छत्तीसगढ़ की जेलों में सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम

 


बन्दियों पर निगरानी और सुरक्षा के लिए जेलों में सी.सी.टीव्ही, मोबाईल जैमर, वायरलेस, फेंसिंग, मेटल डिटेक्टर, वॉकी-टॉकी, सायरन सहित अनेक व्यवस्थाएं

रायपुर  । असल बात न्यूज।

गृह एवं जेल मंत्री  ताम्रध्वज साहू ने बताया कि राज्य शासन द्वारा प्रदेश की जेलों को सुधार गृह के रूप में परिवर्तित कर बंदियों के लिए अनेक कल्याणकारी योजनाएं चलाई जा रही है। योजनाओं के जरिए बंदियों की सुरक्षित अभिरक्षा एवं व्यवस्थापन के साथ ही उनके स्वास्थ्य, शिक्षा, मनोरंजन पर विशेष ध्यान दिया जा रहा है। जेलों में बंदियों को विधिक सहायता उपलब्ध कराने के साथ ही उनके पुनर्वास के लिए व्यवसायिक प्रशिक्षण भी दिया जा रहा है।
    मंत्री श्री साहू ने बताया कि राज्य में पांच केन्द्रीय जेल, 12 जिला जेल और 16 उपजेल है। सभी जेलों में बंदियों पर निगरानी रखने के लिए सी.सी.टीव्ही कैमरा की व्यवस्था की गई है। प्रदेश के सभी जेलों में सोलर पॉवर एडवांस सिक्यूरिटी फेंसिंग कराया जा चुका है। जेल गेट एवं जेल के अंदर तलाशी के लिए सभी जेलों को हैण्ड हेल्ड मेटर डिटेक्टर उपलब्ध कराएं गए हैं। जेलों को सतत संचार व्यवस्था के लिए वॉकी-टॉकी सेट उपलब्ध कराया गया है, ताकि जेलों की सुरक्षा के संबंध में तत्काल जानकारी प्राप्त की जा सके। आपात स्थिति में संचार-सूचना व्यवस्था के लिए सायरन-हाई रेंज सायरन स्थापित किया गया है।
    मंत्री श्री साहू ने बताया कि बंदियों की सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए केन्द्रीय जेल रायपुर, बिलासपुर, जगदलपुर, अम्बिकापुर और जिला जेल रायगढ़, दंतेवाड़ा, कांकेर एवं उपजेल कटघोरा में मोबाईल सेवा बाधित करने के लिए मोबाईल जैमर की स्थापना की गई है। प्रदेश के सभी सर्किल जेलों रायपुर, बिलासपुर, जगदलपुर, अम्बिकापुर, दुर्ग और जिला जेल कांकेर, दन्तेवाड़ा, धमतरी, राजनांदगांव, बैकुण्ठपुर एवं उपजेल पेण्ड्रारोड, संजरीबालोद, डोंगरगढ़, कटघोरा, बेमेतरा, रामानुजगंज, सूरजपुर एवं मनेन्द्रगढ़ में स्थानीय पुलिस से संबद्ध वायरलेस सेट की स्थापना कराई गई है।
    राज्य के 11 जेलों अम्बिकापुर, जगदलपुर, जशपुर, कोरबा, राजनांदगांव, कांकेर, दन्तेवाड़ा, रामानुजगंज, डोंगरगढ़, गरियाबंद और सूरजपुर के मुख्य दीवार के पास कंसर्टीना वायर फेंसिंग कराई जा चुकी है। इसी तरह केन्द्रीय जेल बिलासपुर के आउटर वाल में 440 वोल्ट लाईव वायर की स्थापना की गई है। इसके साथ ही केन्द्रीय जेल रायपुर एवं दुर्ग में प्रायोगिक तौर पर एक्स-रे बैगेज स्केनर सिस्टम की स्थापना की गई है। राज्य के सभी जेलों में पर्याप्त प्रकाश व्यवस्था के लिए सोलर लाईटिंग सिस्टम, सोलर लैम्प, हाई मास्ट लाईट, सर्च लाईट एवं जनरेटर सेट की व्यवस्था की गई है।