वैैक्सीन की दोनो डोज लगने के बाद संक्रमित होने की संभावना न्यूनतम -डाॅ सुंदरानी

 


कोरोना संक्रमण से बचने के लिए वैक्सीन की दोनों डोज और कोविड अनुकूल व्यवहार जरूरी - यूनीसेफ   

रायपुुर । असल बात न्यूज़।

 कोरोना संक्रमण की रोकथाम में  कोविड 19 वैक्सीन अत्यधिक असर कारक है, यह साबित हो चुका है। लेकिन कुछ लोगों के मन में यह भ्रांति है कि वैक्सीन की दूसरी डोज लेने के बाद वे संक्रमित हो जा रहे हैं जो कि पूरी तरह गलत है। डाॅ भीमराव अंबेडकर स्मृति चिकित्सालय के विशेषज्ञ चिकित्सक डाॅ ओ पी सुंदरानी इस बात को पूरी तरह नकारते हंैं। उनका कहना है कि अभी संक्रमण फैला हुआ है और बहुत से ऐसे लोग भी है जो संक्रमित हो चुके हैे लेकिन बिना लक्षण के हैं और उसी समय वैक्सीन की दूसरी डोज लगवा रहे हैं। यह केवल संयोग की बात है कि वैक्सीन लगने के बाद उनमे लक्षण आने लगे और जांच कराने पर पाजिटिव आ रहे हैं।

ने कहा कि लेकिन वे वैक्सीन की दूसरी डोज से पाॅजिटिव नही हुए बल्कि उसकेा लगवाने के 4-5 दिन पूर्व ही संक्रमित हो चुके होंगे और उनमें लक्षण नही नजर आए होंगे। कोरोना के लक्षण स्पष्ट रूप से सामने आने में ही 4-5 दिन लगते हैं और इस बीच वैैक्सीन लगवा ली तो ऐसा लगता है कि दूसरी डोज के बाद संक्रमित हो गए जबकि ऐसा बिल्कुल नही है। वैक्सीन की दोनो डोज से शरीर का इम्यून सिस्टम और मजबूत होता है इसलिए सभी लोगों को जिन्होने कोविशील्ड की पहली डोज ली है उसके 6से 8 सप्ताह में दूसरी डोज और कोवैक्सीन की पहली डोज के 28 दिन बाद दूसरी डोज  अवश्य लेना चाहिए ।

        यूनीसेफ के स्वास्थ्य विशेषज्ञ डॅा श्रीधर ने कहा कि वैैक्सीन की दोनो डोज लगाने के बाद संक्रमित होने के मामले बहुत कम आए हैं। आई सी एम आर ने आंकड़े जारी किए कि कोवैैक्सीन की दोनो डोज लगने के बाद केवल 0.04 प्रतिशत पाजिटिव आए और कोविशील्ड की दोनों डोज के बाद केवल 0.03 प्रतिशत पाजिटिव आए जो कि नगण्य है। उसके मुकाबले ऐसे लोग अत्यधिक संख्या में संक्रमित हुए हैं जिन्होने वैक्सीन की एक भी डोज नही ली। 

   उन्होने कहा कि वैैक्सीन ,संक्रमण से 100 प्रतिशत सुरक्षा नही देती, यह पहले ही विशेषज्ञों ने बताया है कि वैक्सीन 70 से 80 प्रतिशत प्रभावी है। वैक्सीन कोरोना वाइरस को शरीर में प्रवेश करने से नही रोक सकता ,उसके लिए हमे कोविड अनुकूल व्यवहार का पालन करना ही होगा। वैक्सीन की दोनों डोज लगने के बाद संक्रमण होने पर गंभीर स्थिति की संभावनाएं या अस्पताल में भर्ती होने की ंसंभावना न्यूनतम रहती हैं। 

  विशेषज्ञों का कहना है कि वैक्सीन की पहली डोज के से 6से 8 हफ्ते में दूसरी डोज लगा लेना चाहिए। दूसरी डोज लगाने के 14 दिन बाद शरीर में एंटीबाडी बनती है और हमारा प्रतिरक्षात्मक तंत्र मजबूत होता है। ॅिफर भी मास्क लगाना, भीड़ से बचना और हाथों को नियमित रूप से साबुन पानी से धोना आवश्यक है।