राजस्व मंत्री जयसिंह अग्रवाल ने जिला अस्पताल के नये भवन में ऑक्सीजन वितरण प्रणाली का किया शुभारंभ





कोरबा । असल बात न्यूज़।

- राजस्व मंत्री जयसिंह अग्रवाल ने  जिला अस्पताल के नये भवन में 35 ऑक्सीजनयुक्त बिस्तरों वाले कोविड अस्पताल का शुभारंभ किया। जिले में कोरोना के बढ़ते संक्रमण को देखते हुए मरीजों के लिए यह नया अस्पताल एक अतिरिक्त सुविधा होगी। इस नये कोविड अस्पताल में ऑक्सीजनयुक्त बेड उपलब्ध होने से अब मॉडरेट संक्रमण वाले कोविड मरीजों को ईलाज के लिए ईएसआईसी कोविड अस्पताल या बालाजी ट्रॉमा सेंटर अस्पताल में रेफर नहीं करना पड़ेगा।

 अस्पताल में ऑक्सीजन वितरण प्रणाली के तहत 25 बिस्तरों पर अभी ऑक्सीजन सप्लाई की सुविधा है। वहीं 10 बिस्तरों पर सिलेंडर लगाकर मरीजों को ऑक्सीजन उपलब्ध कराने की सुविधा होगी। शीघ्र ही इस केन्द्रीय ऑक्सीजन वितरण हब की क्षमता का विस्तार करते हुए 50 बिस्तरों की क्षमता का बनाया जाएगा। उम्मीद की जा रही है कि अगले एक-दो दिनों में मरीजों को अस्पताल में इस सुविधा का लाभ मिलना आरंभ हो जाएगी। बाद में विस्तारित 15 बिस्तरों की ऑक्सीजन क्षमता को जिला अस्पताल में ही बर्न यूनिट के बिस्तरों के उपलब्ध कराया जाएगा।         

राजस्व मंत्री ने इस दौरान ऑक्सीजन सप्लाई सिस्टम की भी शुरूआत की। उन्होंने कहा कि जिले में कोरोना मरीजों के ईलाज के लिए सभी बेहतर सुविधाएं उपलब्ध हैं। कोरबा जिले में कोरोना संक्रमितों के ईलाज के लिए 15 कोविड अस्पतालों में सुविधाएं विकसित कर ली गई हैं। निजी व शासकीय अस्पतालों और आइसोलेशन सेंटरों को मिलाकर लगभग एक हजार 800 बिस्तरों की क्षमता कोरबा जिले में पिछले दो महिने में ही विकसित की गई है। मंत्री श्री अग्रवाल ने कहा कि जिले में ऑक्सीजन और स्वास्थ्य संसाधनों की कोई कमी नहीं है। मेडिकल स्टाफ, दवाईयां एवं ऑक्सीजीनेटेड बिस्तरों की पर्याप्त उपलब्धता जिले के कोविड अस्पतालों में सुनिश्चित की गई है। 

       राजस्व मंत्री श्री अग्रवाल ने कहा कि जिले के कोरोना संक्रमित लोगों को बेहतर ईलाज मिल सके, इसके लिए जिला अस्पताल के नये भवन में कोविड अस्पताल में ऑक्सीजनयुक्त बिस्तरों की क्षमता बढ़ाई गई है। पहले जिला अस्पताल में आइसोलेशन वार्ड में ही कोरोना के संदिग्ध मरीजों के लिए केवल 10 बिस्तरों पर सिलेंडरों के माध्यम से ऑक्सीजन की सुविधा उपलब्ध थी। पर्याप्त ऑक्सीजनयुक्त बिस्तर नहीं होने के कारण कोविड मरीजों को ईएसआईसी अस्पताल में रेफर करना पड़ता था। राजस्व मंत्री ने कहा कि इस बीच मरीजों के स्वास्थ्य की स्थिति भी गंभीर हो जाती थी और उन्हें ठीक करने में डाक्टरों को चुनौतियों का सामना करना पड़ता था। ऐसे गंभीर मरीजों को जल्द से जल्द उचित ईलाज मिल सके इसके लिए जिला अस्पताल में भी ऑक्सीजनयुक्त बिस्तरों की संख्या में वृद्धि की गई है। उन्होंने कहा कि इस नये अस्पताल में अगले एक सप्ताह में गंभीर कोरोना मरीजों के पूर्ण ईलाज के लिए पांच नये वेंटिलेटर और 15 नॉन इनवेंसिव वेंटिलेटर युनिट भी लगाई जायेंगी। 

इस दौरान कलेक्टर श्रीमती किरण कौशल ने नये कोविड अस्पताल के लिए डॉक्टरों, पैरा मेडिकल स्टॉफ, दवाओं और पीपीई किट तथा अन्य सुरक्षात्मक व्यवस्थाओें के संबंध में की गई तैयारियों से राजस्व मंत्री को अवगत कराया। श्री अग्रवाल ने संपूर्ण परिसर में घूमकर अस्पताल में की गई व्यवस्थाओं का जायजा लिया एवं उपस्थित डॉक्टरों तथा स्टॉफ को बधाई और शुभकामनाएं दी।

इस अवसर पर नगर निगम के सभापति श्यामसुंदर सोनी,  सिविल सर्जन डॉ. अरूण तिवारी, नोडल अधिकारी आशीष देवांगन, हॉस्पिटल कंसलटेंट डा. देवेन्द्र गुर्जर एवं अन्य मेडिकल स्टॉफ भी मौजूद रहे।