आक्सीजन लेवल आ गया था 60 तक, कोविड केयर हास्पिटल के डॉक्टरों ने किया ठीक

 

सीटी स्कोर 25 में पूरे 25, धमधा का कोविड केयर सेंटर, 12 दिन में पूरी तरह स्वस्थ

-62 वर्षीय बुजुर्ग बीपी की मरीज तीजन बाई तिरंगे को मिली संजीवनी


दुर्ग । असल बात न्यूज।

ऐसा नहीं है कि अपने आप को चमक दमक  और आलीशान दिखाने वाले निजी अस्पतालों में ही इलाज ठीक होता है शासकीय अस्पतालों में भी कोरोना के मरीजों का चमत्कारिक तरीके से इलाज हो रहा है।धमधा की 62 वर्ष की तीजन बाई तिरंगे की कहानी रिकवरी की अब तक की सबसे अद्भुत कहानी है। उनका सीटी स्कोर 25 में 25 आ गया था। इनका आक्सीजन लेवल 60 तक उतर गया था। परिजनों ने इलाज के लिए धंधा कॉल सेंटर में भर्ती कराया और अब उसका ऑक्सीजन लेवल 97 के आस पास आ गया है।12 दिन कोविड केयर सेंटर में रहने के बाद तीजन बाई पूरी तरह से रिकवर हो गई हैं। चिकित्सकों नेे यहां बीपी पेशेंट के गिरते हुए आक्सीजन लेवल को मैनेज करने की चुनौती को सफलतापूर्वक हल किया।

 प्राइवेट हॉस्पिटल में जगह नही मिली तो तीजन बाई तिरंगे को उनके परिजनों ने  धमधा कोविड केअर सेंटर अपचरार्थ  में भर्ती कराया। धमधा कोविड केयर सेंटर के चिकित्सकों ने शंकराचार्य हास्पिटल में रिफर करने का निर्णय किया। पेशेंट और घर वाले पुनः बाहर नहीं जाना चाहते थे। काफी विरोध के चलते उन्हें ले जाना संभव नहीं हो पाया क्योंकि इस बात की आशंका थी कि वहाँ भी मरीज इस स्थिति में बिल्कुल भी हास्पिटल स्टाफ से सहयोग न करें। ऐसे में इन्हें धमधा कोविड केयर सेंटर में ही रखने का फैसला किया। इलाज आरंभ हो गया, धमधा कोविड सेंटर के  चिकित्सकों में बीएमओ डॉ. डीपी ठाकुर, डॉ. शशिप्रभा मैत्री और डॉ. जयश्री नागरे ने कोविड प्रोटोकाल के मुताबिक मेडिसीन प्लान की और इलाज आरंभ कर दिया। वे हायर सेंटर के संपर्क में भी रहे और उनके लाइन आफ ट्रीटमेंट के अनुभव का लाभ भी लिया। इसके बाद चमत्कार हुआ। 12 दिन कोविड केयर सेंटर में रहने के बाद तीजन बाई पूरी तरह से रिकवर हो गई हैं। अब इनका आक्सीजन लेवल 97 है। इस संबंध में जानकारी देते हुए एसडीएम  बृजेश क्षत्रिय ने बताया कि कोविड केयर सेंटर के चिकित्सको और स्टाफ ने इसके पीछे काफी मेहनत की। उनका पूरा ध्यान रखा। उन्हें मेडिसीन दी, रेमडेसीवीर दिया और हौसला बढ़ाते रहे। पूरे समय आक्सीजन लेवल की मानिटरिंग होती रहे। यह बहुत खुशी की बात है कि धमधा के कोविड केयर सेंटर में भी यह कमाल हो सका। श्री क्षत्रिय ने बताया कि धमधा के चिकित्सकों की सफलता इस मायने में भी अहम है क्योंकि तीजन बाई तिरंगे कोमार्बिड हैं। उन्हें बीपी की समस्या है। इस प्रकार बीपी पेशेंट के गिरते हुए आक्सीजन लेवल को मैनेज करने की चुनौती को सफलतापूर्वक हल किया। फिलहाल तीजन बाई बहुत ही खुश हैं।

 उन्होंने कहा कि मेरा बहुत अच्छे से ध्यान कोविड केयर सेंटर में रखा गया। समय पर खाना और दवाइयां दी गई। इनके परिजन भी काफी खुश हैं उनके बेटे ने बताया कि माँ की तबियत बहुत खराब थी। उनकी तबियत डॉक्टरों के मार्गदर्शन में बिल्कुल ठीक हो गई। हम लोग काफी खुश हैं। उल्लेखनीय है कि तीजन ने एक टीका लगवा लिया है। इसका भी रिकवरी में असर हुआ होगा। एसडीएम  बृजेश क्षत्रिय ने बताया कि कोविड संकट को देखते हुए धमधा ब्लाक में तेजी से कोविड केयर का ढांचा खड़ा किया गया। धमधा, अहिवारा और कुम्हारी में यह ढांचा खड़ा किया गया। एंटीजन टेस्ट में निगेटिव लेकिन साँस की तकलीफ वाले मरीजों का भी ध्यान रखा गया और इसके लिए आइसोलेशन आक्सीजन बेड्स भी रखे गये।

   धमधा कोविड-19 आइसोलेशन सेंटर को कलेक्टर डॉ. सर्वेश्वर नरेंद्र भुरे के निर्देशानुसार 15 अप्रैल से प्रारंभ किया गया है। इस संस्था में कुल 20 बेड युक्त आइसोलेशन सेंटर मात्र 2 दिवस में बना लिया गया जहां प्रारंभ में 4 मल्टी फंक्शन ऑक्सीजन कंसंट्रेटर एवं 30 ऑक्सीजन सिलेंडर उपलब्ध करवा लिए गए थे। इस प्रकार चौबीस घंटे चलने वाला सेंटर यह धमधा नगर के मध्य में डॉ. भीमराव अंबेडकर मंगल भवन धमधा में प्रारंभ किया गया। संस्था में चार शिफ्टों में डॉक्टरों एवं नर्सों की ड्यूटी लगाई गई है। इस कोविड-19 आइसोलेशन सेंटर में नगर एवं आसपास के क्षेत्रों में लगातार मरीज स्वास्थ्य लाभ प्राप्त कर रहे हैं। सेंटर के प्रारंभ होने से पहले लोगों को जिले के शासकीय एवं निजी अस्पतालों के चक्कर काटना पड़ रहा था। जो कि अब उन्हें धमधा नगर में ही सुविधा मिल रही है और किसी को भटकना नहीं पड़ रहा है।