स्वरूपानंद महाविद्यालय में उद्यमिता एवं व्यक्तित्व विकास कार्यशाला का समापन

 


भिलाई। असल बात न्यूज़।


स्वामी श्री स्वरुपानन्द सरस्वती महाविद्यालय  के वाणिज्य विभाग एवं ट्रेनिंग एवं प्लेसमेंट सेल के संयुक्त तत्वाधान में तीन दिवसीय उद्यमिता एवं व्यक्तित्व विकास कार्यशाला का समापन संपन्न हुआ। कार्यशाला के द्वितीय दिवस पर ट्रिक्स स्टैटिक्स फॉर बिज़नेस विषय पर आयोजित की गई! 

जिसमे मुख्य अभिप्रेरक वक्ता एवं प्रशिक्षक श्री नियाज़ कुरैशी आईआईटी कानपुर ई-सेल आईबीटीसी ने विद्यार्थियों को व्यापार प्रारम्भ करने से पहले किन बिन्दुओ पर ध्यान रखना  होता है इससे अवगत कराया! उत्पादन के मुख्य तत्व पॉंच एम ,मेथड, मनी, मशीन मेन ,मटेरियल के महत्व को उदाहरण से स्पष्ट किया! वक्ता  ने प्रतिभागियों को यह बताया कि आप जिस उत्पादक सेवा क्षेत्र में व्यापार करना चाहते हो  उसेs प्रारम्भ करने से पूर्व आपको बाजार शोध करना होता है! कार्यशाला के तीसरे दिन प्रतिभागियो को उनकी रूचि अनुसार बिजनेस प्लान बनाकर उसे एक्सप्लेन करना था विद्यार्थियों के प्रस्तुतीकरण के दौरान् प्रषिक्षक, स्टॉफ, विद्यार्थीयां द्वारा प्रति प्रश्न किया गया जिसका उत्तर प्रस्तुतकर्ता प्रतिभागी को देना जरूरी था। श्री नियाज ने बताया कि जो प्रति प्रष्न किये जा रहे है वह आपके प्रस्तावित व्यापार के रूकावट है अगर आप आत्म विष्वास के साथ इसका उत्तर देते है तो निश्चित रूप से आप भविष्य में सफल उद्यमी बन सकते है।  कार्यशाला में प्रतिभागियों के व्याव्हारिक ज्ञान बढ़ाने एवं संप्रेशण कौशल के विकास के लिये विभिन्न प्रतिभागियों से वक्ता ने व्यापार करने योजना कैसे बनाये जाए, कम पूंजी में व्यापार कैसे आरंभ किया जाये कोरोना काल में किन व्यापारों को बढ़ावा दिया जा सकता है इत्यादि प्रश्न किये! प्रतिभागियों ने इस सत्र को व्यापार योजना को समझने में सहायक बताया तथा फीडबैक में कहा कि इस कार्यषाला से हमारे आत्मविश्वास बढा और अपने विचारो को हम अब प्रभावशाली ढंग से दूसरों के सामने रख पायेंगे।

सभी विभाग के विद्यार्थियों ने इस कार्यशाला में उत्साहपूर्वक भाग लिया! आईबीटीसी प्रतियोगिता में प्रथम स्थान पर अविराज मिश्रा .बीए प्रथम वर्ष तथा द्वितीय स्थान पर योगेश देशमुख .बीबीए प्रथम वर्ष रहे! 

कार्यशाला में दीक्षा मेश्राम देविका बंसल प्रणव साहू अथर अज़ीम अलफ़िज़ा आदि विद्यार्थियों ने सक्रिय भागीदारी निभाई।  

मुख्या वक्ता ने छात्रों को विज्ञापन से जुडी महत्वतपूर्ण तत्व से अवगत कराया कि कैसे विज्ञापन के माध्यम से विभिन्न आयु वर्ग को आकर्षित किया जाता है, मुख्यतः महिलाओ एवं बच्चो को।

महाविद्यालय के सीओओ डॉ. दीपक शर्मा महाविद्यालय का उद्देश्य सिर्फ विद्यार्थियों को पाठयक्रम से रूबरू कराना नही है बल्कि समय-समय पर इस तरह की कार्यशाला से उनका व्यक्तित्व विकास करना है।

महाविद्यालय की प्राचार्य डॉ. हंसा शुक्ला ने यह बताया की कोरोना काल में जहॉ देश वित्तीय संकट से जूझ रहा है ऐसे में हम लघु व्यापार कर अपने परिवार का सहारा बन सकते है और लोगो को व्यापार दे सकते है इस प्ररिप्रेक्ष्य में यह कार्यशाला अत्यंत उपयोगी है।

कार्यक्रम की संयोजिका डॉ. अजिता साजित, विभागाध्यक्ष वाणिज्य ने कार्यशाला के दौरान प्रतिभागियों का मनोबल बढ़ाया तथा उनको नवाचार प्रयोग के लिए प्रेरित किया! कार्यक्रम का मंच संचालन सुश्री पूजा सोढा  सहायक प्राध्यापक वाणिज्य ने किया!