मास्क के बगैर न्यायालय परिसर में प्रवेश प्रतिबंधित

 जिले में कोरोना संक्रमण के बढ़ते प्रभाव को देखते हुए बिना मास्क के आने पर   होगी कार्रवाई

-जो भी न्यायालय परिसर में माॅस्क के बगैर भ्रमण करते हुए पाये जाएगा, उन्हें तत्काल दण्डित किया जाएगा

दुर्ग । असल बात न्यूज।

 न्यायालय परिसर में कोई बिना मास्क पहने प्रवेश करेगा, तो उसके खिलाफ तत्काल कार्रवाई की जाएगी। जिला अधिवक्ता संघ दुर्ग के द्वारा न्यायालय परिसर में भीड़ के बिना मास्क पहने आने तथा कोरोना से संबंधित किसी भी गाइडलाइन का पालन नहीं किए जाने की शिकायत करने पर जिला प्रशासन ने उक्त आदेश जारी किया है। उल्लेखनीय है कि दुर्ग जिले में कोरोना  के संक्रमण के मामले लगातार बढ़ते जा रहे हैं । जिला प्रशासन के द्वारा इसकी रोकथाम के लिए कड़े उपाय किए जा रहे हैं।

जिला अधिवक्ता संघ दुर्ग के सदस्यों ने बताया है कि कोरोना के मामले बढ़ते जा रहे हैं और न्यायालय आगे वाले ज्यादातर लोगों के द्वारा कोरोना के संबंध में जारी गाइडलाइन की अनदेखी की जा रही है। न्यायालय परिसर में हमेशा भारी भीड़ रहती हो। भीड़ के चलते पक्षकार कंधे से कंधा मिलाकर  चलते दिखते हैं। ऐसे में न्यायालय आने वाले पक्षकारों तथा अन्य लोगों के द्वारा  पक्षकार माॅस्क नहीं लगाते तथा सोशल डिस्टेंसिंग का पालन नहीं करने से परिसर में corona के संक्रमण के फैलाव का खतरा हमेशा बना रहता है । ऐसी स्थिति में अधिवक्ता  संघ के  सदस्यों के स्वास्थ्य को लेकर हमेशा चिंता की स्थिति बनी रहती है।

 जिला अधिवक्ता संघ के द्वारा उपलब्ध कराये गये तथ्यों एवं 16 मार्च को दुर्ग जिले में 233 मरीज कोरोना वायरस से संक्रमित पाये जाने के मद्देनजर जिला प्रशासन के द्वारा इसकी रोकथाम के लिए दिशा निर्देश जारी कर दिए गए हैं। इस देश के बाद  किसी भी पक्षकार या अधिवक्ता को मास्क के बगैर न्यायालय परिसर में प्रवेश की अनुमति नहीं होगी। जो भी न्यायालय परिसर में माॅस्क के बगैर भ्रमण करते हुए पाये जाएगा, उन्हें तत्काल दण्डित किया जाएगा। कोई भी पक्षकार जिनका प्रकरण न्यायालय में है, वे अपने रिश्तेदारों सहित न्यायालय परिसर में नहीं आयेंगें। न्यायालय परिसर में बिना किसी कार्य के भ्रमण करने वाले व्यक्तियों का प्रवेश वर्जित रहेगा।