प्रधानमंत्री ने पीएम-किसान योजना की 8वीं किस्त की राशि जारी , प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने जारी की राशि

 



पहली बार पश्चिम बंगाल के किसान इस योजना से लाभान्वित होंगे

इस साल एमएसपी पर गेहूं की खरीद ने नए रिकॉर्ड बनाए हैं

सरकार अपनी पूरी ताकत के साथ कोविड-19 से लड़ रही है

नई दिल्ली।असल बात न्यूज़।

पीएम-किसान योजना के  वित्तीय लाभ की 8वीं किस्त आज जारी कर दी गई है। प्रधानमंत्री  नरेन्द्र मोदी ने  वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि योजना (पीएम-किसान) के तहत9,50,67,601लाभार्थी किसानों को 2,06,67,75,66,000 रूपये के वित्तीय लाभ की 8वीं किस्त जारी की।इस कार्यक्रम के दौरान प्रधानमंत्री नेकिसान लाभार्थियों से बातचीत भी की।इस अवसर पर केंद्रीय कृषि मंत्री भी उपस्थित थे।

प्रधानमंत्री ने प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि (पीएम-किसान) योजना के लाभार्थियों के साथ वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से बात की। उन्होंनेअपने क्षेत्र के युवा किसानों को जैविक खेती और नई कृषि तकनीकों की प्रशिक्षण प्रदान करने के लिएउत्तर प्रदेश स्थित उन्नाव केअरविन्द की सराहना की। 

इस अवसर पर प्रधानमंत्री ने कहा कि पश्चिम बंगाल के किसानों को इस योजना का पहली बार लाभ मिलने जा रहा है ।उन्होंने उन किसानों के प्रयासों की सराहना की जिन्होंने इस महामारी के दौरान कठिनाइयों के बीच खाद्यान्न और बागवानी में रिकॉर्ड उत्पादन किया है। उन्होंने कहा है कि सरकार प्रत्येक साल एमएसपी पर खरीद के नए रिकॉर्ड भीबना रही है। उन्होंने आगे बताया कि अब तक पिछले साल की तुलना में इस साल एमएसपी पर लगभग 10 प्रतिशत अधिक गेहूं की खरीद की गई है। अब तक गेहूं की खरीद के लिए लगभग 58,000 करोड़ रुपये सीधे किसानों के खाते में पहुंचे हैं।

प्रधानमंत्री ने इस बात को रेखांकित किया कि सरकार खेती में नए समाधान और नए विकल्प प्रदान करने के लिए लगातार प्रयास कर रही है। जैविक खेती को बढ़ावा देना भी इनमें से एक प्रयास है। जैविक खेती से अधिक लाभ पहुंचता है और अब युवा किसानों द्वारा पूरे देश में इसे अपनाया जा रहा है।उन्होंने कहा कि अब गंगा के दोनों किनारों पर और इसके 5 किलोमीटर के दायरे में जैविक खेती की जा रही है, जिससे गंगा साफ रहे।

प्रधानमंत्री ने इस बात पर जोर दिया कि इस महामारी के दौरान किसान क्रेडिट कार्ड की समयसीमा बढ़ा दी गई है और किस्तों को अब 30 जून तक नवीनीकृत किया जा सकता है।उन्होंने कहा कि पिछले कुछ वर्षों में 2 करोड़ से अधिक किसान क्रेडिट कार्ड जारी किए गए हैं।


प्रधानमंत्री ने इस बात को रेखांकित किया कि भारत एक ऐसा राष्ट्र नहीं है जो कठिन समय में उम्मीद खो देता है और उन्होंने उम्मीद व्यक्त की कि मजबूती और समर्पण से इस चुनौती को दूर किया जा सकता है। उन्होंने ग्रामीण इलाकों में भी कोविड-19 के फैलने को लेकर चेतावनी दी और ग्राम पंचायतों से अपने-अपने संबंधित क्षेत्रों में पर्याप्त जागरूकता और स्वच्छता सुनिश्चित करने का आग्रह किया।