सेंट थॉमस महाविद्यालय में स्थापना दिवस का आयोजन

 

भिलाई। असल बात न्यूज़।

सेंट थॉमस महाविद्यालय में स्थापना दिवस भव्यता एवं पवित्रता के साथ मनाया गया| यह कार्यक्रम ऑनलाइन आयोजित किया गया| कार्यक्रम का शुभारंभ इसा मसीह के बारह   अनुयायिओं में से एक सेंट थॉमस की जीवनी, उनके कार्यों पर चर्चा के साथ हुआ।

 महाविद्यालय के प्रशासक एवं शिक्षा अधिकारी सेंट थॉमस मिशन भिलाई, रेवेरेंट फादर डॉ जोशी वर्गीस ने सभी अतिथियों एवं प्रतिभागियों का गर्म जोशी के साथ स्वागत किया | शिक्षा के क्षेत्र में सेंट थॉमस योगदान की चर्चा करते हुए डॉ जोशी वर्गीस ने कहा कि स्थापना दिवस का आयोजन अपने आप में बहुत ही उपयुक्त एवं महत्वपूर्ण है।  नये शिक्षण सत्र के साथ सेंट थॉमस मिशन भिलाई का स्वर्ण जयंती स्थापना वर्ष भी आरंभ हो रहा  है | कार्यक्रम में मुख्य वक्ता के रूप में बोलते हुए एमजीएम पब्लिक स्कूल, बिलासपुर के प्राचार्य रेवरेंट फादर जौबी पीटर ने सेंट थॉमस के जीवन के महत्वपूर्ण पहलुओं का जिक्र करते हुए ध्यान केन्द्रित करते हुए  कहा कि सेंट थॉमस सबसे अच्छे से इस बात के लिए जाने जाते हैं कि उन्होंने इसा मसीह के पुनर्जीवित होने की घटना का सत्यापन किया एवं इसी कारण उन्हें संशय थॉमस के नाम से जाना गया|  सेंट थॉमस के संदेहवाद से इसा मसीह पर विश्वास एवं दिव्यता की ओर परिवर्तन हम सबके समक्ष उनके सच्चे अनुयायी बनने का उदाहरण है|

 फादर जौबी ने शिक्षण के विनिमय को समझाते हुए कहा कि सेंट थॉमस ने सदा लर्न, अनलर्न एवं रीलर्न के माध्यम से जीवन में जिज्ञासु प्रवृत्ति को अपनाने के लिए प्रेरित किया| महाविद्यालय के मैनेजर बिशप हिस ग्रेस डॉ जोसेफ मार डायनोशियस ने अपने उद्बोधन से समस्त सेंट थॉमस समुदाय को अपना आशीर्वाद देते  हुए इस अवसर पर कहा कि सेंट थॉमस ने संस्थाओं के लिए सदा जमीनी स्तर से लेकर उनके विकास तक लगातार कार्य करने की हिमायत की है| उनके उनके परोपकारी एवं दूरदृष्टि पूर्ण सोच ने हर प्रकार की आपत्तिजनक स्थिति से लड़ने की शिक्षा दी| सेंट थॉमस द्वारा शिक्षा के क्षेत्र में कार्य के दौरान दुःख एवं समस्या पर ध्यानाकर्षण करते हुए हिस ग्रेस ने कहा कि सेंट थॉमस ने सदैव चुनौतियों को अवसरों में बदलने का प्रयास किया जो आज के इस महामारी काल में बहुत अधिक मिलता जुलता ही उदाहरण है| महाविद्यालय के प्राचार्य डॉ एम जी रोईमोन ने सम्मानित अनुयायी सेंट थॉमस के बारे में अपने विचार व्यक्त करते हुए अंत में कार्यक्रम के समापन पर धन्यवाद ज्ञापन दिया| कार्यक्रम का संचालन वाणिज्य विभाग के सहायक प्राध्यापक श्री प्रतीक शर्मा द्वारा किया गया|