ऑर्थोडॉक्स चर्च के सर्वोच्च मुखिया धर्मात्मा मोरान मार बेसेलिओस मारथोमा पौलुस द्वितीय का निधन

 नई दिल्ली, रायपुर, दुर्ग। असल बात न्यूज़।

ऑर्थोडॉक्स चर्च के सर्वोच्च मुखिया धर्मात्मा मोरान मार बेसेलिओस मारथोमा पौलुस द्वितीय का आज निधन हो गया है।वे  पूर्व (East) के काथोलिकोस एवं मलंकरा ऑर्थोडॉक्स चर्च के सर्वोच्च मुखिया पद पर आरोहित थे। उन्होंने आज सुबह (2:35 AM) को सांसारिक देह त्याग कर स्वर्गीय शाश्वत निवास में प्रवेश किया।उनका अंतिम संस्कार समारोह मंगलवार को काथोलिकेट पैलेस चैपल,  देवलोगम, केरल  में दोपहर 3:00 बजे से पूर्ण पौरोहित सम्मान के साथ किया जाएगा।छत्तीसगढ़ राज्य के मुख्यमंत्री, गृहमंत्री, सांसदों सहित तमाम जनप्रतिनिधियो ने उन्हें अपनी विनम्र   श्रद्धांजलि अर्पित की है। उनके निधन से समाज में, उनके समर्थकों में भारी  व्याप्त हो गया है।

 वे पिछले कुछ समय से बीमार थे। उन्हें फरवरी 2021 में COVID का प्रभाव भी झेलना पड़ा था, तबसे वे POST- COVID उपचार के चलते वेंटीलेटर सपोर्ट में थे। 

श्रेष्ठ महापुरोहित के निधन पर भारत के प्रधानमंत्री माननीय श्री नरेन्द्र मोदी ने ट्वीट कर दुःख जताते हुए कहा कि मैं उनके निधन से दुखी हूँ| वे अपने पीछे सेवा और करुणा की समृद्ध विरासत छोड़ गए हैं दुःख की इस घड़ी में मेरी संवेदनाये ओर्थोडोक्स चर्च के सदस्यों के साथ हैं| राहुल गांधीजी ने  ट्वीट कर परम पावन श्रेष्ठ महापुरोहित के निधन पर शोक व्यक्त करते हुए कहा कि वे एक धार्मिक मुखिया के रूप में और बेघर लोगों के लिए किये गए मानवीय कार्यों के लिए याद किये जायेंगे|   छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री माननीय श्री भूपेश बघेल ने ट्वीट कर शोक प्रकट करते हुए कहा कि मलंकरा ऑर्थोडॉक्स सिरियन चर्च के सर्वोच्च मुखिया हमें हृदय से शून्य छोड़कर चले गये हैं| गृहमंत्री माननीय  ताम्रध्वज साहू ने मलंकरा ऑर्थोडॉक्स सिरियन चर्च के सर्वोच्च मुखिया बेसेलिओस मारथोमा पौलुस द्वितीय के निधन पर दुःख प्रकट किया एवं कहा कि ईश्वर दिवंगत आत्मा को अपने चरणों में स्थान प्रदान करे| 












परम पावन श्रेष्ठ  महापुरोहित सर्वगुण संपन्न व्यक्तित्व के धनी थे । धार्मिक गुरु के रूप  में उन्होंने समाज के दलित  एवं कमजोर वर्ग को अनेक कल्याणकारी योजनाओं का लाभ देकर आर्थिक मदद  भी किया करते थे ।उन्होंने अपनी पैतृक सम्पत्ति को गरीबों के लिए आवास निर्मित करने के लिए दान कर दिया था। सामाजिक न्याय एवं वसुधैव कुटुंबकम् के आदर्श  का उन्होंने जीवन भर पालन कर समाज में एक आदर्श प्रस्तुत किया था । आप  महिला सशक्तिकरण के  मुखर पक्षधर थे ।पुरातन एवं सनातन  मान्यताओं से हटकर चर्च प्रबंधन में महिलाओं की समान भागीदारी  को आपने सम्मान देकर फलीभूत करवाया था । वर्ष 2011 से लेकर निरंतर चर्च प्रबंधन में पुरुषो की तरह  महिलाओं को भी  चुनाव में मतदान करने का अधिकार मिलने लगा । परम पावन  ने समकालीन परिवेश के अंतर्गत ही चर्च  गतिविधियों एवं चर्च प्रबंधन  में नवीनीकरण को मान्य  किया । आपके कुशल नेतृत्व  ने मलंकरा ऑर्थोडॉक्स  चर्च  विश्वासी  सभा को निरंतर विकास की ओर अग्रसर किया । परम पावन मोरान मार बसेलिओस मारथोमा पौलोस द्वितीय - पूर्व (ईस्ट) के काथोलिकोस एवं संत थॉमस के पवित्र सिंहासन पर आरोहित मलंकरा के परमाध्यक्ष के रूप में १ नवंबर २०१० को महा अभिषेक किया गया था।  वर्ष १९७३ में पुरोहित के रूप में आप का अभिषेक किया गया था।  अपनी पुरोहित सेवा की निरंतरता को अग्रसर करते हुए वर्ष १९८५ में केरल के कुन्नमकुलम डायोसीस के बिशप पौलोस मार मिलीथियोस के रूप में आपने अपनी सेवाएं दी।  वर्ष २००६ में आप काथोलिकोस (कलीसिया के परमाध्यक्ष) नियुक्त किये गए।  वर्ष २०१० से आप निरंतर श्रेष्ठ महा पुरोहित के पद पर आलोकित थे।  

भारत में मलंकरा ऑर्थोडॉक्स सीरियन चर्च की नींव संत थॉमस द्वारा रखी गई थी । संत थॉमस प्रभु यीशु मसीह के बारह चेलों में से एक थे जो समुद्री मार्ग से A.D. 52 में भारत पहुंचे थे । वर्तमान में मलंकरा ऑर्थोडॉक्स चर्च के लगभग 25 लाख विश्वासी सदस्य हैं, जो लगभग पूरे विश्व में सक्रिय हैं; हालाँकि अधिकांश अनुयायी मुख्यत: भारत के दक्षिण पश्चिम क्षेत्र एवं केरल राज्य में उदीयमान है। परम पूजनीय महापुरोहित के प्रति अनुयायियों में अत्यधिक श्रद्धा एवं प्रेम था। आप अपने न्यायसंगत एवं विवेकशील प्रबंधन के लिए जाने जाते थे।  उन्होंने आध्यात्मिक और लौकिक क्षेत्र में भारतीय ऑर्थोडॉक्स कलीसिया की अगुवाई एवं उचित मार्गदर्शन दिया। परम पूजनीय महापुरोहित अन्य कलीसियाओं, धर्मों एवं उनके धार्मिक गुरुओं के साथ दृढ़ संबंध और सौहार्दपूर्ण भाईचारे को बनाए रखने के इच्छुक थे। हम सभी विश्वासी आपके आदर्श , कर्मठता एवं विश्वास को नमन करते है। आपकी प्रेरणा सदैव हम सबका मार्गदर्शन करती रहेगी। परम पूजनीय पिता तीन बार कलकत्ता डायोसीस के मुख्यालय, एवं भिलाई स्थित संत थॉमस मिशन को अपनी धन्य उपस्थिति से आशीर्वदित किये थे।  वे  एम् जी एम् शैक्षणिक संस्थानों के संरक्षक भी थे, जिसमे  32 स्कूल और तीन कॉलेज शामिल हैं। सेंट थॉमस कॉलेज, भिलाई; क्रिश्चियन कॉलेज ऑफ इंजीनियरिंग एंड टेक्नोलॉजी, भिलाई; एमजीएम सीनियर सेकेंडरी स्कूल, भिलाई; एमजीएम पब्लिक स्कूल, भिलाई; मार बसेलियोस विद्या भवन, भिलाई; एमजीएम एच.एस.एस, रायपुर; एमजीएम मॉडल स्कूल, नया रायपुर; एमजीएम पब्लिक स्कूल, रायपुर; एमजीएम पब्लिक स्कूल, राजनांदगांव; एमजीएम पब्लिक स्कूल, बिलासपुर; एमजीएम एचएसएस, बिलासपुर; एमजीएम एचएसएस, कोरबा; एमजीएम नर्सरी स्कूल, कोरबा; एमजीएम एचएसएस, जगदलपुर, छत्तीसगढ़ के अलावा मध्य प्रदेश, झारखंड, उड़ीसा, बिहार, पश्चिम बंगाल, असम, अरुणाचल प्रदेश और नागालैंड राज्यों में भी स्थित है। परम पूजनीय पिता के देह वियोग के इस दुखद अवसर पर कलकत्ता डायोसीस के पूजनीय बिशप डॉ जोसेफ मार डायोनिसियस, सभी पुरोहित गण, पदाधिकारी, विश्वासीगण, सेंट थॉमस मिशन भिलाई के पदाधिकारी और एमजीएम परिवार ने हार्दिक संवेदना और प्रार्थना के साथ उनके पवन स्मरण के सम्मुख अपनी श्रद्धांजलि समर्पित की।