चक्रवात ताउते से समुद्री क्षेत्र में भारी उथल-पुथल, कुछ जहाजों के फंसने की खबर

 

ताजा खबर के अनुसार  चक्रवात ताऊ से से भारतीय समुद्री क्षेत्र में भारी हलचल मच गई है।कर्नाटक में मैंगलोर के उत्तर पश्चिम में  भारतीय टगबोट 'कोरोमंडल सपोर्टर IX' के फंस गया है।बॉम्बे हाई एरिया में हीरा ऑयल फील्ड से दूर फंसे  एक बजरे (नौका) 'पी 305 भी इस चक्रवात में समुद्र में फंस गई है जिसमें कर्मियों के साथ 273 कर्मियों के फंसे होने की जानकारी मिली है।चक्रवात ताउते से निपटने की    तैयारियों को जारी  रखते हुए भारतीय नौसेना के 11 गोताखोर दल तैयार रखे गए हैं। बचाव कार्य में भारतीय नौसेना की भी सहायता ली जा रही है।  भारतीय नौसेना पश्चिमी तट पर कई खोज और बचाव मिशनों में जुट गई है।टगबोट से चालक दल केेेे 4 सदस्यों को बचा लिये जानेेे की जानकारी मिली है।

नई दिल्ली,महाराष्ट्र। असल बात न्यूज़।

अरब सागर में चक्रवात की वजह से डावांडोल हुए भारतीय टगबोट 'कोरोमंडल सपोर्टर IX' के फंसे हुए दल को बचाने के लिए एक भारतीय जहाज़ द्वारा सहायता मांगने पर हुई त्वरित कार्रवाई में आज 17 मई की सुबह एक नौसैनिक हेलीकॉप्टर भेजा गया, यह टगबोट  फंसा हुआ था।  चक्रवात   ताउते के कारण उथल-पुथल हुए समुद्र में फंसे इस पोत के मशीनरी वाले हिस्सों में पानी भर गया था, जिसकी वजह से यह संचालन के लिए अक्षम और बिना विद्युत आपूर्ति के हो गया था, इतना ही नहीं इसका चालक दल भी सहायता रहित हो गया था। नौकाओं द्वारा बचाव के असफल प्रयासों के बाद मदद मांगे जाने पर 17 मई 2021 की सुबह भारतीय नौसेना की सहायता उपलब्ध कराई गई है।चालक दल के चार सदस्यों को सुरक्षित बचा लिया गया है।

बॉम्बे हाई एरिया में हीरा ऑयल फील्ड से दूर फंसे 273 कर्मियों के साथ एक बजरे (नौका) 'पी 305' की सहायता के लिए अनुरोध प्राप्त होने पर, आईएनएस कोच्चि को स्थिति का आकलन करने तथा आवश्यकतानुसार मदद करने के लिए तेजी से भेजा गया। आईएनएस तलवार को भी रवाना होने के लिए तैयार किया गया।

मुंबई से लगभग 8 समुद्री मील पर 137 लोगों के साथ बजरे 'जीएएल कंस्ट्रक्टर' से सहायता के लिए प्राप्त एक अन्य एसओएस पर प्रतिक्रिया के फलस्वरूप आईएनएस कोलकाता को भी मदद पहुंचाने के लिए रवाना किया गया है।

चक्रवात ताउते से निपटने की तैयारियों को जारी रखते हुए भारतीय नौसेना के 11 गोताखोर दल तैयार रखे गए हैं, ताकि तूफान प्रभावित राज्‍यों से अनुरोध प्राप्‍त होने की स्थिति में इनकी सेवाएं उपलब्ध कराई जा सकें। त्वरित कार्रवाई और सहायता कार्यों के लिए बारह बाढ़ राहत दलों एवं चिकित्सा दलों को तैनात किया गया है। चक्रवात के बाद जरूरत पड़ने पर तत्काल ढांचागत मरम्मत करने के लिए मरम्मत एवं बचाव दल का भी गठन किया गया है।

कई पोतों को प्रभावित क्षेत्रों में आवश्यकतानुसार तत्काल सहायता एवं राहत सामग्री पहुंचाने के लिए तैयार रहने को कहा गया है। कुछ पोत पश्चिमी समुद्र तट पर खराब मौसम के कारण फंसी मछली पकड़ने वाली नौकाओं/छोटी नौकाओं की मदद के लिए तैयार हैं। नौसेना के समुद्री टोही विमान भी मछुआरों को चक्रवात की लगातार जानकारी और चेतावनी देने के लिए तैनात हैं।

जैसे कि पहले जानकारी दी गई थी, केरल के कोच्चि में भी नौसेना टीमों द्वारा राहत अभियान चलाया गया था। बाढ़ के कारण फंसे स्थानीय लोगों को सहायता प्रदान करने के लिए दक्षिणी नौसेना कमान से त्वरित कार्रवाई दलों के साथ तीन डाइविंग टीमों को चेल्लनम (कोच्चि) में तैनात किया गया। इन टीमों ने राहत शिविरों में भोजन, पानी और अन्य आवश्यक सामान पहुंचाया, जो भारी जलभराव के कारण वाहनों के लिए दुर्गम कार्य था। फंसे हुए लोगों को जेमिनी रबर क्राफ्ट द्वारा उनके घरों से एर्णाकुलम और चेल्लनम में ऊंचाई वाले स्थानों पर बने राहत शिविरों में ले जाया गया। नौसेना की टीम ने कोर्टिना हॉस्पिटल चेल्लनम को भी पानी और अन्य जरूरी सामान मुहैया कराया जो जलजमाव के कारण पंहुचा पाना पूरी तरह से दुर्गम कार्य था।