सेंट थॉमस महाविद्यालय के अर्थशास्त्र स्नातकोत्तर विभाग द्वारा 'स्व - प्रबंधन' एवं 'हाउ टू फेस इंटरव्यू' विषय पर वर्चुअल कार्यशाला का आयोजन

 

 भिलाई। असल बात न्यूज।

सेंट थॉमस महाविद्यालय के अर्थशास्त्र स्नातकोत्तर विभाग द्वारा' स्व-प्रबंधन' एवं 'हाउ टू फेस इंटरव्यू,' विषय पर वर्चुअल कार्यशाला आयोजित की गई । सेंट थॉमस मिशन के मैनेजर बिशप हिस ग्रेस डॉ जोसेफ मार डायनोशियस एवं महाविद्यालय के प्रशासक फादर डॉ जोशी वर्गिस ने कार्यशाला की सराहना की।

 इस वर्चुअल कार्यशाला में  विशेष अतिथि हेमचंद यादव विश्वविद्यालय दुर्ग  के अधिष्ठाता छात्र कल्याण संघ के माननीय डॉ प्रशांत श्रीवास्तव, महाविद्यालय के प्राचार्य डॉ एम जी रोईम़ोन उपस्थित थे। विशेष अतिथि माननीय डॉ प्रशांत श्रीवास्तव ने कार्यशाला को संबोधित करते हुए कहा की विभिन्न विषयों पर बुलाए गए  वक्ताओं द्वारा व्यक्त विचार छात्र वर्गों के लिए ज्ञानवर्धक है एवं हेमचंद यादव विश्वविद्यालय दुर्ग के स्थापना दिवस के अवसर पर सभी को बधाई दी। महाविद्यालय के प्राचार्य डॉ एम जी रोईमोन ने वर्चुअल कार्यशाला मे उपस्थित समस्त अतिथियों, मुख्य वक्ताओं, प्रतिभागियों एवं वर्चुअल माध्यम से जुड़े सभी का स्वागत करते हुए उज्जवल भविष्य की कामना की। कार्यशाला के दूसरे दिन के मुख्य वक्ता माननीय श्री चंद्रहास बेहरा (रिटायर्ड आईएएस ऑफिसर रायपुर) द्वारा 'सेल्फ मैनेजमेंट' पर अपने व्याख्यान प्रस्तुत किए गये। व्याख्यान के दौरान उन्होंने भावनाओं पर नियंत्रण करने पर जोर दिया उन्होंने कहा कि जो अपने आप को नियंत्रित करते हैं वह सब कुछ नियंत्रित कर सकते हैं तदुपरांत उन्होंने स्व प्रबंधन के उद्देश्यों पर जोर दिया, साथ ही मानवीय संसाधन ज्ञान तथा कौशल एवं हिंदी व्याकरण में आए उदाहरण को विस्तारपूर्वक समझाया उन्होंने जिज्ञासा एवं ज्ञान की चार श्रेणियो पर विस्तार पूर्वक चर्चा की । बुद्धि और विवेक तथा रचनात्मक चिंतन पर जोर देते हुए बताया कि प्रकृति से जुड़ जाने पर तनाव मुक्त हो सकते हैं।

 उन्होंने कहा इच्छाओं की पूर्ति न होने पर क्रोध उत्पन्न होता है कर्म करो फल की चिंता मत करो अंत में उन्होंने संगीत के माध्यम से समा बांध दिया और कहां की गम को गम के रूप में नहीं लेना चाहिए गम को हंसते हुए गले से लगाना चाहिए तभी आप जिंदगी में आगे और ऊंचाइयों तक बढ़ सकते है। तीसरे दिन कार्यशाला के मुख्य वक्ता माननीय श्री विवेक जोगलेकर (एकेडमिक डायरेक्टर आधारशीला विद्या मंदिर, बिलासपुर) द्वारा ' हाउ टू फेस इंटरव्यू,' विषय पर विस्तार पूर्वक एवं महत्वपूर्ण जानकारी देते हुए कहा कि साक्षात्कार हेतु तैयारियां तत्काल ना करते हुए कुछ समय पूर्व ही कर लेनी चाहिए! ड्रेस कोड पर विशेष ध्यान रखें आई एम कमिंग के साथ ही साक्षात्कार की शुरुआत होती है चयन उसी का होता है जो विषय विशेषज्ञों का विश्वास अर्जित कर सके। उन्होंने मानसिक स्थिरता को मनोवैज्ञानिक स्थिति बताया है और कहां की आपके जवाब आदि से अभ्यास झलकता है। साक्षात्कार सतत चलने वाली प्रक्रिया है उन्होंने किस प्रकार बायोडाटा, रिज्यूम, सीवी कैसे बनाएं इसके अंतर्गत आने वाले सभी पहलुओं को विस्तारपूर्वक समझाया । साक्षात्कार के पहले तनाव आना एक स्वाभाविक स्थिति है इससे घबराए ना । पुस्तक पढ़ें और अपने आत्मविश्वास को जगाए। सत्र के दौरान प्रतिभागियों द्वारा पूछे गए प्रश्नों एवं समस्याओं का समाधान किया गया।

 कार्यशाला की संयोजिका अर्थशास्त्र विभाग की विभागाध्यक्ष एवं एसोसिएट प्रोफेसर डॉ मरियम जेकब, मॉडरेटर एवं आयोजक सचिव सहायक प्राध्यापक डॉ अपर्णा घोष, प्राध्यापक गण एवं बड़ी मात्रा में प्रतिभागी उपस्थित थे। कार्यशाला का संचालन डॉ अपर्णा घोष एवं धन्यवाद ज्ञापन डॉ मरियम जेकब द्वारा किया गया।