जन प्रतिनिधियों एवं प्रशासन के सहयोग से 2 नाबालिक जोड़ों का रोका गया बाल विवाह

 


बलौदाबाजार,। असल बात न्यूज़।

बलौदा बाजार जिले में प्रशासन के सहरसा से दो नाबालिगों का विवाह रुकवाया गया।गांव वाले से प्रशासन को नाबालिगों का विवाह कराने का प्रयास होने की जानकारी मिली थी। इसके बाद प्रशासनिक अमला तुरंत हरकत में आ गया।


जिला प्रशासन द्वारा आम जनता को कोविड-19 टीकाकरण तथा कोरोना प्रभावित लोगों का बेहतर इलाज के साथ-साथ ही जिले में होने वाले बाल विवाह पर भी नजर बनाये हुए है। इसी   तारतम्य में आज दिनांक 24 अप्रैल को प्रशासन को यह सूचना प्राप्त हुई की परिवर्तित नाम कुमारी राधा उम्र 17 वर्ष क्षेत्र सिमगा का विवाह ग्राम रावनबोड निवासी परिवर्तित नाम विजय उम्र 19 साल का विवाह दिनांक 25 अप्रैल को होने की सूचना प्राप्त हुई। जिस पर जिला कार्यक्रम अधिकारी एल आर कच्छप ने विभाग के अपने अपने कर्मचारियों एवं अधीनस्थ अधिकारियों  को सूचना करते हुए बाल विवाह रोकने का निर्देश दिया गया। विभाग द्वारा स्थानीय लोगों से संपर्क किया गया तथा वर- वधु के घर जाकर समझा देकर पंचनामा तैयार किया गया एवं बाल विवाह रोका गया। बाल विवाह रोकने में वहां की स्थानीय सरपंच,आंगनबाड़ी कार्यकर्ता, पर्यवेक्षक तथा विभागीय अमलों का महत्वपूर्ण भूमिका रहा। इसी तरह भाटापारा निवासी परिवर्तित नाम कुमारी मीरा उम्र 17 वर्ष का विवाह रतनपुर बिलासपुर निवासी के साथ में दिनांक 25 अप्रैल को होना तय हुआ था जिसकी सूचना भी प्रशासन को प्राप्त होने पर जिला कार्यक्रम अधिकारी द्वारा बाल विवाह रोकने हेतु विभागीय अमलों को मुस्तैद किया गया। पता करने पर जानकारी प्राप्त हुआ कि कन्या का उम्र 17 वर्ष है तथा लड़का बिलासपुर रतनपुर निवासी है वहां के स्थानीय थाना को भी सूचित किया गया की लड़की का उम्र 18 वर्ष से कम है अतः बरात ना आने की सूचना स्थानीय थाना रतनपुर के माध्यम से दी गई एवं कन्या के घर जाकर की परिवार वालों को समझाइश दिया गया कि लड़की का उम्र कम है। बाल विवाह कानूनन अपराध है। सामाजिक कुरीतियों के बारे में बताया गया जिस पर घरवाले विवाह रोकने हेतु सहमत हो गए एवं पंचनामा पर हस्ताक्षर कराया गया  बाल विवाह रोकने में भाटापारा के स्थानीय पार्षद,सखी वन स्टॉप के स्टाफ तथा स्थानीय पर्यवेक्षक आंगनबाड़ी कार्यकर्ता का महत्वपूर्ण योगदान रहा।