कोरोना महामारी से मृत शिक्षकों के परिवारों को क्लेम का भुगतान, सहायता राशि देने में देरी, फेडरेशन का आरोप

 


भिलाई, दुर्ग। असल बात न्यूज़।

 छत्तीसगढ़ प्रदेश शिक्षक फेडरेशन ने आरोप लगाया है कि कोरोना संकट के काल में प्रदेश में अभी तक 411 शिक्षकों की जान चली गई है लेकिन विभाग के द्वारा उनके क्लेम का पीड़ित परिवारों को  भुगतान करन में अनावश्यक देरी की जा रही है।

   छत्तीसगढ़ प्रदेश शिक्षक फेडरेशन के प्रांताध्यक्ष राजेश चटर्जी,महामंत्री राकेश साहू, संगठन मंत्री कुबेर राम देशमुख, दुर्ग संभाग अध्यक्ष डॉ बी के दास,महामंत्री देशबन्धु शर्मा,जिला अध्यक्ष देवेंद्र बंछोर एवं महामंत्री के के धुरंधर ने जानकारी देते हुए बताया कि कोरोना महामारी से अब तक राज्य में 411 से अधिक शिक्षकों की जान चली गई है। लेकिन विभागीय प्रक्रिया में लेटलतीफी के कारण आश्रित परिवार के आश्रितों को मृत्यु उपरांत देय स्वत्वों ( क्लेम) का भुगतान बात करने के लिए भटकना पड़ रहा है है। विभाग के उच्च अधिकारी सिर्फ तत्काल भुगतान का आदेश  जारी करना ही अपनी जिम्मेदारी मान बैठे हैं ! लेकिन जारी हुए आदेश का क्रियान्वयन फील्ड जिला शिक्षा अधिकारी के कार्यालय में हो रहा है अथवा नहीं , इसकी रिपोर्ट मँगवाया जाना भी आवश्यक नहीं समझा गया है। 

    उन्होंने बताया कि कोरोना संक्रमण से दिवंगत शिक्षकों के संख्या की विश्वसनीय जानकारी विभाग में रहना आवश्यक है। ताकि सभी मामलों में स्वत्वों का भुगतान सुनिश्चित हो सके।   

     उन्होंने बताया कि एक्स-ग्रेसिया राशि ₹ 50000 का तत्काल भुगतान मृतक के परिवार को किया जाना है। लेकिन फेडरेशन को शिकायत मिल रहा है कि अनेक प्रकरणों में भुगतान लंबित है। उन्होंने बताया कि छत्तीसगढ़ सामान्य प्रशासन विभाग मंत्रालय छत्तीसगढ़ शासन रायपुर के आदेश 23 फरवरी 2019 द्वारा जारी हुए अनुकंपा नियुक्ति के अद्यतन एकजाई निर्देश -2013 के निर्देश क्रमांक 15 (1) में, दिवंगत शासकीय सेवक के कार्यालय प्रमुख या नियुक्तिकर्ता अधिकारी के द्वारा दिवंगत शासकीय सेवक के आश्रित परिवार को अनुकंपा नियुक्ति संबंधी जानकारी एवं निर्धारित आवेदन पत्र का प्रारूप (परिशिष्ट -एक) *एक माह के अवधि में* उपलब्ध कराने तथा ऐसी जानकारी को कार्यालय के अभिलेख में सुरक्षित रखे जाने  का उल्लेख है। निर्देश क्रमांक 15 (2) में उल्लेख है कि,अनुकंपा नियुक्ति एवं आवेदन के प्रारूप संबंधी जानकारी आश्रित परिवार को प्राप्त होने के उपरांत पात्र वयस्क सदस्य द्वारा अनुकंपा नियुक्ति हेतु निर्धारित पपत्र में आवेदन पत्र शीघ्रातिशीघ्र *अधिकतम तीन माह के भीतर* उस कार्यालय प्रमुख को प्रस्तुत किया जाएगा,जिस कार्यालय में दिवंगत शासकीय सेवक अपनी मृत्यु के पूर्व कार्यरत था। लेकिन निर्देशों का वास्तविक पालन नहीं हो रहा है। दिवंगत शिक्षकों का परिवार,जानकारी के अभाव में,कार्यालयों के चक्कर लगा रहे हैं। इस आपदा को अवसर बनाने के लिए लोग सक्रिय हैं।

      उन्होंने जानकारी दिया कि दिवंगत शासकीय सेवक के परिवार को निम्न स्वत्वों का भुगतान होगा। जिसमें ग्रेच्यूटी का भुगतान तत्काल होने से परिवार को विपत्ति के समय कुछ राहत मिल सकता है। उन्होंने बताया कि दिवंगत शासकीय सेवक का सेवा-अवधि यदि 33 वर्ष या अधिक हो तो,मृत्यु तिथि के स्थिति में,बेसिक और महंगाई भत्ता के योग का 16.5 गुणा ग्रेच्यूटी राशि की पात्रता है। कम सेवा-अवधि पर भी पात्रता अनुसार गणना के आधार पर भुगतान होगा। जिसका जानकारी फेडरेशन के प्रांतीय पदाधिकारियों सहित सभी जिला अध्यक्षों के पास उपलब्ध है। उन्होंने अन्य स्वत्वों के बारे में जानकारी दिया कि फैमिली पेंशन ; अवकाश नगदीकरण ; जमा जी पी एफ राशि देय ब्याज सहित ; परिवार कल्याण निधि( एफ बी एफ) यदि हो तो ; एवं समूह बीमा योजना (जी आई एस) में देय बीमा राशि तथा बचत निधि में जमा राशि ब्याज सहित का भुगतान आश्रित परिवार को मिलेगा। फेडरेशन ने दिवंगत शिक्षकों के परिवार के सहायतार्थ अनुकंपा नियुक्ति के आवेदन पत्र एवं आवेदन पत्र के साथ संलग्न किये जाने वाले दस्तावेजों का जानकारी दिया है।