कोविड-19 महामारी से पैदा चुनौतियों के बावजूद अप्रैल-फरवरी, 2020-21 के दौरान भारत से प्रसंस्कृत खाद्य उत्पादों का निर्यात 26.51 प्रतिशत बढ़ा

 


नई दिल्ली, छत्तीसगढ़। असल बात न्यूज़।

कोविड-19 महामारी के चलते पैदा चुनौतियों के बावजूद, अप्रैल-फरवरी (2020-21) के दौरान भारत से होने वाले प्रसंस्कृत खाद्य पदार्थों के निर्यात में रुपये में 26.51 प्रतिशत की बढ़ोतरी दर्ज की गई है। यह बढ़ोतरी बीते साल (2019-20) की समान अवधि की तुलना में है।

त्वरित अनुमानों के मुताबिक, अप्रैल-फरवरी, 2021 के दौरान कुल 43,798 करोड़ रुपये के प्रसंस्कृत उत्पादों का निर्यात हुआ।

भारत से निर्यात होने वाले प्रमुख प्रसंस्कृत खाद्य पदार्थों में दालें, प्रसंस्कृत सब्जियां, प्रसंस्कृत फल एवं जूस, मूंगफली, ग्वार गम, तैयार अनाज, मिल में तैयार उत्पाद, मादक पेय और ऑयल मील्स शामिल हैं।

प्रसंस्कृत सब्जियां, मादक पेय और मिल में तैयार उत्पाद जैसे मूल्य वर्धित उत्पादों के निर्यात में अप्रैल-फरवरी (2020-2021) के दौरान 40 प्रतिशत से ज्यादा की बढ़ोतरी दर्ज की गई है। यह बढ़ोतरी बीते साल (2019-20) की समान अवधि तुलना में है।

वर्तमान वित्त वर्ष (2020-21) के शुरुआती 11 महीनों के दौरान भारतीय स्नैक्स, सॉस, स्टार्च उत्पादों, वेजिटेबिल फ्लोर, माल्ट उत्पादों सहित विविध प्रसंस्कृत सामानों और दालों का निर्यात क्रमशः 36 प्रतिशत और 33 प्रतिशत बढ़ गया। इसके अलावा अनाज आधारित उत्पादों (18 प्रतिशत), प्रसंस्कृत फल और जूस (12 प्रतिशत) और मूंगफली (7 प्रतिशत) के निर्यात में खासी बढ़ोतरी दर्ज की गई। चालू वित्त वर्ष (अप्रैल-फरवरी) के दौरान ऑयल मील के निर्यात में 96 प्रतिशत की बढ़ोतरी हुई।

कोविड-19 महामारी के चलते दुनिया भर में व्यापार बाधित होने के बावजूद, भारत से निर्यात को सुगम बनाने की दिशा में किए गए प्रयासों व पहलों के चलते एपिडा सूचीबद्ध उत्पादों के प्रसंस्कृत खाद्य पदार्थों के निर्यात में 26.51 प्रतिशत की समग्र बढ़ोतरी दर्ज की गई।

एपिडा के चेयरमैन डॉ. एम. अंगामुथु के मुताबिक, प्रसंस्कृत खाद्य पदार्थों के निर्यात में बढ़ोतरी का यह रुझान अगले वित्त वर्ष (2021-22) में भी जारी रहने का अनुमान है। दालों, प्रसंस्कृत फलों और सब्जियों, मिलों में तैयार उत्पाद, अनाज से बने उत्पाद और अन्य प्रसंस्कृत सामानों के लिए मध्य पूर्व, पूर्वी देशों, यूएसए और यूके के बाजारों से मांग में बढ़ोतरी हुई है।

 

तालिका : प्रसंस्कृत खाद्य पदार्थों के निर्यात का मूल्य

 

 

अप्रैल-फरवरी (2020-21)

उत्पाद

मात्रा

(एमटी में)

मूल्य

(करोड़ रुपये में)

दालें

255415

1828

प्रसंस्कृत सब्जियां

335229

2846

फ्रसंस्कृत फल एवं जूस

485181

4666

मूंगफली

589658

4911

ग्वार गम

210712

1742

अनाज से तैयार सामान

366595

4261

कोको उत्पादों

23432

1006

मिल में तैयार उत्पाद

356721

1382

मादक पेय

230738

2265

विविध प्रसंस्कृत सामान

 

5679

ऑयल मील

 

11471

कुल

 

43798

 

 

कृषि एवं प्रसंस्कृत खाद्य पदार्थों के निर्यात को प्रोत्साहन देने के लिए, एपिडा ने वर्चुअल खरीदार विक्रेता मीट, उत्पादन संवर्धन बैठक, वेबिनार, उत्पाद केन्द्रित निर्यात संवर्धन मंचों का निर्माण, निर्यात प्रोत्साहन गतिविधियों के आयोजन के माध्यम से बाजार पहुंच सुनिश्चित करना, प्रमुख हितधारकों के साथ एमओयू, निर्यात संवर्धन के लिए वित्तीय सहायता बढ़ाना और जीआई उत्पादों को प्रोत्साहन सहित कई कदम उठाए हैं।

वर्चुअल खरीदार विक्रेता मीट : कोविड-19 महामारी के हालात से मिले अवसरों के दोहन के उद्देश्य से, एपिडा ने अपने दायरे में आने वाले उत्पादों के निर्यात को प्रोत्साहन देने के लिए विदेश में भारतीय दूतावासों के सहयोग से वर्चुअल खरीदार विक्रेता मीट्स का आयोजन किया। मार्च, 2020 के बाद सिंगापुर, रूस, जीसीसी देशों, स्वीडन और लातविया, यूएई, कुवैत, इंडोनेशिया, स्विट्जरलैंड, बेल्जियम, ईरान, कनाडा, यूएसए, थाईलैंड, दक्षिण अफ्रीका, भूटान, ऑस्ट्रेलिया, ओमान, सऊदी अरब और जर्मनी के साथ 25 से ज्यादा बीएसएम का आयोजन किया था। वर्चुअल खरीदार विक्रेता मीट्स से आयातकों में दिलचस्पी पैदा हुई और आयातकों ने सूचित किया कि उनसे कई देशों की तरफ से व्यापार संबंधी पूछताछ हुई है।

उत्पाद संवर्धन बैठक और वेबिनार : समाधान के उद्देश्य से समस्याओं को संबंधित संगठनों के सामने रखने के लिए, निर्यात की आपूर्ति श्रृंखला के हर स्तर पर आने वाली मुश्किलों को समझने को व्यापारियों के साथ नियमित संवाद का आयोजन किया। निर्यातकों, खाद्य प्रसंस्करण उद्योगों, आईसीएआर संस्थानों, एनपीपीओ और राज्य कृषि विभागों के साथ बैठकों का आयोजन किया गया। सामने आए मुद्दों को जल्द समाधान के लिए संबंधित एजेंसियों के सामने रखा गया।

उत्पाद केन्द्रित निर्यात संवर्धन मंच : निर्यात को आसान बनाने के लिए पूरी उत्पादन और आपूर्ति श्रृंखला के हितधारकों के साथ मिलकर उत्पाद केन्द्रित निर्यात संवर्धन मंचों (ईपीएफ) का गठन किया गया।

अंतर्राष्ट्रीय बाजारों में बाजार पहुंच उपलब्ध कराना और निर्यात को प्रोत्साहन देना : एपिडा ने हाल के दौर में कनाडा, चीन, दक्षिण कोरिया, ताईवान, पुर्तगाल, इंडोनेशिया, ईरान आदि में कृषि उत्पादों के लिए नए बाजार खोलने में अहम भूमिका निभाई है। इंडोनेशिया जैसे अंतर्राष्ट्रीय बाजारों में निर्यात संवर्धन से निर्यात के लिए कोटे में बढ़ोतरी हुई है।

कृषि निर्यात बढ़ाने के लिए विभिन्न हितधारकों के साथ एमओयू : संबंधित राज्यों में सामने आ रही समस्याओं के समाधान में आपसी सहयोग के लिए एनसीयूआई, एनसीडीसी, नाबार्ड, एएससीआई, क्यूसीआई, आईआईटी दिल्ली, आईसीएफए, एसएफएसी और ट्राइफेड व एएफसी इंडिया लि. के साथ समझौता ज्ञापनों (एमओयू) पर हस्ताक्षर किए हैं। इसके अलावा, देश से गुणवत्तापूर्ण निर्यात बढ़ाने के लिए कृषि विश्वविद्यालयों और आईसीएआर के साथ भी एमओयू किए जा रहे हैं।

कृषि एवं प्रसंस्कृत खाद्य निर्यात संवर्धन योजना : एपिडा की कृषि एवं प्रसंस्कृत खाद्य निर्यात संवर्धन योजना के तहत अवसंरचना विकास, गुणवत्ता विकास और बाजार संवर्धन योजना के तहत मध्यावधि व्यय तंत्र के लिए वित्तीय सहायता उपलब्ध कराई गई थी।

जीआई उत्पादों को निर्यात प्रोत्साहन : एपिडा ने विदेश में भारतीय दूतावास के साथ मिलकर यूएई और यूएसए के साथ वर्चुअल खरीदार विक्रेता मीट के आयोजन के द्वारा भारत में भौगोलिक संकेतक (जीआई) प्रमाणन के साथ पंजीकृत उत्पादों के निर्यात को प्रोत्साहन देने की पहल की है। एपिडा निर्यात की संभावनाओं वाली प्रमुख कृषि कमोडिटीज के जीआई उत्पादों को लोकप्रिय बनाने के लिए आयात की संभावनाओं वाले देशों के साथ वर्चुअल खरीदार विक्रेता मीट्स (वीबीएसएम) के आयोजन की पहल को जारी रखे हुए है।