लोगों से महासमुंद में ही मिलने की बात कह गई। जब लोग वहां गए तो वहां भीड़ होने की बात कहकर उन्हें खरोरा बुलाया गया। वन विभाग की टीम ने खरोरा में पूरी तैयारी कर रखी थी। वहां कुछ लोगों को सिविल ड्रेस में भी तैनात किया गया था। युवक कछुए के साथ वहां आ गए तो कछुआ को बरामद कर लिया गया और युवक पकड़ लिए गए।

असल में इस कार्रवाई के दौरान वन विभाग की टीम को यह भी डर था कि कहीं ये युवक कछुआ कुछ नहीं छिपा ना दे। कछुआ का आकार इतना बड़ा होता है कि उसे आसानी से बैग, पर्स या गाड़ी की डिक्की में कहीं भी रखा जा सकता है। इसलिए उस कार्रवाई के दौरान यह भी सुनिश्चित करना था कि कहीं युवको को भनक न लग जाए कि उन्हें पकड़ने के लिए और कछुआ बरामद करने के लिए कोई योजना बनाई गई है। वे पकड़े  जा सकते हैं। Team के लोगों ने यह जाल बिछाने के लिए युवकों से 15 लाख में वह कछुआ खरीदने का सौदा भी किया। यह राशि अधिक होने की वजह से खरोरा में देने की बात कही गई थी।

युवक कछुआ बेचने पहुंचे और पकड़ लिए गए।इस किस्म के कछुए नदियों तालाबों में मिल जाते हैं। बहते पानी में यह ज्यादातर मिलते हैं। ऐसे में महानदी तथा वहां के आसपास के तालाबों,बांधों में इस प्रकार के कछुए के बड़ी संख्या में मिलते  हैं।समुद्री कछुए की तुलना में इन कछुओं की ही बहुत अधिक मांग होती है।

जिला वन अधिकारी श्री विश्वेश् कहना है कि यह कछुए दुर्लभ प्रजाति के हैं। इन्हें lion, Tiger की श्रेणी में रखा जाता है। ऐसे कछुए का संरक्षण वन विभाग की बड़ी जिम्मेदारी है।खुशी की बात है कि युवकों से जिंदा कछुआ बरामद कर लिया गया है।


प्राप्त जानकारी के अनुसार CCF  जे. आर. नायक, DFO विश्वेश कुमार के  नेतृत्व में  दीपक तिवारी स.प.अ. तिल्दा के निर्देशानुसार दीपक वर्मा, यदुकुमार साहू, जागेश बांधे, प्रशांत यादव, सनत कुमार, सौरभ, राधेश्याम, धर्मेन्द्र, कपूरचंद, रामेश्वर साहू वाहन चालक एवं वन स्टाफ तिल्दा द्वारा मुखबिर की सूचना पर  युवकों को संदेह के आधार पर घेराबंदी कर पकड़ा गया। कछुए को सुरक्षित जगह पहुंचा दिया गया है।