सेल-बीएसपी प्रबंधन ने की कार्मिकों पर अनुशासनात्मक कार्यवाही

 भिलाई। असल बात न्यूज़।

भिलाई इस्पात संयंत्र में विभिन्न शॉप में काम ठप कर देने की कोशिश के मामले में प्रबंधन ने 13 कार्मिकों को निलंबित कर दिया है और 19 कार्मिकों को कारण बताओ नोटिस जारी किया गया है। यह बताया जा रहा है कि उक्त कार्मिकों ने अपने प्रदर्शन को जिस तरह से उग्र करने की कोशिश की उससे ब्लास्ट फर्नेस-5, ब्लास्ट फर्नेस-7 तथा ब्लास्ट फर्नेस-8 के बंद होने की स्थिति उत्पन्न हो जाती  और भयंकर रूप से उत्पादन प्रभावित होने के साथ ही जान-माल की हानि भी होने की आशंका पैदा हो गई थी।यह कर्मी वेज रिवीजन और अनुकंपा नियुक्ति को लागू करने की मांग कर रहे थ अब यह सवाल उठ रहा है कि क्षेत्र के कार्य में होगा ऐसे कठिन समय में वेज रिवीजन करना कितना आवश्यक है अथवा वेज रिवीजन की सारी कल्पनाओं को ही खत्म कर देना चाहिए। शासकीय तथा विभिन्न उपकरणों के कर्मचारियों की बार-बार वेतन बढ़ोतरी पर हमेशा एक सवाल खड़े हो रहे तथा इसका विरोध किया जा रहा है।यह भी कहा जाता है कि इन कर्मचारियों के वेतन बढ़ोतरी की वजह से ही देश में महंगाई भी बढ़ जाती है wage revision का एक ही मतलब होता है वेतन और सुविधाओं  में बढ़ोतरी। देश संकट से जूझ रहा है, आपातकाल के जैसी स्थिति है तब भी वेज रिवीजन में वेतन और सुविधाओं में कटौती नहीं की जाति

प्राप्त जानकारी के अनुसार भिलाई इस्पात संयंत्र के पावर एंड ब्लोइंग स्टेशन 2 में  दिनांक 24/04/21 को प्रातः लगभग 07.00 बजेपी बी एस 2 प्लांट के कुछ कार्मिकों ने एस टी जी 4 के कंट्रोल रूम के अंदर ज़बरदस्ती व् अनाधिकृत रूप से घुस कर स्टीम टर्बो जेनेरटर-4 इकाई का पूरा ऑपरेशन ज़बरदस्ती बंद कर दिया|

इसके परिणाम स्वरूप बॉयलर प्रेशर बढ़ जाने की वजह से स्टीम टर्बो जनरेटर शट डाउन हो गया और इसके सभी सेफ्टी वाल खुल गए जिसके कारण 22.5 मेगा वाट पावर जनरेशन बंद हो गया।

प्रातः7:10 पर शिफ्ट इंचार्ज को जब यह ज्ञात हुआ कि एसटीजी-4 को जबरदस्ती बंद कर दिया गया है उसने तत्काल आवश्यक कदम उठाते हुए एसपीजी 4 को पुनः चालू करने की प्रक्रिया प्रारंभ किया।

विदित हो कि एसटीजी-4 के बंद होने से संयंत्र के ऑक्सीजन प्लांट में विद्युत आपूर्ति बंद हो जाती और ऑक्सीजन उत्पादन ठप हो जाता। उल्लेखनीय है की भिलाई इस्पात संयंत्र से संपूर्ण देश के विभिन्न अस्पतालों को ऑक्सीजन सप्लाई किया जा रहा हैं इस कृत्य से ऑक्सीजन सप्लाई बाधित हो सकती थी। आज राष्ट्रीय विपदा में ऑक्सीजन संकट को उत्पन्न करनानिश्चित ही एक राष्ट्रद्रोह है। कार्मिकों के इस कृत्य को प्रबंधन ने बेहद गंभीरता से लेते हुए इनके विरुद्ध अनुशासनात्मक कार्रवाई करने के साथ ही पुलिस थाने में इनके विरुद्ध शिकायत की है।

इसके अतिरिक्त एसटीजी-4 के बंद होने से संयंत्र में सुरक्षा का संकट खड़ा होने की संभावना थी। यदि सेफ्टी वॉल समय पर नहीं खुलते तो ब्लास्ट फर्नेस को जाने वाले स्टीम पाइप लाइन के फटने की संभावना बन जाती है जिससे ब्लास्ट फर्नेस-5, ब्लास्ट फर्नेस-7 तथा ब्लास्ट फर्नेस-8 के बंद होने की स्थिति उत्पन्न हो जाती और  और भयंकर रूप से उत्पादन प्रभावित होने के साथ ही जान-माल की हानि भी होने की संभावना थी।

जब पूरे देश में कोरोना का संकट चल रहा होऑक्सीजन की भारी जरूरत होअस्पतालों में मरीज तड़प रहे होंऐसे वक्त में लोगों के जीवन से खिलवाड़ करने की कोशिश किया जाना बेहद शर्मनाक है |ऐसे समय में जब एस्मा लगा होलॉक डाउन चल रहा हो और पूरे देश में विषम परिस्थितियां हो उस वक्त इस प्रकार की गैर-जिम्मेदाराना हरकत को बर्दाश्त करना संभव नहीं है। इसी को दृष्टिगत रखते हुए भिलाई इस्पात संयंत्र ने इन कार्मिकों पर विभागीय कार्यवाही करने के साथ ही इन पर क़ानूनी कार्यवाही करने हेतु पुलिस में भी शिकायत की है जिससे कोविड मरीजों की सुरक्षा से लेकर संयंत्र के अन्य कार्मिकों की सुरक्षा को सुनिश्चित किया जा सके।

भिलाई इस्पात संयंत्र के कुछ विभागों में  कुछ कार्मिकों ने 23 अप्रैल रात से लेकर अब तक विभाग में काम रोककर अपनी मांगों को मनवाने की जिद पर अड़े हुए हैं। इन्होंने जल्द एवं उनके मांगो के अनुरूप  वेज रिवीजन किये जाने तथा कोविड-19 से हुए मृत्यु पर अनुकंपा नियुक्ति देने की मांग को लेकर धरना प्रदर्शन कर कुछ विभागों में कार्य बाधित किया है। संयंत्र के डायरेक्टर इंचार्ज श्री अनिर्बान दासगुप्ता ने स्वयं कर्मचारियों से सीधी चर्चा की। अपना पक्ष रखते हुए कहा कि वेज रिवीजन एवं अनुकंपा नियुक्ति जैसे मुद्दे सेल स्तर पर ही हल किए जा सकते हैं स्थानीय स्तर पर इस पर निर्णय लेना संभव नहीं है।  प्रदर्शनकारियों को यह समझाया गया कि वे कोरोना के इस भीषण दौर मेंजबकि एस्मा लगा होतब भीड़ एकत्रित न करें बल्कि बीएसपी की परंपरा के अनुरूप समस्या समाधान हेतु बातचीत का मार्ग चुने। विदित हो कि वेज रिवीजन केंद्रीय मुद्दा है और इस पर एनजेसीएस के माध्यम से लगातार चर्चा जारी है । कर्मियों की सुविधाएं और पर्क्स,  कंपनी की लाभप्रदता से जुड़ी हुई हैं,  उत्पादन रोककर मांगें रखना उचित नही है । भिलाई की कार्य संस्कृति सदैव ही सकारात्मक रही है समस्याओं का समाधान बातचीत से निकालने की परंपरा रही है। इस कार्य संस्कृति को हम सभी को बनाए रखना है। अतः सभी कर्मियों से यह आह्वान है कि वे प्रतिबद्धता के साथ कार्य निष्पादन करें । 


प्रबंधन के समझाइश के बाद कई विभागों में कर्मचारियों ने मुद्दे कि वास्तविकता और गंभीरता को समझते हुए कार्य का सुचारू संचालन प्रारंभ कर दिया है । परंतु यूआरएम तथा बीआरएम के ये हठधर्मी युवा कर्मी अपनी बात मनाने के लिए इन मिलो को बंद कर बैठ गए हैं। इस प्रकार अनाधिकृत रूप से काम रोकने से सेल व बीएसपी के साथ-साथ हमारे अन्य स्टेकहोल्डर्स जिनकी जीविका बीएसपी से जुड़ी है जैसे ठेकेदारों तथा ठेका श्रमिकों को भी भारी नुकसान उठाना पड़ सकता है। उत्पादन की क्षति सिर्फ बीएसपी या सेल की क्षति नहीं है बल्कि यह राष्ट्रीय क्षति है। इसमें पब्लिक का पैसा लगा हुआ है अतः इस प्रकार के हरकत को कतई बर्दाश्त नहीं किया जा सकता। वह भी उस वक्त जब जिला और पूरा देश कोरोना के संकट से जूझ रहा होजिले में एस्मा लगा होलॉकडाउन चल रहा हो ऐसे वक्त पर कार्य बंद करना सर्वथा गलत है और निंदनीय है।

सेल-बीएसपी प्रबंधन ने इन हरकतों को संज्ञान में लेते हुए 13 कार्मिकों को निलंबित कर दिया है और 19 कार्मिकों को कारण बताओ नोटिस जारी किया गया है।