देखिए, तेज चक्रवात यास के मद्देनज़र प्रमुख बंदरगाहों में बचाव के लिए क्या की जा रही हैं तैयारिया

 


नई दिल्ली। असल बात न्यूज।


प्रमुख बंदरगाहों के अध्यक्षों ने बताया है कि चक्रवात के कारण उत्पन्न होने वाली स्थितियों से निपटने के लिए बंदरगाहों पर निम्नलिखित उपाय किए जा रहे हैं:

■          पत्तनपोत परिवहन और जलमार्ग मंत्रालय में 24X7 नियंत्रण कक्ष स्थापित किया गया है। पत्तनपोत परिवहन और जलमार्ग मंत्रालयनौसेनाआईसीजीपेट्रोलियम और प्राकृतिक गैस मंत्रालय के नियंत्रण कक्ष आपसी समन्वय में हैं।

■          पोत परिवहन कंपनियों और ऑपरेटरों को परामर्श जारी किया गया हैताकि वे क्षेत्र में जहाजों के लिए आवश्यक सुरक्षात्मक उपाय कर सकें।

■          हाई मास्ट लाइटों को अपनी ऊंचाई कम करने और विभिन्न उड़ने वाली वस्तुओं / सामग्रियों को सुरक्षित करने के निर्देश जारी किए गए।

■          बंदरगाह उपयोगकर्ताओं और कामगारों से संपूर्ण बंदरगाह परिचालन क्षेत्र खाली करवा लिया गया है।

■          सभी तट क्रेनविभिन्न उपकरण/मशीनरीपरियोजना स्थलों पर सामानलोकोमोटिव और रैकहाई मास्ट लाइटों को कम करने आदि की सुरक्षा के लिए व्यवस्था की गई है।

■          बंदरगाह क्षेत्र में रेलवेसड़क की आवाजाही को स्थगित करने के लिए कार्य योजना शुरू की गई है।

■          निजी क्राफ्ट/लॉन्च को सुरक्षित करने के निर्देश जारी किये गए हैं।

■          पोर्टेबल जेनरेटर सैट तैयार रखे गये हैं।

■          बंदरगाह एम्बुलेंस आवश्यकता होने पर उपयोग के लिए तैयार है।

■          हार्बर क्राफ्ट्स/लॉन्च/पर्यटक फेरी आदि जो बंदरगाह के अंदर रह गई हैउनकी सुरक्षा के लिए कार्रवाई की गई है।

■          बाहरी बंदरगाह क्षेत्रों में उपलब्ध जहाजों की सुरक्षा के लिए कार्रवाई की गई है।

आईडब्ल्यूएआई ने भी निम्नलिखित उपाय किए हैं:

1.         भारत-बांग्लादेश प्रोटोकॉल रूटों और राष्ट्रीय जलमार्गों में सभी प्रकार के जहाजों की आवाजाही को रोकने के लिए सभी आईडब्ल्यूटी बार्ज/क्रूज ऑपरेटरों/पोत परिवहन एजेंट/निर्यातकों को निर्देश जारी किए गए हैं। 23.05.2021 से लागू ये निर्देशजब तक चेतावनी आधिकारिक रूप से वापस नहीं ले ली जाती तब तक लागू रहेंगे।

2.         चक्रवाती तूफान के समाप्त होने तक चालक दल और जहाज़ की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए अपने जहाजों को नदियों / खाल / खाड़ियों या नदी के मार्गों के साथ उपयुक्त पाए जाने वाले किसी अन्य सुरक्षित स्थान पर रखने की सलाह दी।

3.         यह सुनिश्चित करने के लिए निर्देश जारी किया गया है कि आईडब्ल्यूटी जहाजों को केओपीटी मुख्य चैनल में लंगर नहीं डाला जाना चाहिए।