डीजल लोको शेड,रायपुर ने तैयार किया स्क्रेप सामग्री सेआटोमैटिक ई शंटिंग वाहन “स्वयंभू”

 


रायपुर-। असल बात न्यूज।


                दक्षिण पूर्व मध्य रेलवे,रायपुर मंडल के डीजल लोको शेड,रायपुर द्वारा आत्मनिर्भर मन्त्र का अनुकरण करते हुए लोकोमोटिव के डिस्पोजल सामग्री के उपयोग से एक पर्यावरण अनुकूल,स्वचालित ई-शंटिंग वाहन “स्वयंभू’’ का इनोवेशन किया गया है, जिसकी सहायता से शेड के अंदर इंजनों के शंटिंग कार्य को बहुत ही कम समय मे आसानी से पूरा करके शंटिंग कार्य में आवश्यक शंटिंग इंजन तथा लोको शंटर की वचत के साथ वहुमूल्य डीजल की भी वचत की जा रही है, पूर्व मे शेड के अंदर शंटिंग कार्य हेतु एक शंटिंग इंजन तथा लोको लोको शंटर की सहायता से एक इंजिन को दूसरे स्थान पर शंटिंग किया जाता था ।

         इस ई-वाहन स्वयंभू मे कुल 40 लोको बैटरी का प्रयोग सेकंड लाइफ के लिए किया गया है| बैटरी  द्वारा कर्षण मोटर को सप्लाई दी जाती है तथा लोको ट्रोली के एयर ब्रेक सिस्टम का प्रयोग ब्रेकिंग हेतु किया गया । बेहतर जोड़ (Adhesive) के लिए एक मैगनेट वॉल्व की सहायता से सेण्डिंग सिस्टम कार्य करता है।

        इसमे (पेडेंट रिमोट स्विच) Pendant Remote Switch की सहायता से एक कर्मचारी के द्वारा आसानी से शंटिंग कार्य किया जा सकता है| यह वाहन सेफ़्टी को पूर्णतः ध्यान मे रखकर तैयार किया गया है तथा  यदि किसी भी कारण से ऑपरेटर का  कंट्रोल विफल होता है तो ई-वाहन के ब्रेक सिस्टम आटोमैटिक रूप ये  एप्लाई होकर  त्वरित रूप से इस वाहन को रोक देंगे।

           मंडल रेल प्रबंधक रायपुर श्री श्याम सुंदर गुप्ता सहित मुख्य यांत्रिक इंजीनियर (मुख्यालय) बिलासपुर तथा निदेशक मोटिव पावर  आर. डी . एस.  ओ.  लखनऊ के द्वारा अपने शेड  निरीक्षण के अवसर पर इसका परीक्षण  तथा प्रायोगिक प्रदर्शन देखने के पश्चात इस इनोवेशन की प्रशंसा करते हुए शेड कर्मचारियों  की इस हेतु अत्यधिक सराहना करते हुए भविष्य मे इस प्रकार के ई वाहन मे कुछ और मोडीफिकेशन करके इस इनोवेशन का व्यापक उपयोग माइनिंग तथा कोल उधोग  इत्यादी में करके पर्यावरण तथा ईधन की बहुत बड़े स्तर पर वचत की संभावना व्यक्त की गई है । डीजल लोको शेड,रायपुर के वरिष्ठ मंडल यांत्रिक इंजिनियर श्री डी डी सत्पथी ने हर्ष व्यक्त किया।  

           लोकोमोटिव के डिस्पोजल सामग्री के उपयोग से “स्वयंभू’’ के  इनोवेशन में श्री वी. के त्रिपाठी, सिनियर सेक्शन इंजिनियर एवं तकनीशियन टीम में अवधेश मिश्रा, नितिन महाले, पी. काशीपति,टी रामाराव की महत्वपूर्ण भूमिका रही ।