उर्वरक प्रतिष्ठानों का औचक निरीक्षण

 

दुर्ग । असल बात न्यूज।

मुनाफाखोरी तथा कालाबाजारी रोकने कृषि विभाग द्वारा जिले में खाद के स्टाक की जांच करने हेतु सघन अभियान शुरू किया गया है। निजी प्रतिष्ठानों के डीएपी एवं यूरिया खाद के स्टॉक की जांच की जा रही है। कहीं भी कालाबाजारी तथा मुनाफाखोरी के शिकायत पाए जाने पर दुकानों के पंजीयन को निरस्त करने की चेतावनी दी गई है।

 इस हेतु विकासखंड दुर्ग के उर्वरक प्रतिष्ठानों का श्री विनय पोयम अनुविभागीय अधिकारी (राजस्व) दुर्ग, श्री एस.एस. राजपूत उपसंचालक कृषि दुर्ग, श्रीमती सुचित्रा दरबारी जिला उर्वरक निरीक्षक एवं सहायक  संचालक कृषि श्री कुबेर सिंह प्रभारी प्रकोष्ठ कृषि विकास अधिकारी विकासखंड दुर्ग, श्री अमित जोशी उर्वरक निरीक्षक एवं कृषि विकास अधिकारी विकासखंड तथा अन्य कृषि अधिकारियों द्वारा आज उर्वरक संस्थानों में कालाबाजारी एवं अधिक दर पर उर्वरक विक्रय करने के संबंध में औचक निरीक्षण लिया गया तथा शासन द्वारा निर्धारित दर उर्वरकों का विक्रय करना पाया गया। इस संबंध में अनुविभागीय अधिकारी (राजस्व) दुर्ग, उपसंचालक कृषि दुर्ग एवं जिला उर्वरक निरीक्षक एवं सहायक संचालक कृषि द्वारा मेसर्स अग्रवाल कमर्शियल कंपनी दुर्ग, मेसर्स मधुबन ट्रेडर्स नगपुरा, मेसर्स ताम्रकार एग्रोटेक को अनियमितता पाए जाने के कारण कारण बताओ नोटिस जारी करते हुए जवाब प्रस्तुत करने हेतु निर्देशित किया गया है।

 इसी प्रकार उर्वरक निरीक्षक पाटन द्वारा 03 उर्वरक प्रतिष्ठानों का निरीक्षण किया गया एवं उर्वरक निरीक्षक धमधा के द्वारा 05 उर्वरक प्रतिष्ठानों का निरीक्षण किया गया जिसमें से 01 विक्रेता मेसर्स एग्रोटेक बोरी को अनियमितता पाए जाने के कारण कारण बताओ नोटिस जारी कर जवाब प्रस्तुत करने हेतु निर्देशित किया गया है।

 अनुविभागीय अधिकारी (राजस्व) दुर्ग एवं उप संचालक कृषि द्वारा विक्रेताओं को उर्वरक (नियंत्रण) आदेश 1985 के प्रावधानों/नियमों का कड़ाई से पालन करते हुए समस्त दस्तावेज/अभिलेखों को संधारित कर नियमित रूप से इंद्राज करते हुए निर्देशित किया गया, साथ ही शासन के नियमानुसार उर्वरकों का विक्रय पीओएस मशीन के माध्यम से करने तथा उक्त प्रावधानों की अवहेलना की जाने की स्थिति में उर्वरक पंजीयन प्रमाण पत्र निलंबन/निरस्तीकरण की कार्रवाई करने की चेतावनी दी गई।