कोरोना कहर, पिछले 24 घंटे में 690 नए संक्रमित, चार की मौत

 दुर्ग ।असल बात न्यूज़। 


दुर्ग जिले में कोरोना के प्रतिदिन जिस तरह से बड़ी संख्या में संक्रमित मिल रहे हैं वह स्थिति चिंताजनक के साथ विचलित कर देने वाली है। छत्तीसगढ प्रदेश में अभी सबसे ज्यादा दुर्ग जिले में ही कोरोना के संक्रमित मिल रहे हैं। पिछले साल के दौरान जब कोरोना के संक्रमण के फैलाव की शुरुआत हुई थी राजधानी रायपुर इस से सबसे ज्यादा प्रभावित था। अभी रायपुर जिले में भी कोरोना के संक्रमण का फैलाव तेज गति से हो रहा है लेकिन उससे ज्यादा प्रभावित दुर्ग जिला दिख रहा है। दुर्ग जिले में इस महीने के 10 मार्च के बाद से कोरोना की रफ्तार जिस तरह से तेज हुई है वह लगातार बढ़ती ही जा रही है।हर दिन संक्रमित मरीजों की संख्या बढ़ती जा रही है। जिले में पिछले आज 24 घंटों के दौरान  690 संक्रमित मिले हैं। एक दिन पहले 468 संक्रमित मिले थे, मतलब 1 दिन पहले की तुलना में 24 घंटों में ही 222 से अधिक में संक्रमित मिले हैं। इससे समझा जा सकता है कि यहां कोरोना की रफ्तार किस  तेजी से बढ़ रही है। अब लग रहा है कि कोरोना के संक्रमण की रोकथाम और बचाव के लिए शुरू से जो उपाय किए जाने थे, शायद वह नहीं किया जा सका। यह भी कि corona के संक्रमण के फैलाव को  कुछ हल्के में लिया गया। सड़कों पर लगातार दौड़ रहे एंबुलेंस बयान कर रहे हैं कि जिले में कोरोना की रफ्तार कितनी तेज होती जा रही है। कोरोना के संक्रमण का फैलाव 2 महीने पहले कम होने लगा था तो शायद ही कोई विश्वास करने के लिए तैयार रहा होगा कि इसके संक्रमण का फैलाव दोबारा पहले की तरह हो सकता है, और उस हालत में तो बिल्कुल नहीं, जब वैक्सीनेशन का काम शुरू हो गया है और तेज गति से लगातार बढ़ भी रहा है। 

इस पर भी सवाल उठने लगा है कि दुर्ग जिले में कोरोना के संक्रमित इतने अधिक क्यों बढ़ रहे हैं। इसी मार्च महीने में इस जिले में पहले, दूसरे सप्ताह तक कोरोना के संक्रमित प्रतिदिन सिर्फ 60, 70, 80 तक मिल रहे थे। शायद कोरोना के संक्रमण को एक से दूसरे तक फैलने से रोकने में कहीं ना कहीं चूक हुई है। एक ही काम लगातार करते रहने से व्यक्ति उब जाता है थक जाता है। संभवत सैनिटाइजेशन का काम भी प्रभावित हुआ। एक शासकीय अस्पताल के चिकित्सक ने हमे बताया कि sanitization की जिम्मेदारी नगर निगम की है। अस्पताल में कोरोना पॉजिटिव  मिलते हैं तो तुरंत sanitization होना चाहिए। लेकिन बार बार बताने के बावजूद भी ऐसा होता नहीं है। ऐसी व्यवस्था से समझा जा सकता है कि कैसे कैसे हो सकती है। कोरोना की गाइड लाइन में जो बताया गया है मास्क पहनना, दूरी बनाए रखना, निरंतर हाथ धोना , आम लोगों में उसका पालन करने में लापरवाही बढ़ती नजर आने लगी। यह जो स्थिति है कोरोना के संक्रमण के फैलाव में सहायक है। सैनिटाइजर, सैनिटाइजेशन की कोरोना के रोकथाम में महत्वपूर्ण भूमिका मानी गई है। एक संक्रमित से जब दूसरे तक इसका संक्रमण फैलता है तो सेनीटाइजेशन में लापरवाही  को कतई नहीं स्वीकार किया जा सकता है। अभी  दावे के साथ नहीं कहा जा सकता है कि आगे भी sanitization की व्यवस्था में कुछ सुधार हो जाएगा और जहां जरूरत होगी वहां तत्काल sanitization करना शुरू किया जाएगा।

इधर covid-19 के राज्य कंट्रोल एंड कमांड सेंटर ने दुर्ग जिले में पिछले 24 घंटे के भीतर 6 मौत होने की रिपोर्ट दी है। इस जिले में कोरोना के कुल एक्टिव केसेस की संख्या बढ़कर अब 2 हजार 914 हो गई हैं।

कलेक्टर डॉ सर्वेश्वर नरेंद्र भुरे ने आज सेक्टर 9 स्थित जवाहरलाल नेहरू स्मृति चिकित्सालय एवं रिसर्च सेंटर का निरीक्षण किया। यहां पर उन्होंने कोविड केयर की तैयारियों का निरीक्षण किया। कलेक्टर ने यहां पर बेड की संख्या एवं आवश्यक दवाइयों, वेंटीलेटर तथा ऑक्सीजन सप्लाई आदि चीजों की व्यवस्था देखी। यहां पर उन्होंने अस्पताल प्रबंधन से कहा कि कोविड संक्रमण की जिस तरह से जिले में स्थिति बन रही है उसके मुताबिक सेक्टर 9 हॉस्पिटल में पर्याप्त तैयारियां रखें ताकि किसी भी आपात स्थिति से निपटा जा सके। उन्होंने कहा कि डेथ रेट को न्यूनतम रखने के लिए कार्य करना है इसके लिए मरीजों को सर्वोत्तम इलाज उपलब्ध कराने की कोशिश करें। इसके लिए जिला प्रशासन से किसी तरह किसी भी तरह के सहयोग की आवश्यकता हो तो इसके लिए अवगत कराएं। मानव संसाधन अथवा हॉस्पिटल मैनेजमेंट से संबंधित किसी भी तरह की परेशानी हो तो जिला प्रशासन को अवगत कराएं। उन्होंने कहा कि सेक्टर 9 अस्पताल प्रबंधन से समन्वय के लिए नोडल अधिकारी की नियुक्ति की गई है। नोडल अधिकारी से संपर्क कर अस्पताल प्रबंधन की पुख्ता व्यवस्था रखें ताकि अधिकाधिक मरीजों को स्वस्थ किया जा सके। उन्होंने आने वाले दिनों के लिए कोविड केअर से संबंधित तैयारियों के बारे में भी विस्तृत चर्चा की।