झूठे, फर्जी अथवा गलत जाति प्रमाण-पत्रों के आधार पर सरकारी नौकरी कर रहे लोगों को तुरंत बर्खास्त करने के निर्देश

 

झूठे, फर्जी अथवा गलत जाति प्रमाण-पत्रों के आधार पर सरकारी नौकरी कर रहे लोगों को तुरंत बर्खास्त करने के निर्देश

     मुख्यमंत्री भूपेश बघेल के निर्देश पर सामान्य प्रशासन विभाग ने सभी विभागों को भेजा परिपत्र

     सर्व आदिवासी समाज ने मुख्यमंत्री से मुलाकात के दौरान कार्यवाही का किया था अनुरोध

 

रायपुर । असल बात न्यूज़।

  छत्तीसगढ़ सामान्य प्रशासन विभाग ने अनुसूचित जातिअनुसूचित जनजाति एवं अन्य पिछड़ा वर्ग के झूठेफर्जी अथवा गलत प्रमाण-पत्रों के आधार पर नियुक्तियां प्राप्त कर लेने वाले शासकीय सेवकों की सेवाएं तत्काल समाप्त करने के लिए सभी विभागों के नाम परिपत्र जारी किया है। हाल ही में सर्व आदिवासी समाज के प्रतिनिधियों ने मुख्यमंत्री श्री बघेल से मुलाकात के दौरान इस मुद्दे की ओर उनका ध्यान आकर्षित करते हुए कार्यवाही का अनुरोध किया था। उद्योग मंत्री श्री कवासी लखमा से भी आज ही इस मुद्दे सर्व आदिवासी समाज के प्रतिनिधियों ने चर्चा की है। 

सामान्य प्रशासन विभाग द्वारा शासन के सभी विभागोंछत्तीसगढ़ राजस्व मंडल बिलासपुर के अध्यक्षसभी संभागीय आयुक्तोंसभी विभागाध्यक्षोंसभी जिला कलेक्टरोंजिला पंचायतों के सभी मुख्य कार्यपालन अधिकारियों के नाम आज 24 जुलाई 2021 को जारी किए गए परिपत्र में कहा गया है कि मुख्यमंत्री द्वारा दिए गए निर्देश के अनुपालन में विभागों से संबंधित ऐसे प्रकरण जिनके जाति प्रमाणजाति प्रमाण-पत्र छानबीन समिति द्वारा फर्जी अथवा गलत पाए गए हैंउन्हें तत्काल सेवा तथा महत्वपूर्ण पदों से पृथक किया जाए। ऐसे संपूर्ण प्रकरणों में महाधिवक्ताछत्तीसगढ़ के माध्यम से शीघ्र सुनवाई करने के लिए उच्च न्यायालय से अनुरोध किया जाए तथा ऐसे प्रकरण जिनमें न्यायालय से स्थगन आदेश प्राप्त नहीं हैउन्हें तत्काल सेवा से बर्खास्त किया जाए। परिपत्र में कहा गया है कि सेवा समाप्ति का आदेश जारी करने के पूर्व प्रशासकीय विभाग द्वारा छत्तीसगढ़ उच्च न्यायालय में कैविएट दायर किया जाए। जिन प्रकरणों में न्यायालय का स्थगन प्राप्त होउनमें सामान्य प्रशासन विभाग के निर्देशों के अनुसार विधि विभाग द्वारा समीक्षा की जाए और प्रशासकीय विभाग द्वारा स्थगन समाप्त करने की कार्यवाही तत्परतापूर्वक की जाए। सामान्य प्रशासन विभाग ने संबंधित फर्जी अथवा गलत जाति प्रमाण-पत्र धारकों के विरुद्ध की गई कार्यवाही की जानकारी 07 दिनों के भीतर स्वयं को तथा आदिम जाति तथा अनुसूचित जाति विकास विभाग को अनिवार्य रूप से उपलब्ध कराने को कहा है।